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इस बार बिना पुरुष सहयोगियों के 2340 मुस्लिम महिलाएं करेंगी हज यात्रा
Sun, 09 Jun 2019 07:01 PM IST
Gaurav Pandey
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sun, 09 Jun 2019 07:01 PM IST
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फाइल फोटो
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केंद्र सरकार के विशेष अनुरोध पर सऊदी अरब ने भारत का हज कोटा बढ़ाकर दो लाख कर दिया था। यही कारण है कि इस वर्ष भारत से रिकॉर्ड दो लाख हज यात्री हज करने के लिए जा रहे हैं। इसमें 48 फीसदी महिलाएं हैं, जबकि बिना पुरुष सहयोगियों (मेहरम) के हज यात्रा पर जाने वाली महिलाओं की संख्या 2340 है। यह अपने आपमें एक बड़ी उपलब्धि बताई जा रही है। हज यात्रियों की पहली खेप चार जुलाई को दिल्ली, गया और श्रीनगर सहित कई स्थानों से रवाना होगी।
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केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मुंबई में इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि लगभग एक लाख चालीस हजार हज यात्रियों को हज कमेटी के द्वारा ले जाया जाएगा, जबकि शेष यात्रियों को हज यात्रा कराने वाले निजी संगठनों की मदद से ले जाया जाएगा। नकवी के मुताबिक हाजियों की स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए मक्का में 11 और मदीना में तीन हेल्थ सेंटर बनाए गए हैं। दोनों जगहों पर एक-एक अस्पताल भी बनाया गया है।
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नकवी के मुताबिक हज यात्रा की पूरी प्रक्रिया डिजिटल कर दी गई है। इससे हज यात्रा की प्रक्रिया पूरी करने में और सूचनाओं के आदान-प्रदान में यात्रियों को बहुत सुविधा हुई है। प्रक्रिया डिजिटल होने से यात्रा सस्ती भी हुई है क्योंकि इसके पहले दस्तावेज जमा करने, चेकिंग और वेरिफिकेशन में बहुत समय और धन खर्च करना पड़ता था।
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