विशेष: 26/11 मुंबई आतंकी हमले के 10 साल, अब किसी भी हालात से निपटने को तैयार है भारत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस हमले को 10 साल पूरे हो गए हैं लेकिन आज भी लोग उस दिन को अपने जहन से नहीं मिटा पाए हैं। आतंकियों के हमले के बाद भारतीय सुरक्षाकर्मियों ने बड़ी दिलेरी के साथ लड़कर 9 आतंकियों मार गिराया था, जबकि उनमें से एक आतंकी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ लिया गया था। भारतीय अदालत से मौत की सजा मिलने के बाद उसे फांसी पर चढ़ा दिया गया था। आतंकी कराची से नाव के रास्ते मुंबई में घुसे थे।
कराची के समुंदर में दी गई थी कसाब को तैरने की ट्रेनिंग
युद्ध की ओर ले जाएगा 26/11 जैसा एक और हमला
अमेरिका ने मदद के लिए आगे बढ़ाए थे हाथ
गोलीबारी करते हुए मुस्कुरा रहा था कसाब
मेजर संदीप उन्नीकृष्णन को उनके पिता ने किया याद
पूर्व बसपा सांसद ने याद की 26/11 की भयावहता
डरे हुए पुलिसवालों ने कसाब को स्टेशन से भागने दिया
10 साल बाद अब आगे बढ़ने का समय
हाईकोर्ट में कसाब का बचाव करने वाले वकीलों को नहीं मिली फीस
किसी भी हालात से निपटने के लिए अब पूरी तरह से तैयार है भारत
घटना
- कराची से नाव के रास्ते मुंबई में घुसे
- 10 आतंकियों ने दिया हमले को अंजाम
- 9 आतंकी मार गिराए गए, कसाब को फांसी
- 3 दिन चले आतंक में विदेशी सहित 166 लोगों की मौत