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कड़ाके की ठंड के बावजूद 7वां सबसे गर्म साल रहा 2019, आसमान से बरसी थी आग
Tue, 07 Jan 2020 06:38 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 07 Jan 2020 06:38 AM IST
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2019 year 7th warmest year recorded in India since 1901
- फोटो : अमर उजाला
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देशभर में अभी भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दिल्ली के कुछ इलाकों में सोमवार को हल्की बूंदा बांदी हुई। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार से एक बार फिर मौसम करवट बदल सकता है। मंगलवार और बुधवार को बारिश व ओलावृष्टि की संभावना है। इससे तापमान में फिर से गिरावट होगी और ठंड बढ़ेगी। वहीं, दूसरी तरफ भारतीय मौसम विभाग ने साल 2019 को 1901 के बाद से अब तक का सातवां सबसे गर्म साल बताया है।
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भारत में 2016 सर्वाधिक गर्म वर्ष दर्ज किया गया था जबकि 2019 उसकी तुलना में काफी कम गर्म रहा। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि साल 2019 सबसे गर्म, सबसे ज्यादा बारिश और सबसे ज्यादा आंधी तूफान इन तीनों के लिए भी जाना जाएगा।
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मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में भूस्खलन, बाढ़, गर्म हवाएं और आंधी-तूफान के चलते 1,562 लोगों की मौत हो गई। 2019 में बिहार राज्य ने मौसम की सबसे बुरी मार झेली। बिहार में भारी बारिश, बाढ़, गर्मी, बिजली, तूफान और ओलावृष्टि के चलते 650 लोगों की जान गई।
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मौसम विभाग की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2019 में भारतीय सागरों में आठ चक्रवाती तूफान भी तैयार हुए। एक तरफ साल 2019 में जहां गर्मी अपने चरम पर रही वहीं बारिश भी खूब हुई। बता दें कि इसके पहले भी 2009 से लेकर 2018 को सबसे गर्म दशक बताया गया था।
प्री मॉनसून, मॉनसून और पोस्ट मॉनसून सीजन में भारी बारिश और बाढ़ के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में 850 लोगों की जान गई। इसमें भी सबसे ज्यादा बिहार में 306 लोगों की मौत हुई। इसके बाद महाराष्ट्र में 136, उत्तर प्रदेश में 107, केरल में 88, राजस्थान में 80 और कर्नाटक में 43 लोगों की जान चली गईं।
2019 में देशभर में औसत वार्षिक हवा का तापमान सामान्य से 0.36 डिग्री सेल्सियस से अधिक था। साल 2016 का सबसे गर्म रिकॉर्ड था जब औसत तापमान 0.71 डिग्री सेल्सियस से अधिक था। प्री-मॉनसून और मानसून के मौसम में तापमान में 0.39 डिग्री सेल्सियस से अधिक और 0.58 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा, जिसकी वजह से गर्मी अधिक रही।