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Tripura: पश्चिमी त्रिपुरा में 27 मोर्टार शैल मिले, 1971 में भारत-पाक युद्ध के समय के हैं
Fri, 19 Jul 2024 12:20 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Fri, 19 Jul 2024 12:20 AM IST
सार
त्रिपुरा में लगभग 50 साल पुराने मोर्टार के गोले पाए गए हैं। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि ये गोल 1971 में भारत-बांग्लादेश युद्ध के समय के हैं।
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मोर्टार शेल की प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : एएनआई / पीटीआई
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विस्तार
त्रिपुरा के पश्चिम त्रिपुरा जिले में गुरुवार को 1971 के भारत-पाक युद्ध काल के कम से कम 27 मोर्टार गोले पाए गए। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि ये गोले तब मिले जब मजदूर दुलाल नामा नाम के एक व्यक्ति के घर पर तालाब की खुदाई कर रहे थे।
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पुलिस ने बताया कि शुरुआत में 12 मोर्टार शैल पाए गए और फिर जब आगे खुदाई के बाद 15 अन्य बरामद किए गए। बमुतिया चौकी के प्रभारी ने कहा, "लगभग 50 साल पुराने मोर्टार के गोले काफी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।"
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सहायक महानिरीक्षक अनंत दास ने मोर्टार के गोले के बरामद होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, "गोले क्षतिग्रस्त हैं, जिससे लेबल नष्ट होने के कारण उनकी सटीक जानकारी नहीं पता हो पा रही है कि ये कहां और कब बनाए गए थे।’'
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वहीं ग्रामीणों का कहना है कि गोले मुक्ति वाहिनी (बांग्लादेश स्वतंत्रता सेनानियों) के सदस्यों द्वारा युद्ध के दौरान जमीन में छिपाए गए थे। लेकिन बाद में वो इसे वापस नहीं ले जा पाए होंगे।