फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   10 key points, why BJP promote Ram nath Kovind for president election as NDA candidate

ये हैं वो खास वजहें जिनसे मोदी-शाह को भाए रामनाथ कोविंद

Tue, 20 Jun 2017 10:00 AM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल Updated Tue, 20 Jun 2017 10:00 AM IST
विज्ञापन
10 key points, why BJP promote Ram nath Kovind for president election as NDA candidate
Ram Nath Kovind

हमेशा की तरह सबको चौंकाते हुए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रपति पद के लिए ऐसे चेहरे को आगे कर दिया जिसका अंदाजा शायद ही किसी ने लगाया हो। बिहार के राज्यपाल और कभी भाजपा के प्रमुख दलित चेहरे रहे रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति पद के लिए दोनों नेताओं की पहली पसंद बने हैं।

विज्ञापन


भाजपा में कई बड़े पदों पर रहे रामनाथ कोविंद की गिनती लो प्रोफाइल चेहरों के रूप में होती रही है जो चुपचाप पर्दे के पीछे रहकर तन्मयता से अपना काम करते रहे। लेकिन एकाएक राष्ट्रपति पद के लिए उनका नाम सामने आने से अब उनको लेकर तमाम सवाल और जिज्ञासाएं खड़ी हो गई हैं।
विज्ञापन


पहला सवाल तो ये ही है कि आखिर पार्टी ने वरिष्‍ठ नेता लालकृष्‍ण आड़वाणी, मुरली मनोहर जोशी, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन सहित तमाम बड़े चेहरों पर कोविंद को तरजीह क्यों दी? तो चलिए आपको बताते हैं उन खास वजहों के बारे में जिसकी वजह से मोदी शाह की जोड़ी ने उन्हें इस दौड़ में सबसे आगे रखा।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबका साथ सबका विकास के खांचे में सेट

10 key points, why BJP promote Ram nath Kovind for president election as NDA candidate

दलित चेहरे को बढ़ावा देना

दलित समुदाय से होना कोविंद की उम्‍मीदवारी की बड़ी वजह बना। लोकसभा और फिर यूपी के विधानसभा चुनावों में जिस तरह से दलितों ने अपने पुराने सिपहसलारों को छोड़ भाजपा को समर्थन किया उस बढ़त को पार्टी किसी भी सूरत में खोना नहीं चाहती है। ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव के लिए किसी दलित चेहरे को आगे करने से बड़ा दांव और क्या हो सकता था। कोविंद के सहारे पार्टी सबका साथ सबका विकास के नारे को भी आगे बढ़ा सकेगी।

विरोध करने वालों पर लगेगा दलित विरोधी होने का ठप्पा
रामनाथ कोविंद का नाम घोषित करने का सबसे बड़ा लाभ भाजपा को यह भी हो सकता है कि उनका विरोध करना दूसरे दलों को भारी पड़ सकता है। दलित चेहरा होने के कारण विरोध करने वालों पर दलित विरोधी होने का ठप्पा लग सकता है। ऐसे में बेवजह कोई भी इस दल इस तरह का खामियाजा नहीं भुगतना चाहेगा। राष्ट्रपति चुनाव में पार्टी के दलित नेता रामनाथ कोविंद से बेहतर चेहरा कोई नहीं हो सकता था, जिससे पार्टी पूरे दम के साथ यह कह सके कि उसने एक दलित को देश के राष्ट्रपति की कुर्सी तक पहुंचाया। 

लंबा राजनीतिक अनुभव
राजनीतिक अनुभव के मामले में भी कोविंद का पक्ष काफी मजबूत है। वह 12 साल तक राज्यसभा के सांसद रहे और भाजपा के दलित मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं। कुछ समय के लिए पार्टी के प्रवक्ता भी रहे और अब पिछले दो सालों से बिहार के राज्यपाल हैं।

