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Hindi News ›   India News ›   15th military commander level talks, China should complete stalled withdrawal of the army, resolve face-offs at Depsang and Demchok, India asked China

15 वीं सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता : सेना की रुकी वापसी पूरी करे चीन, देपसांग व डेमचोक से भी हटाए फौज, भारत की दो टूक 

Sat, 12 Mar 2022 06:30 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 12 Mar 2022 06:30 PM IST
सार

भारतीय पक्ष का नेतृत्व लेह स्थित सेना की 14 वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट-जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता और चीन की ओर से दक्षिण शिनजियांग सैन्य जिला प्रमुख मेजर जनरल यांग लिन ने किया।  मैराथन बैठक सुबह 10 बजे शुरू हुई और शुक्रवार देर रात समाप्त हुई।

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15th military commander level talks, China should complete stalled withdrawal of the army, resolve face-offs at Depsang and Demchok, India asked China
ITBP jawans in Ladakh - फोटो : ANI

विस्तार

भारत ने चीन से एक बार फिर कहा है कि वह पूर्वी लद्दाख में अटकी सेना की वापसी की प्रक्रिया पूरी करे। शुक्रवार को हुई दोनों देशों की 15 वीं सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता में भारत ने चीन से साफ कहा कि वह देपसांग व डेमचोक में दोनों देशों की सेनाओं के बड़े जमावड़े को भी कम करे। 

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दोनों देशों के बीच शुक्रवार को लद्दाख के चुशुल मोल्डो के भारतीय इलाके में सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता का अगला दौर हुआ। भारतीय पक्ष का नेतृत्व लेह स्थित सेना की 14 वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट-जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता और चीन की ओर से दक्षिण शिनजियांग सैन्य जिला प्रमुख मेजर जनरल यांग लिन ने किया। मैराथन बैठक सुबह 10 बजे शुरू हुई और शुक्रवार देर रात समाप्त हुई।
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दोनों पक्ष स्थिरता बनाए रखने पर सहमत
भारतीय सेना के प्रवक्ता ने बताया कि 11 मार्च को भारत की ओर चुशुल-मोल्दो सीमा पर 15वें दौर की चीन-भारत कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई। दोनों पक्षों ने पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी के साथ जरूरी मुद्दों के समाधान के लिए 12 जनवरी को आयोजित पिछले दौर की अपनी चर्चा को आगे बढ़ाया। बाकी मुद्दों के जल्द से जल्द समाधान के लिए काम करने के लिए दोनों देशों के नेताओं द्वारा प्रदान किए गए मार्गदर्शन को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्षों ने इस संबंध में विचारों का आदान-प्रदान किया। 
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उन्होंने पुष्टि की कि इस तरह के प्रस्ताव से पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी के साथ सुरक्षा और शांति बहाल करने और द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। दोनों पक्ष अंतरिम रूप से पश्चिमी क्षेत्र में जमीन पर सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर भी सहमत हुए। दोनों पक्ष जल्द से जल्द बाकी मुद्दों के पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान तक पहुंचने के लिए सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत बनाए रखने पर भी सहमत हुए। 

चीन अप्रैल 2020 की स्थिति बहाल करने को अनिच्छुक
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चीन पूर्वी लद्दाख में अप्रैल 2020 के पूर्व की स्थिति बहाल करने की मांग मानने के प्रति अनिच्छुक नजर आया। चीन ने सीमावर्ती इलाकों से पूरी तरह से सैन्य वापसी और 22 माह से चला आ रहा सैन्य टकराव खत्म करने के भी कोई संकेत नहीं दिए। 

इन इलाकों से सैन्य वापसी के संकेत
हालांकि, इस बात के संकेत हैं कि दोनों पक्ष कम से कम हॉट स्प्रिंग्स-गोगरा-कोंगका ला क्षेत्र में पेट्रोलिंग पॉइंट-15 (पीपी-15) पर रुकी हुई सैन्य वापसी कोपूरा करने के लिए सहमत हो सकते हैं। वार्ता प्रक्रिया से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार पीपी-15 में सफलता संभव है क्योंकि पिछले साल जुलाई में कोर कमांडर स्तर की 12वीं वार्ता के दौरान इस पर बात बनी थी। 


22 माह से एलएसी पर गतिरोध कायम
लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण डेपसांग बुल्गे इलाके में गतिरोध का समाधान नजर नहीं आ रहा है। यहां चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) भारत को गश्त करने से रोक रही है। पीएलए भारतीय सेना को 18 किलोमीटर अंदर रोक रही है, भारत इसे अपना इलाका मानता है। डेमचोक के चार्डिंग निंगलुंग नाला डेमचोक में भी चीन गश्त नहीं करने दे रहा है। दोनों देशों के बीच 22 माह से एलएसी पर गतिरोध कायम है। पैगोंग झील समेत कुछ इलाकों से सेना की वापसी हो चुकी है, लेकिन अब भी दोनों देशों की सेनाओं के 50 से 60 हजार जवान वहां तैनात हैं। 

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