फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   1993 train bombings: CBI to challenge Tunda's acquittal in Supreme Court

1993 Train Blast: टुंडा को बरी करने के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती देगी CBI, छह ट्रेनों में हुए थे विस्फोट

Fri, 01 Mar 2024 09:02 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 01 Mar 2024 09:02 PM IST
सार

1993 Train Blast: सीबीआई 1993 के ट्रेन बम धमाकों के मामले में आतंकी अब्दुल करीब टुंडा को बरी करने के अजमेर की विशेष अदालत के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देगी। एजेंसी ने कहा कि मामले में अब तक 12 लोगों को दोषी ठहराया गया है।

विज्ञापन
1993 train bombings: CBI to challenge Tunda's acquittal in Supreme Court
अब्दुल करीम उर्फ टुंडा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) 1993 के ट्रेन बम धमाकों के मामले में आतंकी अब्दुल करीब टुंडा को बरी करने के अजमेर की विशेष अदालत के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देगा। एजेंसी ने कहा कि मामले में अब तक 12 लोगों को दोषी ठहराया गया है। इसमें इरफान अहमद और हमीर-उल-उद्दीन भी शामिल हैं। इन्हें टाडा अदालत के न्यायाधीश महावीर प्रसाद गुप्ता ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई और टुंडा को बरी कर दिया।  

विज्ञापन

एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि वे फैसले का अध्ययन कर रहे हैं। जल्द ही शीर्ष अदालत में अपील दायर की जाएगी। पांच और छह दिसंबर 1993 की रात लखनऊ, कानपुर, हैदराबाद, सूरत और मुंबई में राजधानी एक्सप्रेस सहित लंबी दूरी की छह ट्रेनों में सिलसिलेवार विस्फोट हुए थे। इन धमाकों में दो लोगों की मौत हो गई थी और 22 लोग घायल हो गए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

ये सभी मामले सीबीआई को सौंप दिए गए थे। जिसने इस मामले में पांच अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की थीं। जांच में पता चला था कि कई आतंकियों ने सरकार में खौफ पैदा करने, बड़े पैमाने पर सार्वजनिक रूप से आंतक फैलाने और देश के अलग-अलग हिस्से में चलने वाली ट्रेनों में बम विस्फोट जैसे कृत्यों को अंजाम दिया और  देश के अलग-अलग समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने के मकसद से आपराधिक साजिश रची। 

विज्ञापन

सीबीआई ने 21 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। जिसमें से 15 आरोपियों को बीस साल पहले 28 फरवरी 2004 को टाडा अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उच्चतम न्यायालय ने इनमें से दस दोषियों की सजा बरकरार रखी थी।  

आतंकवादी दाऊद इब्राहिम का करीब सहयोगी टुंडा बाबरी मस्जिद विध्वंस की पहली बरसी पर विस्फोट करने के आरोपियों में से एक है। उसे 2013 में भारत-नेपाल सीमा के पास एक गांव से गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा, 29 फरवरी 2024 को अजमेर की टाडा अदालत ने फैसला सुनाया, जिसके तहत हमीर-उल-उद्दीन और इरफान अहमद नाम के दोषियों को आजीवन कारावास सजा सुनाई गई और एक आरोपी टुंडा बरी कर दिया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed