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ULFA: शांति समझौते पर हस्ताक्षर के लिए रवाना हुआ उल्फा का प्रतिनिधिमंडल; गृहमंत्री शाह और CM हिमंत भी रहेंगे
Wed, 27 Dec 2023 08:39 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 27 Dec 2023 08:39 PM IST
सार
शांति समझौते के मौके पर ऐतिहासिक हस्ताक्षर के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंता सरमा भी मौजूद रहेंगे। भारत सरकार, असम सरकार और उल्फा के वार्ता समर्थक गुट के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर से असम में स्थायी शांति का एक नया युग शुरू होने की उम्मीद की जा रही है।
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उल्फा
विस्तार
यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के साथ शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। समझौते पर हस्ताक्षर के लिए उल्फा के वार्ता समर्थक गुट का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को गुवाहाटी से दिल्ली रवाना हो गया है। इस प्रतिनिधमंडल में 16 सदस्य शामिल हैं। इनमें उल्फा अध्यक्ष अरबिंद राजखोवा, विदेश सचिव सशधर चौधरी, डिप्टी कमांडर-इन-चीफ राजू बरुआ, प्राणजीत सैकिया और प्रदीप हजारिका शामिल हैं। हालांकि परेश बरुआ के नेतृत्व वाला उल्फा-आई गुट अभी तक शांति वार्ता में शामिल नहीं हुआ है।
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त्रिपक्षीय शांति समझौते के मौके पर ऐतिहासिक हस्ताक्षर के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंता सरमा भी मौजूद रहेंगे। भारत सरकार, असम सरकार और उल्फा के वार्ता समर्थक गुट के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर से असम में स्थायी शांति का एक नया युग शुरू होने की उम्मीद की जा रही है।
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इससे पहले, असम के सीएम हिमंता सरमा ने मंगलवार को कहा था कि वार्ता समर्थक उल्फा समूह के साथ शांति समझौते में राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सुरक्षा उपायों के साथ-साथ भूमि अधिकार भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा था कि उल्फा-समर्थक वार्ता गुट की मांगों में असम के 126 विधानसभा क्षेत्रों में से 102 को स्वदेशी लोगों के लिए आरक्षित करना, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को अद्यतन करना, स्वदेशी समूहों को भूमि अधिकार देना, छह स्वदेशी जनजातियों को एसटी का दर्जा देना, असम बाढ़ को बाढ़ घोषित करना शामिल है।
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