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किसानों की आय बढ़ाने के लिए विदेशी बाजारों पर नजर, मिर्च निर्यात के लिए अलग बोर्ड का सुझाव
Wed, 26 Aug 2020 10:29 PM IST
गौरव पाण्डेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 26 Aug 2020 10:29 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
वाणिज्य मामलों पर गठित संसदीय कमेटी की 154वीं रिपोर्ट में कहा गया है कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए नए व्यापारिक केंद्र खोजने की जरूरत है। इसमें लक्ष्य पूरा करने के लिए सप्लाई चेन और प्रसंस्करण की जरूरतों पर बल दिया गया है।
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वाणिज्य मामलों पर गठित संसदीय समिति ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए नए विदेशी बाजारों की तलाश करने का सुझाव दिया है। समिति की रिपोर्ट में अलग-अलग क्षेत्रों के किसानों को मजबूती देने के लिए उनके क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने की बात भी कही गई है।
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इसी रणनीति के तहत दक्षिण भारत के किसानों को विशेष लाभ पहुंचाने के लिए मिर्च एक्सपोर्ट के प्रोत्साहन देने के लिए अलग बोर्ड बनाए जाने पर बल दिया गया है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रसंस्करण को बेहद आवश्यक माना गया है। इसके लिए क्षेत्रीय स्तर पर इकाइयों को गठित करने पर बल दिया गया है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि तंबाकू किसानों के लिए इस क्षेत्र में नियंत्रित तौर पर विदेशी निवेश को अनुमति देने की संभावनाओं पर विचार होना चाहिए। समिति ने माना है कि महिलाओं को रोजगार देने के मामले में नारियल-जटा उद्योग कारगर साबित हुआ है। इसके लिए विशेष संभावनाएं तलाशने की जरूरत पर बल दिया गया है।
राज्यसभा सदस्य वी. विजयसाईं रेड्डी की अगुवाई वाली समिति ने सरकार को सुझाव दिया है कि कोरोना बाद के काल में किसानों को आर्थिक मजबूती देने के लिए सभी वैश्विक मंचों पर भारत की भागीदारी बढ़ाने की रणनीति बनाकर काम करना चाहिए।
हल्दी और समुद्री उत्पादों को बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत पर बल दिया गया है। समिति ने यह भी माना है कि खाद्य उत्पादों के साथ-साथ फलों-सब्जियों और मसालों के उत्पादन के मामले में भारत ने वैश्विक बाजार में विशेष पहुंच बनाई है और इसके कारण किसानों की आर्थिक स्थिति में मजबूती आई है।