समर्थन जुटाने में नहीं होगी बड़ी दिक्‍कत

10 key points, why BJP promote Ram nath Kovind for president election as NDA candidate
हाइकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट में वकालत, कानून के अच्छे जानकार
कानपुर के रहने वाले रामनाथ कोविंद कानून के भी अच्छे जानकार हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से बीकॉम और एलएलबी की पढ़ाई करने वाले कोविंद ने दिल्‍ली हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में 16 साल तक वकालत की है। ऐसे में राष्ट्रपति जैसे पद पर तमाम कानूनी प्रक्रियाओं और संविधान की बेहतर जानकारी उनकी राह आसान करेगी।

समर्थन जुटाना होगा आसान 
रामनाथ कोविंद के चेहरे पर भाजपा के लिए दूसरे दलों से समर्थन जुटाना भी आसान होगा। इसमें उनका दलित होना काफी फायदेमंद रह सकता है। बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए अब उनके चेहरे का विरोध करना मुश्किल भरा होगा तो बिहार का राज्यपाल रहने के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का समर्थन मिलने की उम्‍मीद भी की जा सकती है। 

आम राय बनने की उम्‍मीद
रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के बाद भाजपा के लिए सबसे आसान काम होगा उनके नाम पर आमराय बनाना। पार्टी अगर आड़वाणी, जोशी या किसी अन्य बड़े नेता को अपना उम्‍मीदवार तय करती तो पूरी संभावना थी कि विपक्ष शायद ही उस नाम पर तैयार होता, लेकिन रामनाथ कोविंद के नाम पर शायद ही किसी को आपत्ति हो। बिहार में राज्यपाल रहने के दौरान लालू और नीतीश से उनके मधुर संबंध रहे हैं। सौम्य स्वभाव के कारण विपक्ष के कई नेताओं से भी उनके अच्छे संबंध माने जाते हैं। ऐसे में उनके चेहरे पर आम राय बनने की पूरी उम्‍मीद है। हालांकि फिलहाल कांग्रेस और शिवसेना जैसे दलों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है, लेकिन ये तात्कालिक हो सकती है।

निर्विवादित और ईमानदार छवि

10 key points, why BJP promote Ram nath Kovind for president election as NDA candidate
अंतरराष्ट्रीय अनुभव
दो बार राज्यसभा का सदस्य रहने के दौरान रामना‌थ कोविंद ने कई बार विदेशों की यात्राएं की हैं। वह गवर्नर्स ऑफ इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के भी सदस्य रहे हैं। साल 2002 में उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित किया था। उन्होंने कई देशों की यात्राएं की हैं। ऐसे में राष्‍ट्रपति जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए उनकी योग्यता पर भी प्रश्नचिन्ह नहीं लगया सकता।

आज तक कोई विवाद नहीं
रामनाथ कोविंद की छवि निर्विवादित नेता की रही है, पार्टी में तमाम पदों पर रहने के अलावा वह राज्यसभा की कई कमेटियों के सदस्य भी भी रहे हैं। ऐसे में हमेशा उनका दामन पाक साफ रहा न कभी कभी उनके नाम के साथ कोई विवाद जुड़ा और न ही किसी भ्रष्टाचार के मामले में। ऐसे में कोविंद की यह खूबी भी उनकी राह आसान कर गई।  

ईमानदार छवि 
कानपुर के दलित परिवार में जन्में रामनाथ कोविंद की छवि एक ईमानदार और जमीन से जुड़े नेता की मानी जाती है। लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में रहने के दौरान उन पर कभी कोई आरोप नहीं लगा। तमाम उम्र गरीबों और वंचितों के मुद्दे को लेकर संघर्ष किया। राजनीति में जहां आज लोग हाईक्लास जीवन जीने के लिए पहचाने जाते हैं वहीं कोविंद आज भी साधारण जीवन जीते हैं। यहां तक की गांव का पैतृक मकान भी बारातशाला बनाने के लिए दान कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed