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जीएसटी में 1200 करोड़ का फर्जीवाड़ा, कर चोरी गिरोह का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

Tue, 04 Feb 2020 01:04 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 04 Feb 2020 01:04 AM IST
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1200 crore rupees fraud in GST, one arrested
सांकेतिक तस्वीर

केंद्रीय कर विभाग की एंटी-एविजन शाखा ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर बड़े कर चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह किसी माल की आपूर्ति के बिना ही नरली चालान (इनवॉयस) जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठा रहा था। इसके पास से 1200 करोड़ रुपये के फर्जी इनवॉयस मिले हैं। 

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केंद्रीय कर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान दया शंकर कुशवाहा के रूप में हुई है। इसने दो पैन कार्ड बनवा रखे हैं, जिससे जुड़ी 14 फर्म हैं। आरोप है कि इसने 49 छद्म कंपनियों के नेटवर्क का इस्तेमाल कर 1200 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट जारी किया। अब तक इनसे जुड़े 60 बैंक खातों का पता लगाया जा चुका है। 

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जीएसटी में जारी की फर्जी इनवॉयस तो लगेगा जुर्माना

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली में फर्जी टैक्स इनवॉयस के जरिये कर चोरी के दिन अब लदने ही वाले हैं। जीएसटी कानून में अब फर्जी इनवॉयस के जरिये इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने वालों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया जा रहा है। इसके तहत जुर्माने की राशि उतनी ही होगी, जितने की फर्जी इनवॉयस जारी की गई है। यह बदलाव एक अप्रैल, 2020 से लागू हो जाएगा।

वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाल के दिनों में फर्जी टैक्स इनवॉयस के जरिये इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी देखी गई। जब इन मामलों की विस्तार से छानबीन की गई तो पता चला कि फर्जी इनवॉयस जारी करने वाले आपूर्तिकर्ता भी जीएसटी नेटवर्क में पंजीकृत कारोबारी हैं लेकिन उनका न तो कोई कारोबार चल रहा है और न ही उनकी फर्म वित्तीय लेनदेन कर रही है। वह कोई वस्तु या सेवा की आपूर्ति या खरीद नहीं कर रहे हैं, बस उन्होंने जीएसटी में पंजीकरण करवा रखा है ताकि इस तरह के फर्जी बिल जारी या खरीदारी करने का गोरखधंधा कर सके।

जितनी रकम की फर्जी एंट्री, उतना ही जुर्माना

इस तरह के गैर कानूनी कृत्य पर लगाम लगाने के लिए इस बार के बजट में इससे संबंधित प्रस्ताव को वित्त विधेयक में शामिल कर दिया गया है। उसमें कहा गया है कि यदि कोई भी जीएसटी पंजीकृत कारोबारी कर देयता घटाने के लिए अपने खाता बही में फर्जी एंट्री करता है या किसी एंट्री को मिटाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। जर्माने की राशि उतनी ही होगी, जितनी की फर्जी एंट्री की गई है या किसी एंट्री को मिटाने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही यह भी प्रावधान किया गया है कि इस कार्य में यदि कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल रहता है तो उस पर भी इसी तरह का जुर्माना लगाया जाएगा।

पहले नहीं था जुर्माने का प्रावधान

मौजूदा जीएसटी कानून में फर्जी इनवॉयस के जरिये कर चोरी करने पर कोई जुर्माने का प्रावधान नहीं था। हां, यदि दो करोड़ रुपये से ऊपर की कर चोरी है तो उस स्थिति में गिरफ्तारी और जुर्माने का प्रावधान है। इसे देखते हुए इस तरह का फर्जीवाड़ा करने वाले दो करोड़ रुपये तक की राशि का कोई इनवॉयस जारी ही करते थे, ताकि उन तक जीएसटी विभाग के अधिकारी पहुंच नहीं पाए। अब प्रावधान किया गया है कि चाहे किसी भी रकम के फर्जी टैक्स इनवॉयस जारी किये जाएं, जुर्माना तो होगा।

बड़े स्तर पर हो रहा फर्जी इनवॉयस का खेल

केंद्रीय जीएसटी विभाग के दिल्ली कार्यालय में तैनात एक अधिकारिक सूत्र का कहना है कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में फर्जी टैक्स इनवॉयस बेचने और खरीदने वाले कारोबारी एक गिरोह की तरह काम कर रहे हैं। कई मामलों में देखा गया कि किसी झुग्गी में रहने वाले या छोटी-मोटी नौकरी करने वाले का पैन और आधार संख्या लेकर एक फर्म बनाई और उसे जीएसटी नेववर्क में पंजीकरण करवा लिया गया। उसी फर्म के नाम पर फर्जी बिल खरीदने और बेचने का धंधा चल रहा है। कई मामलों में तो देखा गया कि किसी मलिन बस्ती में एक ही पते पर कई कई फर्म पंजीकृत हैं। यहां तक कि सबका मोबाइल नंबर भी एक ही है।
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