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Gujarat News: गुजरात के बोरवेल में गिरी 12 साल की बच्ची, सेना की मदद से पांच घंटे में निकाला
Fri, 29 Jul 2022 03:30 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुरेंद्रनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुरेंद्रनगर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 29 Jul 2022 03:30 PM IST
सार
घटना शुक्रवार सुबह 7.30 बजे गजनवाव गांव में हुई। सेना के जवानों की मदद से लड़की को बचाने में कामयाबी मिल गई। बच्ची प्रवासी खेतिहर मजदूर परिवार की है। उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत स्थिर है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश में बोरवेल में बच्चों के गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। आज गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के एक गांव में 12 साल की बच्ची खुले बोरवेल में गिर गई। वह करीब 60 फुट की गहराई में फंस गई थी। सेना के जवानों ने स्थानीय प्रशासन की मदद से उसे पांच घंटे में सुरक्षित निकाल लिया गया।
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जिला अधिकारियों ने बताया कि घटना शुक्रवार सुबह 7.30 बजे गजनवाव गांव में हुई। सेना के जवानों की मदद से लड़की को बचाने में कामयाबी मिल गई। ध्रांगधरा तालुका की राजस्व अधिकारी शोभना फल्दू ने बताया कि सूचना देते ही सेना के जवान मौके पर पहुंच गए हैं और लड़की को बचा लिया। वह बच्ची प्रवासी खेतिहर मजदूर परिवार की है।
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सुरक्षित निकाल ली गई बच्ची का नाम मनीषा है। जिस बोरवेल में वह गिरी थी वह 500 से 700 फीट गहरा था। गनीमत है कि उसे समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। ध्रांगधरा के पुलिस इंस्पेक्टर टीबी हीरानी ने बताया कि लड़की 60 फीट गहराई पर अटक गई थी। फंसे रहने के दौरान उसे आक्सीजन की सप्लाई दी गई और कैमरे की मदद से उस पर नजर रखी गई। बोरवेल से निकालने के बाद उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत स्थिर है। ध्रांगधरा तालुका में दो माह पहले भी दो साल का एक लड़का बोरवेल में गिर गया था। उसे भी 2 जून को सेना के जवानों ने बचा लिया था।
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जून में हुई ये घटनाएं, दो बच्चे बचाए गए, एक की मौत
- इससे पहले जून माह में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नारायणपुरा में खुले बोर में पांच साल का दीपेंद्र यादव गिर गया था। उसे छह घंटे की मेहनत के बाद बचा लिया गया था। दीपेंद्र खेलते-खेलते खुले बोर में गिर गया था।
- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में 10 जून को 11 साल का राहुल साहू बोरवेल में गिर गया था। उसे बड़ी मशक्कत के बाद 100 घंटे बाद निकाला गया था। वह जांजगीर-चांपा के पिहरिड गांव में अपने घर के पिछवाड़े में 80 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था और सतह से 60 फीट नीचे फंस गया था। 14 जून की रात 104 घंटे के लंबे ऑपरेशन के बाद उसे कई एजेंसियों के 500 से अधिक कर्मियों की एक संयुक्त टीम ने बचाया था।
- इधर, यूपी के वाराणसी के पिंडरा के बिंदा गांव के बोरवेल में गिरने से अनिकेत यादव की मौत हो गई थी।