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तमिलनाडु: एआईएडीएमके के फ्लैगपोल से बच रही थी महिला, ट्रक ने मारी टक्कर

Tue, 12 Nov 2019 10:30 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोयंबटूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोयंबटूर Published by: Sneha Baluni Updated Tue, 12 Nov 2019 10:30 AM IST
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30-year-old woman riding scooter was hit by ruck when she tried to avoid AIADMK flagpole
ट्रेक ने स्कूटर सवार महिला को मारी टक्कर - फोटो : ANI

तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक 30 साल की महिला को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। स्कूटर पर सवार महिला एआईएडीएमके के सड़क पर पड़े फ्लैगपोल से बचने की कोशिश कर रही थी। तभी ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि उसने ट्रक ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

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यह पहली बार नहीं है जब एआईएडीएमके पार्टी के फ्लैगपोल या बैनर की वजह से कोई महिला दुर्घटना का शिकार हुई हो। इससे पहले सितंबर महीने में एक महिला इंजीनियर को टैंकर ने रौंद दिया था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। 23 साल की इंजीनियर का नाम सुभाश्री था। उसके ऊपर एआईएडीएमके का होर्डिंग गिरा। जिससे वह असंतुलित होकर सड़क पर गिर गई और पीछे से आ रहे टैंकर ने उन्हें रौद दिया। 
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जिस होर्डिंग के गिरने से सुभाश्री की मौत हुई, वह अन्नाद्रमुक पार्षद सी जयगोपाल के बेटे की शादी के लिए लगाया गया था। जिसपर टिप्पणी करते हुए मद्रास उच्च न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि बहू के स्वागत के चक्कर में एक बेटी ने अपनी जान गंवा दी। अदालत ने यह टिप्पणी पार्षद की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान की।

जयगोपाल ने अदालत के समक्ष कहा था कि होर्डिंग लगवाने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। मगर जस्टिस सी.वी. कार्तिकेयन ने उनसे पूछा कि जब आपने कुछ नहीं किया था, तो फिर आखिर क्यों घटना के 12 दिनों के बाद भी वह फरार हो गए थे। जयगोपाल को 27 सितंबर को पुलिस ने कृष्णागिरी जिले में गिरफ्तार किया गया था। 


निचली अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद जयगोपाल ने जमानत के लिए उच्च न्यायालय में अपील की थी। सुभाश्री के पिता रवि ने बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया है। उन्होंने अपनी याचिका में पूरे मामले की जांच एसआईटी विशेष जांच दल से कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने एक करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की है।

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