लॉकडाउन: नेपाल में फंसे झारखंड के 26 प्रवासी मजदूर पहुंचे दुमका, कोरोना की जांच में 5 निकले संक्रमित
झारखंड के 26 मजदूर नेपाल के सिंधुपालचक जिले के गौरी गांव में फंस गए थे और वहां से उन्होंने एक वीडियो संदेश भेजकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से स्वदेश लाए जाने की अपील की थी। इसके बाद झारखंड सरकार ने नेपाल सरकार से बात की और सभी मजदूरों को वापस हुला लिया गया। इनमे से पांच श्रमिक कोरोना से संकम्रित पाए गए हैं।
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नेपाल में इन दिनों कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में देश की सरकार ने लॉकडाउन लागू किया हुआ है, जिस कारण वहां भारत के कई प्रवासी मजदूर फंसकर रह गए थे। हालांकि, अब नेपाल में फंसे मजदूरों को भारत में सकुशल वापस बुला लिया गया है। झारखंड के दुमका के 26 प्रवासी मजदूर शनिवार (22 मई) की रात लगभग सवा नौ बजे नेपाल से दुमका पहुंच गए। यहां इनकी कोरोना की जांच कराई गई, जिसमें से पांच श्रमिक कोरोना संक्रमित निकले। ऐसे में उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। अन्य 21 श्रमिकों को दुमका के पास हिजला में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में क्वारंटीन में भेज दिया गया है।
रैपिड एंटीजेन जांच में पांच मजदूर निकले कोरोना पॉजिटिव
इन 26 श्रमिकों को शनिवार की सुबह साढ़े दस बजे नेपाल की सीमा से लेकर झारखंड के दुमका के लिए रवाना हुए दंडाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि भारत की सीमा में पहुंचने पर झारखंड के श्रमिकों की रैपिड एंटीजेन जांच कराई गई थी, जिसमें से पांच श्रमिकों को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया। कुमार ने आगे बताया कि अब रविवार (23 मई) को इन सभी श्रमिकों की आरटीपीसीआर समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी जांच भी कराई जाएंगी।
दुमका के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनंत कुमार झा ने बताया कि सभी श्रमिकों की दुमका पहुंचने पर स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जांच जारी है और इन जांचों के आधार पर ही उनके स्वास्थ्य लाभ की व्यवस्था की जाएगी। इससे पूर्व शुक्रवार (21 मई) की शाम झारखंड सरकार के प्रवक्ता ने बताया था कि नेपाल में भारतीय दूतावास की पहल पर सिंधुपालचक जिले के गौरी गांव में फंसे झारखंड के दुमका और आसपास के रहने वाले 26 प्रवासी मजदूरों को भारत वापस लाने की व्यवस्था की जा चुकी है और नेपाल की सीमा से इन प्रवासी मजदूरों को लेने के लिए दुमका से एक बस और एंबुलेंस और डॉक्टर रवाना किए गए थे।
नेपाल की प्रशासन का मिल रहा साथ
राज्य सरकार के अधिकारियों ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की पहल पर सरकार ने इन प्रवासी मजदूरों की सकुशल वापसी की दिशा में तीव्र गति से एक्शन लिया। इस संबंध में नेपाल सरकार के सक्षम पदाधिकारियों से राज्य सरकार ने बात की, जिसके बाद नेपाल मजदूरों की वापसी संभव हुई। बताते चलें कि नेपाल गए इन मजदूरों ने खुद सरकार से वतन वापस आने की इच्छा जताई थी। श्रमिकों ने एक वीडियो संदेश भेजकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से स्वदेश लाए जाने की अपील की थी।