हमारे सौर मंडल के किनारे 139 नए छोटे ग्रहों की खोज, अंतरिक्ष शोध में मिलेगी मदद
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हमारे सौर मंडल के दूर कोने पर खगोल विज्ञानियों ने 139 नए ट्रांस नेपच्यून ऑब्जेक्ट्स (टीएनओ) यानी छोटे ग्रह खोजे हैं। इस खोज के बारे में एस्ट्रोफिजिकल जर्नल सप्लीमेंट शृंखला में जानकारी दी गई है। साथ ही नई खोज प्रणाली भी प्रस्तुत की गई है, जिसका फायदा नए ग्रहों की खोज में और खासतौर से अनुमानित नवें ग्रह पर शोध में हो सकेगा।
टीएनओ दरअसल ऐसे छोटे ग्रह हैं जो वरुण (नेपच्यून) ग्रह से ज्यादा औसत दूरी तय करते हुए सूर्य की परिक्रमा करते हैं। वहीं नवां ग्रह हमारे सौर मंडल के बाहरी हिस्से में मौजूद होने अनुमान है। इस बारे में पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गैरी बर्नस्टीन ने कहा कि आप जितने आसमान को देख पा रहे हैं और जितनी धुंधली चीजों को पकड़ पा रहे हैं, इसी पर नए टीएनओ की खोज निर्भर करती है।
700 करोड़ में से 400 की सूची बनाई
अध्ययनकर्ता पेड्रो बर्नार्डीनेली ने अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट ‘डार्क एनर्जी सर्वे’ के चार साल के डाटा का उपयोग किया जिसमें अंतरिक्ष में 700 करोड़ बिंदुओं का रिकॉर्ड है। अध्ययनकर्ताओं ने इन बिंदुओं में से तारे, आकाशगंगाओं और सुपरनोवा को अलग किया। फिर भी 2.2 करोड़ पिंड मौजूद थे। इनमें से 400 ऐसे संभावित पिंड चिह्नित किए जो छह या उससे अधिक रात तक नजर आ रहे थे। कई महीनों तक तस्वीरों का विश्लेषण करने के बाद 316 टीएनओ की सूची बनाई गई। इनमें से 139 पहली बार नजर आए थे।
10 प्रतिशत टीएनओ ही ज्ञात
अब तक सौर मंडल में प्लूटो सहित करीब तीन हजार टीएनओ दर्ज किए गए हैं। खगोल विज्ञानियों का अनुमान है कि यह वास्तव में मौजूद टीएनओ का 10 प्रतिशत है। निकट भविष्य में सैकड़ों नई खोज हो सकती है। कई टीएनओ पृथ्वी से इतने दूर हैं कि जहां पृथ्वी करीब 365 दिन में सूर्य का एक चक्कर लगा लेती है, उन्हें इस काम में 20 हजार वर्ष लग जाते हैं।