{"_id":"5cb70228bdec22145274bf49","slug":"263-crores-rupees-of-indian-security-forces-dues-on-united-nations","type":"story","status":"publish","title_hn":"शांति मिशन में शामिल भारतीय सुरक्षाबलों का 263 करोड़ रुपये यूएन पर बकाया, तीसरे नंबर पर पाक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
शांति मिशन में शामिल भारतीय सुरक्षाबलों का 263 करोड़ रुपये यूएन पर बकाया, तीसरे नंबर पर पाक
Wed, 17 Apr 2019 04:08 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 17 Apr 2019 04:08 PM IST
विज्ञापन
यूएन मिशन में भारतीय सैनिक
- फोटो : UN Peacekeeping
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विभिन्न देशों में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों में शामिल भारतीय सुरक्षाबलों का लगभग 263 करोड़ रुपये बकाया है। इस राशि मे पाकिस्तान तीसरे स्थान पर है। उसका 194 करोड़ रुपये यूएन पर बकाया है।यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी 2018-19 के रिपोर्ट में सामने आई है।
यूएन के शांति मिशनों में विभिन्न देशों के सुरक्षाबल काम करते हैं जिन्हें अपनी हिस्सेदारी के बदले यूएन एक निश्चित रकम देता है। लेकिन, यूएन ने भारत को लंबे समय से भुगतान नहीं किया है।
नकदी संकट का सामना कर रहे यूएन के इस रिपोर्ट के अनुसार भारत के बाद रवांडा, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की सबसे ज्यादा फीस बकाया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियों गुटेरस ने भी यूएन के खराब होती वित्तीय स्थिति पर चिंता जाहिर की थी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अगर ऐसी परिस्थितियां आगे भी बनी रहीं तो जून 2019 तक यह बकाया राशि 4070 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। इस सूची में भारत के 263 करोड़, रवांडा के 215 करोड़, पाकिस्तान के 194 करोड़, बांग्लादेश के 173 करोड़ और नेपाल के 159 करोड़ बकाया है।
एक रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र के पास 2010 के आखिर तक 2852 करोड़ रुपए की नकदी थी। लेकिन, 2018 के आखिर में यह घटकर 2236 करोड़ रुपए रह गई। जो दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है। पिछले आठ साल में 5088 करोड़ की नकदी कम हो गई।
विज्ञापन
यूएन के शांति मिशनों में विभिन्न देशों के सुरक्षाबल काम करते हैं जिन्हें अपनी हिस्सेदारी के बदले यूएन एक निश्चित रकम देता है। लेकिन, यूएन ने भारत को लंबे समय से भुगतान नहीं किया है।
विज्ञापन
नकदी संकट का सामना कर रहे यूएन के इस रिपोर्ट के अनुसार भारत के बाद रवांडा, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की सबसे ज्यादा फीस बकाया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियों गुटेरस ने भी यूएन के खराब होती वित्तीय स्थिति पर चिंता जाहिर की थी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अगर ऐसी परिस्थितियां आगे भी बनी रहीं तो जून 2019 तक यह बकाया राशि 4070 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। इस सूची में भारत के 263 करोड़, रवांडा के 215 करोड़, पाकिस्तान के 194 करोड़, बांग्लादेश के 173 करोड़ और नेपाल के 159 करोड़ बकाया है।
एक रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र के पास 2010 के आखिर तक 2852 करोड़ रुपए की नकदी थी। लेकिन, 2018 के आखिर में यह घटकर 2236 करोड़ रुपए रह गई। जो दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है। पिछले आठ साल में 5088 करोड़ की नकदी कम हो गई।