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बिगड़े हालात : भर्ती होने के बाद 7 से 12 घंटे में 20 फीसदी मरीजों की मौत
Fri, 23 Apr 2021 07:20 AM IST
Jeet Kumar
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 23 Apr 2021 07:20 AM IST
सार
- दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, कोच्चि, लखनऊ, चंडीगढ़, रायपुर भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में ऑक्सीजन की मांग 40 % तक बढ़ गई है ।
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सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : PTI
विस्तार
नासिक की तरह अब देश के दूसरे शहरों में भी ऑक्सीजन की कमी से सांसों पर संकट आ चुका है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि संक्रमण से मरने वालों में पांच से छह फीसदी ऐसे हैं जो कि अस्पताल पहुंचने से ही पहले दम तोड़ गए।
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वहीं अस्पताल में भर्ती होने के 7 से 12 घंटे के बीच 20 % की मौत हुई है। पिछले एक दिन की स्थिति देखें तो देश में 2104 लोगों की मौत हुई है यानी हर एक मिनट में एक से अधिक मरीज ने दम तोड़ दिया।
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यह स्थिति पिछले 15 दिन में अस्पतालों की बिगड़ी व्यवस्था के बाद देखने को मिल रही है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, कोच्चि, लखनऊ, चंडीगढ़, रायपुर भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में ऑक्सीजन की मांग 40 फीसदी तक बढ़ गई है ।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ( एनसीडीसी ) की रिपोर्ट के अनुसार 12 से 21 अप्रैल के बीच देश में कोरोना से हुई मौत में हर पांचवां व्यक्ति अस्पताल में भर्ती होने के 12 घंटे में ही दम तोड़ गया, जबकि इससे पहले के सप्ताहों में स्थिति यह थी कि 25 से 30 फीसदी मौतें भर्ती होने के 48 घंटे में हो रही थीं।
ऑक्सीजन की कमी एक बड़ी वजह बनी ... रिपोर्ट के अनुसार ज्यादातर शहरों में स्थिति लगभग एक समान है। अस्पतालों में ब्रॉट डेड ( मृत अवस्था ) में पहुंचने वालों की संख्या भी बढ़ी है। नेशनल टास्क फोर्स के सूत्र ने बताया कि इससे पहले भी एनसीडीसी की रिपोर्ट सामने आई थी जिसके अनुसार भारत में 40 फीसदी मौतें अस्पताल में भर्ती होने के 72 घंटे में हो रही हैं।
वहीं हर चार में से एक मौत अस्पताल में भर्ती होने के 48 घंटे में हुई है लेकिन पिछले कुछ दिनों से ऑक्सीजन की मांग बढ़ने की वजह से इसका बुरा असर अस्पतालों में देखने को मिल रहा है।