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दंगे में मुस्लिम परिवार ने बचाई थी शेफ विकास खन्ना की जान, 26 साल बाद हुई मुलाकात
एजेंसी, मुंबई
Updated Thu, 14 Jun 2018 03:41 PM IST
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chef vikas khanna
- फोटो : twitter
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अपने हुनर से भारत के जायके को दुनियाभर में पहचान दिलाने वाले शेफ विकास खन्ना ने यह साबित कर दिखाया है कि वह सिर्फ एक अच्छे कुक ही नहीं बल्कि नेक दिल इंसान भी हैं।
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पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखने के बाद भी वह हर साल रमजान के महीने में रोजा रखते हैं और ऐसा वो एक मुस्लिम परिवार की सलामती के लिए करते हैं। दरअसल, 1992 के मुंबई दंगों में एक मुस्लिम परिवार ने उनकी जान बचाई थी। तब से अब तक वह मुस्लिम परिवार को सम्मान देने और उनकी सलामती के लिए रोजा रखते हैं। इतना ही नहीं अब 26 सालों के बाद शेफ विकास खन्ना उस परिवार से मिलने में सफल हो पाए हैं।
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विकास ने सोमवार को ट्वीट के जरिए इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्हें आखिरकार वो मुस्लिम परिवार मिल गया है जिसने दंगों में उनकी जान बचाई थी और अब वे उन्हीं के साथ अपना रोज़ा खोलेंगे। बाद में उन्होंने उस परिवार से मिलने के बाद साथ में इफ्तारी की और ट्वीट किया, ‘दिल को छू लेने वाली शाम, दिल, आंसू, दर्द, गर्व, हिम्मत, इंसानियत, आभार।’
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उन्होंने कहा कि दिसंबर 1992 में जिस वक्त दंगे भड़के मैं उस वक्त मुंबई के सीरॉक शेराटन में ट्रेनिंग ले रहा था। हम कई दिनों तक होटल में ही कैद रहे। इकबाल खान, वसीम भाई (ट्रेनी शेफ और वेटर जिनसे हमेशा के लिए मेरा संपर्क टूट गया है) और उनके परिवार वालों ने उस वक्त मुझे पनाह दी और मेरा खयाल रखा। तब से मैं उन्हें धन्यवाद देने और उन्हें अपनी प्रार्थना में याद रखने के लिए रमजान के पाक महीने में एक दिन का रोजा रखता हूं। आप सभी को प्यार।’