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Hindi News ›   India News ›   22nd Law Commission seeks views from public, religious bodies on Uniform Civil Code

Uniform Civil Code: सार्वजनिक व धार्मिक संगठनों से 30 दिनों में मांगे गए सुझाव, विधि आयोग ने शुरू की कवायद

Wed, 14 Jun 2023 09:15 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 14 Jun 2023 09:15 PM IST
सार

Uniform Civil Code: भारत के 22वें विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता के बारे में बड़े पैमाने पर जनता और मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठनों के विचारों को जानने का फिर से फैसला किया है। जो लोग इच्छुक हैं वे नोटिस की तारीख से 30 दिनों की अवधि के भीतर अपने विचार आयोग को भेज सकते हैं।

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22nd Law Commission seeks views from public, religious bodies on Uniform Civil Code
समान नागरिक संहिता - फोटो : Istock

विस्तार

विधि आयोग ने बुधवार को समान नागरिक संहिता के मसले पर नए सिरे से परामर्श मांगने की प्रक्रिया शुरू की है। आयोग ने सार्वजनिक व धार्मिक संगठनों से इस मुद्दे पर राय मांगी है। केंद्र ने एक बयान में कहा, ''शुरू में भारत के 21वें विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता पर विषय की पड़ताल की थी और 07.10.2016 की प्रश्नावली और उसके बाद 19.03.2018, 27.03.2018 और 10.4.2018 की सार्वजनिक अपील/नोटिस के साथ अपनी अपील के माध्यम से सभी हितधारकों के विचार मांगे थे।

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21वें विधि आयोग ने परिवार कानूनों में सुधार की कही थी बात 

बयान में कहा गया है, ''पूर्व की कवायदों के तहत आयोग को भारी प्रतिक्रियाएं मिली हैं। 21वें विधि आयोग ने 31.08.2018 को "परिवार कानून के सुधार" पर परामर्श पत्र जारी किया है। चूंकि उक्त परामर्श पत्र जारी करने की तारीख से तीन साल से अधिक समय बीत चुका है, इस विषय की प्रासंगिकता और महत्व और इस विषय पर विभिन्न अदालती आदेशों को ध्यान में रखते हुए, भारत के 22 वें विधि आयोग ने इस विषय पर नए सिरे से विचार-विमर्श करना उचित समझा है। आयोग ने लोगों को अगले 30 दिनों में समान नागरिक संहिता पर अपने सुझाव भेजने के लिए नोटिस जारी किया है।"

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इच्छुक संगठन 30 दिनों के भीतर दे सकते हैं अपना सुझाव

भारत के 22वें विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता के बारे में बड़े पैमाने पर जनता और मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठनों के विचारों को जानने का फिर से फैसला किया है। जो लोग इच्छुक हैं वे नोटिस की तारीख से 30 दिनों की अवधि के भीतर अपने विचार आयोग को भेज सकते हैं।

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