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MEA: कंबोडिया में 14 भारतीय साइबर अपराधियों के चंगुल से कराए गए मुक्त, भारतीय विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
Sat, 20 Jul 2024 10:45 PM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शुक्ला
Updated Sat, 20 Jul 2024 10:45 PM IST
सार
इन भारतीयों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। वर्तमान में सभी लोग कंबोडिया में एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के साथ रह रहे हैं। कुछ हालिया रिपोर्टों में नौकरी के नाम पर चल रहे खतरनाक गोरखधंधे का खुलासा हुआ था।
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विदेश मंत्रालय (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के गिरोह के शिकार 14 भारतीयों को कंबोडिया में मुक्त करा लिया गया है। साइबर अपराधियों ने अच्छी नौकरी और बेहतर वेतन का लालच देकर इन भारतीयों को फंसाया और फिर इन्हें साइबर धोखाधड़ी का काम करने के लिए मजबूर किया। इन लोगों ने अब भारतीय दूतावास से जल्द से जल्द स्वदेश वापसी की व्यवस्था करने की अपील की है।
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प्राप्त जानकारी के मुताबिक, स्थानीय पुलिस की ओर से मुक्त कराए गए इन भारतीयों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। वर्तमान में सभी लोग कंबोडिया में एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के साथ रह रहे हैं। कुछ हालिया रिपोर्टों में नौकरी के नाम पर चल रहे खतरनाक गोरखधंधे का खुलासा हुआ था। इसमें 5,000 भारतीयों समेत कई लोग प्रभावित हुए, जिन्हें कंबोडिया लेकर अवैध साइबर गतिविधियों को अंजाम देने के लिए मजबूर किया गया। सरकार ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि लगभग 250 भारतीयों को बचाया गया है और वापस लाया गया है।
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कंबोडिया पहुंचते ही पासपोर्ट ले लिया जाता
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, वैध नौकरियों का वादा कर भारतीयों को कंबोडिया ले जाया गया। लेकिन कंबोडिया पहुंचने के बाद इनके पासपोर्ट ले लिए गए और इन्हें ऐसे काल सेंटरों में काम करने के लिए बाध्य किया गया जो भारतीयों को साइबर ठगी का शिकार बनाते हैं। पुलिस को इस बड़े घोटाले के बारे में पिछले साल के अंत में पता चला जब केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ कर्मचारी ने दावा किया कि उसके साथ 67 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी हुई है और शिकायत दर्ज कराई।
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ओडिशा में पकड़े गए थे आठ आरोपी
इसके बाद, ओडिशा की राउरकेला पुलिस ने पिछले साल 30 दिसंबर को एक साइबर अपराध सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया और लोगों को कंबोडिया ले जाने में कथित तौर पर शामिल आठ लोगों को गिरफ्तार किया। भारतीय दूतावास ने भी एडवाइजरी जारी कर भारतीयों से विदेश मंत्रालय से अधिकृत एजेंटों के जरिये ही कंबोडिया आने को कहा था।