फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   11 Important facts of bhagat singh's life

B'day special: मौका मिलने पर भी जेल से नहीं भागे थे भगत सिंह, जानिए उनसे जुड़े 11 किस्से

Wed, 28 Sep 2016 09:48 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 28 Sep 2016 09:48 AM IST
विज्ञापन
11 Important facts of bhagat singh's life
लाहौर जेल में बंद कुछ कैदियों की ‌एक चिट्ठी जेल में ही बंद एक नौजवान के पास पहुंची, जिसमें लिखा था कि "हमने अपने भागने के लिए एक रास्ता बनाया है, लेकिन हम चाहते हैं कि हमारी जगह आप उससे निकल जाएं"। युवक ने चिट्ठी के बदले में जवाब भेजा। "धन्यवाद.....मैं आपका आभारी हूं लेकिन ये आग्रह स्वीकार नहीं कर सकता अगर ऐसा किया तो मेरे जीने का मकसद ही खत्म हो जाएगा।
विज्ञापन


मैं चाहता हूं मेरी शहादत देश के काम आए और युवाओं में प्रेरणा और जोश भरने का काम करे, जिससे देश को जल्द से जल्द आजादी मिल सके।" वो युवक थे 24 साल के शहीदे आजम भगत सिंह। आज उनका जन्मदिन है, इस अवसर पर जानिए उनके जीवन से जुड़े कुछ ऐसे ही अनसुने किस्से जो शायद ही आपने पहले कहीं सुने हों।
विज्ञापन

 

पंजाब के लायलपुर में हुआ था भगत सिंह का जन्म

11 Important facts of bhagat singh's life

भगत सिंह का जन्म पंजाब के लायलपुर के बंगा गांव में हुआ था जो ‌आज पाकिस्तान में है। कम लोग ही जानते हैं कि क्रांति की सीख भगत सिंह को परिवार से ही मिली थी उनके चाचा सरदार अजीत सिंह गदर पार्टी के सक्रिय सदस्य थे।

भगत सिंह 12 साल के ही थे, तभी एक घटना ने उनके बाल मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव डाला। 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में निहत्‍थे लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग में हुई सैकड़ों मौतों ने भगत ‌को झकझोर कर रख दिया। कहा जाता है कि बाद में वो अपने परिवार के साथ वहां पहुंचे और जलियांवाला बाग की लहूलुहान मिट्टी को एक बोतल में भरकर घर ले आए।

भगत सिंह लाहौर के नेशनल कालेज में पढ़ते थे और वहां नाटकों और प्ले में खूब बढ़चढ़कर भाग लेते थे। महाराणा प्रताप और सम्राट चंद्रगुप्त पर बने कई प्ले में उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई।

भगत बड़े हुए तो दिल में क्रांति के बीज पलने लगे, लेकिन घरवाले इससे अंजान थे। उनकी मां विद्यावती देवी उनकी शादी के लिए लड़की तलाशने लगी। जैसे ही इसकी खबर भगत को लगी तो वह घर से फरार हो गए और कलकत्ता पहुंच गए। यहां से घरवालों को खत लिखा कि उनकी दुल्हन सिर्फ मौत बन सकती है।

सैंडर्स को गोली मारने से पहले देखी थी फिल्म

11 Important facts of bhagat singh's life

उन्हें लिखने का बहुत शौक था, जेल में रहने के दौरान उन्होंने कई कविताएं लिखीं। इस दौरान उन्होंने लेनिन और मार्क्स को भी खूब पढ़ा। इसके बाद उन्होंने जेल में ही एक पुस्तक लिखी "मैं नास्तिक क्यों हूं"।

भगत सिंह को फिल्में देखने का भी शौक था। बताया जाता है लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए अंग्रेज अफसर जॉन सैंडर्स को मारने से पहले भी उन्होंने अंग्रेजी फिल्म अंकल टॉम्स केबिन देखी थी जो गुलामी के दिनों पर आधारित एक नॉवल पर बनी थी।

भगत सिंह को नेशनल असेंबली में बम फेंकने के मामले में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी। खास बात ये थी कि जो बम असेंबली में फेंका गया था वो सिर्फ सबका ध्यान खींचने के लिए ‌था किसी की जान लेने के लिए नहीं। बाद में ब्रिटिश सरकार ने भी इस बात को माना। 

1930 में जेल जाने के दौरान भगत सिंह ने जेल में ही सत्याग्रह शुरू कर दिया। उन्होंने कैदियों के अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन किया। जिसमें उन्हें मूलभूत सुविधाएं देने की मांग की गई। 

विज्ञापन

वायसराय ने कम कर दी थी भगत सिंह की सजा

11 Important facts of bhagat singh's life

भगत सिंह के दोस्त रहे जितेन्द्र नाथ सान्याल ने उनके बारे में अपनी पुस्तक में लिखा था कि वायसराय लार्ड इर्विन ने भगत सिंह की फांसी की सजा को कम करके काला पानी में तब्दील कर दिया था। उन्होंने इसके आदेश भी जारी कर दिए थे।

इससे पहले कि ये आदेश प्रशासन तक पहुंच पाते और इन पर अमल हो पाता पोस्टमास्टर जनरल ने जानबूझकर ये आदेश तब तक रोके रखे जब तक भगत सिंह को फांसी नहीं दे दी गई। 

भगत सिंह की फांसी की सजा के खिलाफ देशभर में एक मुहिम शुरू हो गई थी। लगातार अंग्रेज सरकार पर भी दबाव बन रहा था और महात्मा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर भी। इसी दबाव के बीच अंग्रेज सरकार ने मानवाधिकारों को ताक पर रखते हुए भगत सिंह को निर्धारित तिथि से पहले ही फांसी देने का फैसला कर लिया और 23 मार्च की सुबह 7 बजे के करीब उन्हें फांसी पर लटका दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed