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212वीं भानु जयंतीः CM तमांग बोले- मातृभाषा आत्मा से जोड़ती है, अंग्रेजी दुनिया से, संस्कृति समाज की असली ताकत

Tue, 14 Jul 2026 09:59 PM IST
एन अर्जुन अमर उजाला ब्यूरो, गंगटोक
अमर उजाला ब्यूरो, गंगटोक Published by: एन अर्जुन Updated Tue, 14 Jul 2026 09:59 PM IST
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212th Bhanu Jayanti: CM Tamang says mother tongue connects one to the soul while English connects to world
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग - फोटो : एक्स

सिक्किम के सोरेंग जिले में आयोजित 212वीं भानु जयंती के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि किसी समाज की महानता केवल सड़कों और भवनों जैसी आधारभूत संरचनाओं से नहीं, बल्कि उसकी भाषा, संस्कृति, साहित्य, शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द से तय होती है।

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उन्होंने नेपाली साहित्य के आदिकवि भानुभक्त आचार्य को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भानु जयंती केवल एक महान कवि की जयंती नहीं, बल्कि नेपाली भाषा, साहित्य, संस्कृति और साझा पहचान का उत्सव है। भानुभक्त आचार्य ने नेपाली भाषा को जन-जन की भाषा बनाया और उसे लोगों की भावनाओं, सपनों और सांस्कृतिक विरासत को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम बनाया मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिक्किम की सभी भाषाओं, साहित्य और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। 
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उन्होंने कहा कि राज्य की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और प्रत्येक भाषा तथा समुदाय सिक्किम की पहचान को और समृद्ध बनाता है। उन्होंने कहा कि एक भाषा का सम्मान दूसरी भाषा के महत्व को कम नहीं करता, बल्कि सभी भाषाएं मिलकर सिक्किम की आत्मा का निर्माण करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष सोरेंग जिले में राज्य स्तरीय भानु जयंती समारोह का आयोजन केवल स्थान परिवर्तन नहीं, बल्कि यह संदेश है कि राज्य के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों का लाभ सभी जिलों को मिलना चाहिए। इससे प्रत्येक क्षेत्र और समुदाय को अपनी सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
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उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नर बहादुर भंडारी को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नेपाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने में उनका ऐतिहासिक योगदान रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और प्रयास आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपनी मातृभाषा के प्रति प्रेम और सम्मान बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आज के दौर में अंग्रेजी सीखना आवश्यक है क्योंकि वह दुनिया से जोड़ती है, लेकिन मातृभाषा व्यक्ति को उसकी आत्मा और जड़ों से जोड़ती है। उन्होंने लोगों से भानु जयंती को केवल नेपाली भाषा के उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि सिक्किम की एकता, सद्भाव और साझा सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक के रूप में मनाने का आह्वान किया।
 
भानु जयंती समारोह के प्रमुख संदेश
-भाषा और संस्कृति समाज की असली ताकत हैं।
-अंग्रेजी दुनिया से, मातृभाषा आत्मा से जोड़ती है।
-सिक्किम की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति।
-सभी भाषाओं और समुदायों के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध।
-नेपाली भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने में नर बहादुर भंडारी के योगदान को याद किया।
-राज्य के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजन अब विभिन्न जिलों में आयोजित किए जाएंगे।
 

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