अध्यक्ष, मंत्री समेत जिले के 17 लेखपाल निलंबित, जिला प्रशासन ने हड़ताल करने पर उठाया कदम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लेखपालों की हड़ताल पर शासन की सख्ती के बाद जिला प्रशासन ने बुधवार की शाम बड़ी कार्रवाई की। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नीलकंठ दूबे और मंत्री जगदीश समेत 17 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया। इनमें सभी तहसीलों के लेखपाल संघ के अध्यक्ष, मंत्री भी शामिल हैं। इसी तरह 469 नए प्रशिक्षु लेखपालों को सेवा से हटाने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन लेखपालों का प्रोबेशन अवधि अभी पूरी नहीं हुई है। एडीएम प्रशासन प्रभुनाथ ने बताया कि लेखपालों की हड़ताल पर राज्यपाल ने छह महीने तक रोक लगाई थी। सभी लेखपालों को इसकी सूचना देते हुए हड़ताल खत्म करने की अपील की गई थी बावजूद इसके वे नहीं मान रहे थे।
उन्होंने बताया कि जिन 17 लेखपालों को निलंबित किया गया है। उनमें जिलाध्यक्ष, मंत्री के अलावा वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष रामकेवल सिंह, कनिष्ठ उपाध्यक्ष विश्वजीत शाही, जिला संगठन मंत्री जावेद खां, सदर तहसील के अध्यक्ष दिनेश कुमार पंकज, गोला तहसील के अध्यक्ष रामाशंकर सिंह, मंत्री ओमप्रकाश यादव, कैंपियरगंज तहसील के नागेंद्र दूबे अध्यक्ष व मंत्री दिवाकर चंद्र वर्मा, चौरीचौरा के अध्यक्ष नमन कुमार, मंत्री अमित कुमार, सहजनवां तहसील के अध्यक्ष योगेंद्र यादव, मंत्री राजेश पाठक, खजनी तहसील के अध्यक्ष राम दयाल, मंत्री अश्विनी सिंह तथा बांसगांव के अध्यक्ष संतोष राय, मंत्री अंजनी कुमार त्रिपाठी शामिल हैं। सदर तहसील के 98, गोला के 78, चौरीचौरा के 49, कैंपियरगंज के 36, बांसगांव के 70, सहजनवां के 56 तथा खजनी के 82 प्रोबेशनर लेखपालों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। प्रोबेशन के दौरान लेखपाल हड़ताल नहीं कर सकते।
कितना भी दमन हो पीछे नहीं हटेंगे
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई पर लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नीलकंठ दूबे, मंत्री जगदीश का कहना है कि प्रशासन कितना भी दमनात्मक रवैया अपना ले, लेखपाल पीछे नहीं हटने वाले। हम जेल जाने को भी तैयार हैं। जब तक प्रदेश नेतृत्व की तरफ से कोई निर्देश नहीं आता, हमारी हड़ताल और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।