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1993 मुंबई सीरियल धमाकों के दोषी अब्दुल गनी की मौत, नागपुर जेल में काट रहा था सजा
Thu, 25 Apr 2019 05:15 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
Published by: Gaurav Pandey
Updated Thu, 25 Apr 2019 05:15 PM IST
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मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे अब्दुल गनी तुर्क की गुरुवार को मौत हो गई। तुर्क 2012 से ही नागपुर केंद्रीय जेल में कैद था। उसे देश की आर्थिक राजधानी मुंबईके सेंचुरी बाजार में बम रखने के मामले में दोषी करार दिया गया था।
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उल्लेखनीय है कि सेंचुरी बाजार मुंबई के उन 12 स्थानों में से एक है, जहां 12 मार्च 1993 को बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में कम से कम 257 लोग मारे गए थे। जेल अधीक्षक रानी भोसले ने बताया कि पिछले कुछ समय से तुर्क का स्वास्थ्य अच्छा नहीं था और उसे 22 अप्रैल को सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था।
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उन्होंने बताया कि आज सुबह वह अचेत होकर गिर पड़ा और उसे जीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोपहर पौने एक बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। पिछले साल वह पक्षाघात से ग्रसित हो गया था। जेल अधीक्षक ने बताया कि शव परीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
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बता दें कि 12 मार्च 1993 को मुंबई में 12 जगहों पर सीरियल बम धमाके हुए थे जिसमें 257 लोग मारे गए थे व 718 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इस मामले में बीते सात सितंबर को मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने ताहिर मर्चेंट और फिरोज अब्दुल राशिद खान को मौत की सजा सुनाई थी। मामले में अबू सलेम को उम्रकैद जबकि पांचवें दोषी रियाज सिद्दीकी को 10 साल की सजा सुनाई गई थी।
इससे पहले इस घटना की साजिश में शामिल ताहिर मर्चेंट की साल 18 अप्रैल 2018 को मौत हो गई थी। वह पुणे की यरवदा जेल में बंद था। उसकी मौत भी तबीयत खराब होने से इलाज के दौरान हुई थी। हमले के मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम, याकूब मेमन और उसका भाई टाइगर मेमन थे। मुख्य अभियुक्त दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन अभी फरार हैं, जबकि याकूब मेमन को 2015 में फांसी दे दी गई थी।