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Tigers in India: देश में 2012 के बाद से अब तक 1059 बाघों की मौत, जानें राज्य में कितनों ने तोड़ा दम

Thu, 28 Jul 2022 03:41 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 28 Jul 2022 03:41 AM IST
सार

महाराष्ट्र (183), कर्नाटक (150), उत्तराखंड (96), असम (72), तमिलनाडु (66) हैं। उत्तर प्रदेश (56) और केरल में 55 बाघों ने दम तोड़ा।

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1059 tigers have died in the country since 2012
मृत बाघ - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत में 2012 से अब तक 1,059 बाघों की मृत्यु हो चुकी है। मध्य प्रदेश को ‘बाघ राज्य’ के रूप में जाना जाता है और यहां बाघों की मृत्यु की सर्वाधिक संख्या दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। 

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राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के मुताबिक इस साल अब तक 75 बाघों की मौत हो चुकी है, जबकि पिछले साल 127 बाघों की मौत हुई थी। यह 2012 से लेकर 2022 की अवधि में सबसे ज्यादा है।
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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2020 में 106 बाघों की मौत हुई थी, 2019 में 96, 2018 में 101, 2017 में 117, 2016 में 121, 2015 में 82, 2014 में 78, 2013 में 68 और 2012 में 88 बाघों की मौत हुई थी। मध्य प्रदेश में छह बाघ अभयारण्य हैं। यहां 2012-2022 की अवधि के दौरान सबसे अधिक (270) मौतें दर्ज कीं गईं।
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इसके बाद महाराष्ट्र (183), कर्नाटक (150), उत्तराखंड (96), असम (72), तमिलनाडु (66) हैं। उत्तर प्रदेश (56) और केरल में 55 बाघों ने दम तोड़ा। राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में क्रमश: 25, 17, 13, 11 और 11 बाघों की मौत हुई।


आठ सालों में 193 बाघों की शिकार के कारण हुई मौत 
आंकड़ों के मुताबिक 2012-2020 के बीच 193 बाघों की शिकार के कारण मौत हुई। जनवरी 2021 से अवैध शिकार के कारण हुई मौतों के आंकड़े अभी उपलब्ध नहीं हैं। अधिकारियों ने 108 बाघों की मौत के कारण कैद करना बताया है, जबकि इस अवधि में प्राकृतिक कारणों से 44 बाघों की मौत हुई। एनटीसीए के अनुसार शुरुआत में सभी बाघों की मौत का कारण अवैध शिकार को माना जाता है।

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