फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   10 interesting Facts about Karnataka New Chief minister Siddaramaiah

सिद्धारमैया से जुड़ी 10 रोचक बातें : शिवकुमार से कम दौलत, येदियुरप्पा को CM बनने से रोका, चल रहे इतने मुकदमे

Sat, 20 May 2023 03:07 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sat, 20 May 2023 03:07 PM IST
सार

Karnataka CM Oath Taking: हम आपको सिद्धारमैया से जुड़ी रोचक बातें बताएंगे। कैसे सिद्धारमैया आगे बढ़े और राजनीति के चमकते सितारे बन गए? सिद्धारमैया के पास कितनी संपत्ति है और कितने मुकदमे दर्ज हैं? आइए जानते हैं...
 

विज्ञापन
10 interesting Facts about Karnataka New Chief minister Siddaramaiah
सिद्धारमैया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कर्नाटक में आज कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री और डीके शिवकुमार ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली। इसके अलावा आठ विधायकों को मंत्रिपद की शपथ दिलाई गई। सिद्धारमैया ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके पहले 2013 से 2018 तक वह कर्नाटक के सीएम रह चुके हैं। ऐसे में आज हम आपको सिद्धारमैया से जुड़ी रोचक बातें बताएंगे। कैसे सिद्धारमैया आगे बढ़े और राजनीति के चमकते सितारे बन गए? सिद्धारमैया के पास कितनी संपत्ति है और कितने मुकदमे दर्ज हैं? आइए जानते हैं...
विज्ञापन

1. सिद्धारमैया के बचपन की कहानी से शुरू करते हैं : कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार सिद्धारमैया का जन्म देश की आजादी से ठीक पहले तीन अगस्त 1947 को मैसूर में हुआ था। तब ब्रिटिश का राज हुआ करता था। सिद्धारमैया के पिता सिद्धारमे गौड़ा मैसूर जिले के टी. नरसीपुरा के पास वरुणा होबली में खेती करते थे। मां बोरम्मा गृहणी थीं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

2. गांव से पढ़े, फिर बीएससी और लॉ की डिग्री हासिल की: दस साल की उम्र तक सिद्धारमैया की कोई औपचारिक स्कूली शिक्षा नहीं हुई थी। इसके बाद गांव के ही स्कूल में पढ़े। बाद में उन्होंने बीएससी और फिर एलएलबी की पढ़ाई मैसूर विश्वविद्यालय से की। पांच भाई-बहनों में सिद्धारमैया दूसरे नंबर पर हैं और वह कुरुबा गौड़ा समुदाय से हैं। सिद्धारमैया मैसूर के मशहूर वकील चिक्काबोरैया के अधीन जूनियर थे और बाद में उन्होंने कुछ समय के लिए कानून पढ़ाया।
विज्ञापन

3. पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़कर विधायक बने : सिद्धारमैया साल 1983 में पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर कर्नाटक विधानसभा में चुनकर आए। 1994 में जनता दल सरकार में रहते हुए कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री बने। एचडी देवगौड़ा के साथ विवाद होने के बाद जनता दल सेक्युलर का साथ छोड़ा और 2008 में कांग्रेस का हाथ पकड़ा। 

वे 2013 से 2018 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे चुके हैं। उन्होंने अब तक 12 चुनाव लड़े हैं जिसमें से नौ में जीत दर्ज की है। मुख्यमंत्री रहते हुए गरीबों के लिए चलाई गई उनकी कई योजनाओं की काफी तारीफ हुई, जिसमें सात किलो चावल देने वाली वालाअन्न भाग्य योजना, स्कूल जाने वाले छात्रों को 150 ग्राम दूध और इंदिरा कैंटीन शामिल थीं। 

4. टीपू सुल्तान की जयंती धूमधाम से मनाई: सिद्धारमैया का नाम विवादों में भी खूब रहा है। उनके कार्यकाल में मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की जयंती धूमधाम से मनाई जाती थी। इसके अलावा उन्होंने पीएफआई और एसडीपीआई के कई कार्यकर्ताओं को रिहा करने का भी आदेश दिया था। 

