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भारत में अब तक कोरोना के जीनोम में 19 तरह के हुए आनुवांशिक बदलाव
Tue, 29 Dec 2020 07:21 AM IST
Kuldeep Singh
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 29 Dec 2020 07:21 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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कोरोना वायरस के नए रूप को लेकर पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। ब्रिटेन से ज्यादातर देशों ने अपना हवाई संपर्क तोड़ दिया है। भारत में इसे लेकर सभी राज्यों को अलर्ट पर रखा है। नए-नए बदलावों का पता लगाने के लिए भारत में पहले से ही जीनोम सीक्वेंसिंग पर काम चल रहा है लेकिन पहली बार इन सीक्वेंसिंग में मिले नए बदलावों पर एक अध्ययन सामने आया है।
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सबसे ज्यादा प्रसारित हुआ S:N440K, बाकी की तुलना में यह 2.1 फीसदी तेज मिला
इसके अनुसार, भारत में अब तक कोरोना के जीनोम में 19 तरह के आनुवांशिक बदलाव देखने को मिल चुके हैं और इनमें सबसे ज्यादा तेजी से फैलने की ताकत सिर्फ एक स्ट्रेन में हैं। सभी 19 जिलों में वेरिएंट्स की आपस में तुलना करें तो केवल S:N440K है जो बाकी की तुलना में 2.1 फीसदी अधिक तेजी से फैलने की क्षमता रखता है।
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दोबारा संक्रमित कर रहा है नया जीनोम
वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत में जीनोम सबसे ज्यादा तेजी से फैल रहा है। वह लोगों को दोबारा कोरोना संक्रमित कर रहा है। हाल ही में दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से कुछ मामले ऐसे सामने आए हैं जिनमें लोगों को दो-दो बार कोरोना की शिकायत हुई।
दुनिया भर में मिले 2.65 लाख जीनोम बदलाव पर हुआ अध्ययन
देश में अब तक साढ़े चार हजार से अधिक सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग हो चुकी है और इनमें 10 तरह के स्वरूपों में 19 तरह के अनुवांशिक बदलावों की पुष्टि हो चुकी है। भारत और ब्रिटेन सहित कई देशों के वैज्ञानिकों ने मिलकर दुनिया भर में सीक्वेंसिंग के जरिए एकत्रित परिणामों पर अध्ययन किया है।
नई दिल्ली स्थित आईजीआईबी और आंध्र प्रदेश स्थित कुरनूल मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने इस अध्ययन में सहभागिता की है। आईजीआईबी के वैज्ञानिक डॉ. विनोद स्कारिया ने बताया कि दुनिया भर में जीनोम सीक्वेंसिंग पर काम चल रहा है।
सभी सैंपल को एक मंच पर लाने के लिए एक वेबसाइट बनाई जा चुकी है। जहां हर देश से सूचना साझा की जाती है। यहां बीते 17 दिसंबर तक 2,65,079 सैंपल का डाटा एकत्रित हो चुका है। 133 देशों में एकत्रित अध्ययन किया गया।