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Hindi News ›   India News ›   2008 Malegaon Blast: Accused seeks action against ex-ATS officer for falsely implicating co-accused

Malegaon Blast: आरोपी का सनसनीखेज दावा, एटीएस अधिकारी ने प्लांट किए थे सबूत, कार्रवाई की मांग

Tue, 13 Jun 2023 04:34 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 13 Jun 2023 04:34 AM IST
सार

Malegaon Blast Case: मालेगांव विस्फोट-2008 मामले में एक आरोपी ने एटीएस के एक पूर्व अधिकारी के खिलाफ इस मामले में एक सह-आरोपी को कथित रूप से झूठा फंसाने के लिए कार्रवाई की मांग की है। .

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2008 Malegaon Blast: Accused seeks action against ex-ATS officer for falsely implicating co-accused
मालेगांव विस्फोट-2008 (फाइल फोटो)। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मालेगांव विस्फोट-2008 मामले में एक आरोपी ने सोमवार को यहां एक विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया और महाराष्ट्र आतंकवाद-रोधी दस्ते (Maharashtra ATS) के एक पूर्व अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोपी ने अधिकारी पर सनसनीखेज आरोप लगाया है।

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अदालत ने NIA से मांगा जवाब 
विशेष अदालत में दायर याचिका में आरोपी ने कहा कि मुकदमे के दौरान रिकॉर्ड में लाए गए सबूतों से पता चलता है कि उन्होंने एक सह आरोपी के घर में सबूत प्लांट किए थे। आरोपी ने एटीएस के एक पूर्व अधिकारी के खिलाफ इस मामले में एक सह-आरोपी को कथित रूप से झूठा फंसाने के लिए कार्रवाई की मांग की है। अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा।
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आरोपी समीर कुलकर्णी ने दायर की याचिका
विशेष न्यायाधीश एके लाहोटी (AK Lahoti) के समक्ष दायर अपनी याचिका में आरोपी समीर कुलकर्णी ने दावा किया कि तीन नवंबर, 2008 को सह-आरोपी सुधाकर चतुर्वेदी के घर पर अधिकारी को देखने का दावा करने वाले दो गवाहों के बयान से पता चलता है कि पूर्व एटीएस अधिकारी ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और एक गंभीर अपराध किया। याचिका में अधिकारी के खिलाफ कानून के प्रावधानों के अनुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
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महाराष्ट्र एटीएस ने आरोप लगाया था कि चतुर्वेदी के आवास पर बम इकट्ठा किया गया था, जहां से उसे आरडीएक्स के निशान मिले थे। बता दें कि महाराष्ट्र एटीएस ने ही शुरुआत में मामले की जांच की थी। बाद में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले को अपने हाथ में ले लिया और एक पूरक आरोप पत्र दायर किया, जिसमें कहा गया कि एटीएस के एक पूर्व अधिकारी ने एक आरोपी के घर में सबूत प्लांट किए थे।

पूर्व एटीएस अधिकारी ने बताया बदनाम करने की साजिश
हालांकि, संबंधित अधिकारी ने पिछले सप्ताह अदालत के समक्ष अपने बयान के दौरान चतुर्वेदी के घर पर दो गवाहों द्वारा देखे जाने से इनकार किया। उन्होंने इन आरोपों का भी खंडन किया कि उन्होंने घर में आरडीएक्स (विस्फोटक) लगाया था और बाद में वह एटीएस अधिकारियों की एक टीम के साथ वहां तलाशी के लिए गए, जहां यह दावा किया गया कि एक डेटोनेटर और टाइमर के साथ आरडीएक्स के निशान पाए गए थे। पूर्व एटीएस अधिकारी ने दावा किया कि उन्हें बदनाम करने की साजिश थी और आरोप बाद में लगाए गए थे।


विशेष एनआईए अदालत ने लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर और पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों, आपराधिक साजिश और हत्या सहित अन्य रोप तय किए जाने के बाद मामले की सुनवाई 2018 में शुरू की थी। बता दें कि 29 सितंबर, 2008 को मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर उत्तरी महाराष्ट्र के मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में बंधे एक विस्फोटक उपकरण में विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक घायल हो गए थे।

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