Sikkim: सिक्किम के लाचेन और लाचुंग में फंसे तीन हजार पर्यटक, चुंगथांग में ITBP का राहत व बचाव अभियान जारी
Sikkim: सिक्किम में मंगन जिले के लाचेन और लाचुंग में अचानक आई बाढ़ में फंसे 3,000 से अधिक पर्यटक सुरक्षित हैं। भारतीय वायुसेना ने एमआई-17 हेलीकॉप्टर से बचाव व राहत अभियान चलाने के कई प्रयास किए, लेकिन खराब मौसम, बादल छाए रहने और लाचेन व लाचुंग घाटी में कम दृश्यता के कारण बागडोगरा और चाटेन से उड़ान भरने में असमर्थ रहा।
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सिक्किम के मंगन जिले के लाचेन और लाचुंग में अचानक आई बाढ़ में फंसे 3,000 से अधिक पर्यटक सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सिक्किम में बाढ़ के बाद लापता हुए सैनिकों के एक समूह में शामिल आठ सैन्य कर्मियों के शव मिले हैं।
सिक्किम में बुधवार को बादल फटने से तीस्ता नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद सेना के 23 जवान लापता हो गये थे। उस दिन बाद में एक सैनिक को बचा लिया गया था। राजनाथ ने कहा कि सिक्किम में अचानक आई बाढ़ में सेना के आठ कर्मियों समेत कई लोगों की मृत्यु होने से बहुत दुखी हूं। शेष 14 सैनिकों और लापता नागरिकों को बचाने के लिए खोजबीन अभियान जारी है।
वहीं, भारतीय सेना ने कहा कि भारतीय सेना सिक्किम में आठ भारतीय सेना के जवानों के दुखद निधन पर हार्दिक संवेदना व्यक्त करती है। दुख की इस घड़ी में हम शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं। सीओएएस और भारतीय सेना के सभी रैंकों ने भी इस दुखद घटना में नागरिक जीवन की हानि पर दुख व्यक्त किया। इस आपदा से प्रभावित स्थानीय आबादी को सुरक्षा, राहत और सहायता प्रदान करने की दिशा में भारतीय सेना के प्रयास पहले की तरह जारी रहेंगे। जान-माल की अपूरणीय क्षति के बावजूद भारतीय सेना सभी आकस्मिकताओं के लिए प्रतिबद्ध और तैयार है।
अधिकारियों ने बताया कि भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने एमआई-17 हेलीकॉप्टर से बचाव व राहत अभियान चलाने के कई प्रयास किए, लेकिन खराब मौसम, बादल छाए रहने और लाचेन व लाचुंग घाटी में कम दृश्यता के कारण बागडोगरा और चाटेन से उड़ान भरने में असमर्थ रहा। उन्होंने बताया कि लाचेन और लाचुंग की सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। जोंगू के रास्ते चुंगथांग के लिए एक वैकल्पिक मार्ग बचाव दलों के आगे बढ़ने के लिए खुलने की प्रक्रिया में है।
तीस्ता ऊर्जा ने चुंगथांग इलाके में पर्यटकों के बचाव और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए एक हेलीकॉप्टर भी प्रदान किया है। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में पहुंची आईटीबीपी की एक टीम फिलहाल चुंगथांग में राहत व बचाव अभियान चला रही है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगन जिले के संबंध में एक मौसम पूर्वानुमान में कहा कि अगले पांच दिनों में जिले के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका है। आईएमडी ने अगले पांच दिनों तक लाचेन और लाचुंग में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने का अनुमान जताया है।
राज्य की एजेंसियों के साथ एनडीआरएफ की टीमें सिंगतम, बरडांग और रंगपो जैसे इलाकों में बचाव अभियान में व्यस्त हैं। हालांकि, बचाव दल उत्तरी सिक्किम, चुंगथांग, लाचेन और लाचुंग के ऊपरी इलाकों तक नहीं पहुंच पाए हैं।
हालांकि, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ राज्य एजेंसियों की छोटी टीमों ने मंगन से चुंगथांग तक ट्रेकिंग की है और नुकसान का आकलन कर रहे हैं और राज्य सरकार को बहुत आवश्यक जानकारी प्रदान कर रहे हैं। मंगन से इंडिया रिजर्व बटालियन के कर्मियों जैसे और बचाव दल शनिवार को चुंगथांग के रास्ते में हैं। चुंगथांग पहुंच चुके बचाव दलों ने सूचित किया है कि चुंगथांग शहर के लगभग 80 फीसदी हिस्से को अचानक आई बाढ़ में नुकसान पहुंचा है।
उत्तरी सिक्किम में बुधवार तड़के ल्होनक झील के ऊपर बादल फटने से तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गई जिसमें सेना के आठ जवानों सहित 27 लोगों की मौत हो गई और 141 लोग लापता हैं। हिमालयी राज्य में अचानक आई बाढ़ में 1,200 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए और 13 पुल भी बह गए।
सिक्किम: बाढ़ से मरने वालों की संख्या हुई तीस
सिक्किम में अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या शनिवार को चार और शव मिलने के बाद बढ़कर 30 हो गई, जबकि पिछले तीन दिनों से लापता बताए जा रहे 62 लोग जीवित पाए गए हैं। सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) ने शनिवार शाम को अपने ताजा बुलेटिन में कहा कि लापता लोगों की संख्या घटकर 81 हो गई है। केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने यहां कहा कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल रविवार से बाढ़ प्रभावित राज्य का दौरा करेगा।