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अलीगढ में 250 दलितों ने किया इस्लाम धर्म अपनाने का एलान
ब्यूरो/अमर उजाला,अलीगढ
Updated Mon, 22 May 2017 05:25 AM IST
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लोधा थाना क्षेत्र में 16 मई को नाली निर्माण को लेकर हुए जातीय संघर्ष के बाद गांव केशोपुर जोफरी के दलित परिवारों ने इस्लाम धर्म अपनाने का ऐलान कर दिया है। दलितों का कहना है कि पुलिस ने उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की है। गांव पहुंचे एसडीएम कोल सहित अन्य अधिकारियों ने दलितों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। गांव में तनाव बरकरार है।
रविवार को दलितों ने गांव के ही तालाब में देवी देवताओं की मूर्तियों एवं कैलेंडरों को रख कर प्रदर्शन किया। दलितों का कहना था कि उनके साथ इंसाफ नहीं हुआ, तो वे इस्लाम धर्म अपना लेंगे। दोपहर के समय कई घंटों तक प्रदर्शन चलता रहा।
दलितों ने बताया कि 16 मई को गांव में ही एक नाली बनाने को लेकर उनका सवर्ण समुदाय के लोगों से विवाद हो गया था। नाली जानबूझ कर उनके घर, मंदिर की ओर निकाली जा रही है, जिसका विरोध करने पर सवर्ण समुदाय के लोगों ने उनके घरों में घुस कर मारपीट की थी।
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पुलिस ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए उन पर ही छेड़खानी की धारा लगा दी। वहीं सवर्ण पक्ष का आरोप था कि गालीगलौज और मारपीट की शुरुआत दलित पक्ष की ओर से हुई है। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर एसडीएम कोल डा. पंकज वर्मा अन्य अधिकारियों के साथ गांव पहुंचे और दलितों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने और अपनी बात पर अडिग रहे।
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रविवार को दलितों ने गांव के ही तालाब में देवी देवताओं की मूर्तियों एवं कैलेंडरों को रख कर प्रदर्शन किया। दलितों का कहना था कि उनके साथ इंसाफ नहीं हुआ, तो वे इस्लाम धर्म अपना लेंगे। दोपहर के समय कई घंटों तक प्रदर्शन चलता रहा।
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दलितों ने बताया कि 16 मई को गांव में ही एक नाली बनाने को लेकर उनका सवर्ण समुदाय के लोगों से विवाद हो गया था। नाली जानबूझ कर उनके घर, मंदिर की ओर निकाली जा रही है, जिसका विरोध करने पर सवर्ण समुदाय के लोगों ने उनके घरों में घुस कर मारपीट की थी।
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पुलिस ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए उन पर ही छेड़खानी की धारा लगा दी। वहीं सवर्ण पक्ष का आरोप था कि गालीगलौज और मारपीट की शुरुआत दलित पक्ष की ओर से हुई है। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर एसडीएम कोल डा. पंकज वर्मा अन्य अधिकारियों के साथ गांव पहुंचे और दलितों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने और अपनी बात पर अडिग रहे।
प्रशासन का तर्क, गलती दोनों पक्षों की
प्रशासन का कहना है कि नाली खोदने वाले पक्ष ने दलितों की बस्ती की ओर नाली खोद दी, जो उचित नहीं था। वहीं दलितों ने इसकी शिकायत पुलिस, 100 नंबर या जिला प्रशासन से करने की जगह खुद ही कानून हाथ में लिया।
किसी भी हाल में शांति और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। धर्म परिवर्तन के ऐलान को अनावश्यक तूल दिया जा रहा है। कुछ लोग मामले को शांत नहीं होने देना चाहते हैं। दलित पक्ष की ओर से धारा 354 हटाने की मांग पर रविवार को प्रदर्शन किया गया था। मामले की विवेचना कर रहे सीओ इस बाबत निर्णय करेंगे। दलितों से कहा गया है कि वह अपने साक्ष्य सीओ के समक्ष प्रस्तुत करें, तभी धारा हटाई जा सकती है। धरना प्रदर्शन किसी समस्या का समाधान नहीं है।
- डा. पंकज वर्मा, एसडीएम कोल
दलित समाज के कुछ लोगों ने इस्लाम धर्म अपनाने का ऐलान किया है। पुलिस कार्रवाई में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। जो दोषी हैं, सिर्फ उन्हीं पर कार्यवाही हो रही है।
- अनिल कुमार, सीओ गभाना
किसी भी हाल में शांति और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। धर्म परिवर्तन के ऐलान को अनावश्यक तूल दिया जा रहा है। कुछ लोग मामले को शांत नहीं होने देना चाहते हैं। दलित पक्ष की ओर से धारा 354 हटाने की मांग पर रविवार को प्रदर्शन किया गया था। मामले की विवेचना कर रहे सीओ इस बाबत निर्णय करेंगे। दलितों से कहा गया है कि वह अपने साक्ष्य सीओ के समक्ष प्रस्तुत करें, तभी धारा हटाई जा सकती है। धरना प्रदर्शन किसी समस्या का समाधान नहीं है।
- डा. पंकज वर्मा, एसडीएम कोल
दलित समाज के कुछ लोगों ने इस्लाम धर्म अपनाने का ऐलान किया है। पुलिस कार्रवाई में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। जो दोषी हैं, सिर्फ उन्हीं पर कार्यवाही हो रही है।
- अनिल कुमार, सीओ गभाना