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महाराष्ट्र: जयपुर से आए 200 घोड़ों और 125 घुड़सवारों को 22 दिनों के लिए लॉकडाउन में रखा गया
Sat, 11 Apr 2020 04:53 PM IST
श्रीधर मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Sat, 11 Apr 2020 04:53 PM IST
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Amateur Riders' Club: साकेंतिक
- फोटो : Amateur Riders' Club Instagram
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देशभर में लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र के महालक्ष्मी रेस कोर्स में एमेच्योर राइडर्स क्लब (ARC) में पोलो सीजन को अचानक से बंद कर दिया गया था। इसके सभी मैच तुरंत खत्म कर दिए गए थे। हालांकि, अर्जेंटीना और ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और अंपायर्स को समय से पहले ही इनके देशों में वापस भेज दिया गया था। लेकिन जयपुर से आए 200 घोड़े और 125 घुड़सवार लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र के रेसकोर्स में फंसे हुए हैं। दरअसल कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए किए गए लॉकडाउन के चलते ये यहां फंस गए हैं।
हालांकि, इस दौरान एआरसी ने 22 दिनों तक घोड़ों और घुड़सवारों की देखभाल करने की व्यवस्था की है, लेकिन लॉकडाउन के बढ़ने की संभावना अब इनके लिए चिंता का कारण बन रही है। क्लब ने घोड़ों के लिए अस्थायी अस्तबल का निर्माण किया है और घुड़सवारों को सभी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। घोड़ों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए एआरसी की तरफ से परिसर में कॉल ऑन सर्विस और एक कंपाउंडर की सुविधा सुनिश्चित की गई है। हालांकि, इस दौरान कोई भी सदस्य घोड़ों की सवारी नहीं कर सकता है। इसके अलावा किसी भी सदस्य को क्लब में जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
इस मामले पर एआरसी के अध्यक्ष श्याम मेहता ने कहा, “घोड़ों और घुड़सवारों की देखभाल के लिए हमारे पास मौजूद हर संसाधन समर्पित है। मौजूदा हालात को देखते हुए, हम जरूरी सुरक्षा मानकों को बनाए हुए हैं। इसके साथ ही अस्थायी और स्थायी अस्तबलों के भीतर और आसपास उचित स्वास्थ्य और स्वच्छता सुनिश्चित कर रहे हैं।”मेहता ने आगे कहा, "शुरुआत में, घोड़ों के लिए चारा और घास को सुरक्षित करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन प्रबंध समिति ने समय पर इसकी व्यवस्था की।"
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बता दें कि 1942 में स्थापित ARC (एमेच्योर राइडर्स क्लब) भारत का सबसे पुराना सिविलियन घुड़सवारी क्लब है। एआरसी पोलो मैदान और एक फ्लड लाइट राइडिंग एरीना का मालिक है। यह महाराज प्रेम सिंह ट्रॉफी और आदित्य बिड़ला मेमोरियल कप जैसे टूर्नामेंट आयोजित करता है। यह वार्षिक मुंबई हॉर्स शो की भी मेजबानी करता है, जिसमें हॉर्स पोलो, शो-जंपिंग और ड्रेसेज जैसे इवेंट्स होते हैं।
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हालांकि, इस दौरान एआरसी ने 22 दिनों तक घोड़ों और घुड़सवारों की देखभाल करने की व्यवस्था की है, लेकिन लॉकडाउन के बढ़ने की संभावना अब इनके लिए चिंता का कारण बन रही है। क्लब ने घोड़ों के लिए अस्थायी अस्तबल का निर्माण किया है और घुड़सवारों को सभी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। घोड़ों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए एआरसी की तरफ से परिसर में कॉल ऑन सर्विस और एक कंपाउंडर की सुविधा सुनिश्चित की गई है। हालांकि, इस दौरान कोई भी सदस्य घोड़ों की सवारी नहीं कर सकता है। इसके अलावा किसी भी सदस्य को क्लब में जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
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इस मामले पर एआरसी के अध्यक्ष श्याम मेहता ने कहा, “घोड़ों और घुड़सवारों की देखभाल के लिए हमारे पास मौजूद हर संसाधन समर्पित है। मौजूदा हालात को देखते हुए, हम जरूरी सुरक्षा मानकों को बनाए हुए हैं। इसके साथ ही अस्थायी और स्थायी अस्तबलों के भीतर और आसपास उचित स्वास्थ्य और स्वच्छता सुनिश्चित कर रहे हैं।”मेहता ने आगे कहा, "शुरुआत में, घोड़ों के लिए चारा और घास को सुरक्षित करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन प्रबंध समिति ने समय पर इसकी व्यवस्था की।"
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बता दें कि 1942 में स्थापित ARC (एमेच्योर राइडर्स क्लब) भारत का सबसे पुराना सिविलियन घुड़सवारी क्लब है। एआरसी पोलो मैदान और एक फ्लड लाइट राइडिंग एरीना का मालिक है। यह महाराज प्रेम सिंह ट्रॉफी और आदित्य बिड़ला मेमोरियल कप जैसे टूर्नामेंट आयोजित करता है। यह वार्षिक मुंबई हॉर्स शो की भी मेजबानी करता है, जिसमें हॉर्स पोलो, शो-जंपिंग और ड्रेसेज जैसे इवेंट्स होते हैं।