5. दो बेटे हुए, एक की मौत हो गई : सिद्धारमैया की पत्नी का नाम पार्वती है। दोनों के दो बेटे हुए। राजनीति में अपने पिता के उत्तराधिकारी के रूप में देखे जाने वाले उनके बड़े बेटे राकेश की 2016 में 38 साल की उम्र में मौत हो गई थी। बताया जाता है कि मल्टी ऑर्गन फेल्योर के चलते उनकी मौत हुई थी। दूसरे बेटे यतींद्र 2018 में विधायक चुने जा चुके हैं। इस बार यतींद्र को टिकट नहीं मिला। 

6. डीके शिवकुमार से कम है संपत्ति : सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बनेंगे और डीके शिवकुमार उप-मुख्यमंत्री। दोनों की संपत्ति पर नजर डालें तो डीके शिवकुमार के मुकाबले सिद्धारमैया के पास कम संपत्ति है। डीके शिवकुमार कर्नाटक के सबसे अमीर विधायक हैं। उनके पास कुल 1,413 करोड़ रुपये की संपत्ति है। वहीं, मुख्यमंत्री बनने जा रहे सिद्धारमैया के पास 51 करोड़ 90 लाख रुपये की दौलत है।

7. 13 मुकदमें चल रहे : सिद्धारमैया पर कुल 13 केस चल रहे हैं। इनमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, चुनाव प्रभावित करना, घूस लेना जैसे आरोप भी शामिल हैं। 

8. येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री बनने में अड़ंगा लगाया: साल 2004 की बात है। तब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में वापसी करने से चूक गई। एसएम कृष्णा के नेतृत्व में कांग्रेस दूसरे नंबर की पार्टी बन गई। 58 सीट जीतकर पांच साल पुरानी जेडीएस किंगमेकर बन गई। केंद्र में सरकार खोने के कारण बीजेपी किसी भी तरह कर्नाटक की सत्ता में आना चाह रही थी। जेडीएस से बातचीत भी शुरू हुई, लेकिन सिद्धारमैया ने इसे सफल नहीं होने दिया। इसके बाद जेडीएस ने एक बयान जारी कर कहा कि धर्मनिरपेक्ष पार्टी के साथ ही गठबंधन किया जाएगा। बीजेपी बैकफुट पर आ गई और सरकार बनाने से चूक गई। समझौते के तहत कांग्रेस के धरम सिंह मुख्यमंत्री बने और जेडीएस कोटे से सिद्धारमैया उपमुख्यमंत्री। हालांकि, पुत्रमोह में फंसे देवेगौड़ा को सिद्धारमैया ज्यादा दिनों तक रोक नहीं पाए। 2006 में जेडीएस और बीजेपी का गठबंधन हो गया और एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने। हालांकि, एक साल के बाद येदियुरप्पा भी मुख्यमंत्री बनने में कामयाब रहे। इसी बीच सिद्धारमैया ने जेडीएस से अपनी राह अलग कर ली। 

9. बगावत के बाद मैसूर में देवगौड़ा के प्रत्याशी को हराया: 2005 में सिद्धारमैया ने बीजेपी को समर्थन की रणनीति का विरोध किया और देवगौड़ा के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। देवगौड़ा ने सिद्धारमैया को पार्टी से बर्खास्त कर दिया, जिसके बाद सिद्धारमैया ने विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। सिद्धारमैया देवगौड़ा के गढ़ मैसूर के चामुंडेश्वरी से विधायक थे। इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के टिकट पर सिद्धारमैया मैदान में उतरे। सामने थे जेडीएस के एम शिवाबासप्पा। शिवाबासप्पा के समर्थन में देवगौड़ा उनके बेटे कुमारस्वामी और येदियुरप्पा तीनों ने कैंपेन किया, लेकिन इसके बावजूद सिद्धारमैया ने उन्हें हरा दिया। 

10. 2013 में भी खरगे को सीएम बनने से रोक चुके हैं सिद्धारमैया : 2013 की बात है। कर्नाटक में कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की। कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के तीन दावेदार थे। पहले सिद्धारमैया, दूसरे मल्लिकार्जुन खरगे  और तीसरे जी परमेश्वर। कांग्रेस हाईकमान ने उस वक्त मधुसूदन मिस्त्री, जितेंद्र सिंह और लुइज़िन्हो फलेरियो को ऑब्जर्वर बनाकर बेंगलुरु भेजा। सीक्रेट वोटिंग कराई गई, जिसमें सिद्धारमैया को सबसे ज्यादा मत मिले। सिद्धारमैया इसके बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed