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असम में नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड के 1615 उग्रवादियों ने किया समर्पण
Thu, 30 Jan 2020 05:10 PM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: संदीप भट्ट
Updated Thu, 30 Jan 2020 05:10 PM IST
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असम के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के सभी चार गुटों के 1615 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया। गुरुवार को आत्मसमर्पण करते हुए उग्रवादियों ने 178 हथियार और विस्फोटक भी जमा कराया है। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में 1615 उग्रवादियों ने समर्पण किया।
मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के अलावा राज्य के वित्त मंत्री हेमंत बिस्व सरमा भी मौजूद रहे। इस मौके पर सीएम सोनोवाल ने कहा- हम बोडो समझौते में कही बात को पूरा करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। असम को पूर्वोत्तर का बेहतर राज्य बनाना है। 23 जनवरी को असम के 8 प्रतिबंधित संगठनों के 644 उग्रवादियों ने हथियार डाले थे।
गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने असम के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के साथ त्रिपक्षीय समझौता किया था।
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जिसके मुताबिक, एनडीएफबी सरगना बी साओराईगवरा समेत सभी उग्रवादी हिंसक गतिविधियां रोकेंगे और सरकार के साथ शांति वार्ता में शामिल होंगे। समझौते में अगले तीन साल तक बोडोलैंड क्षेत्र के विकास से लिए सरकार द्वारा 1500 करोड़ रुपए का वित्तीय पैकेज भी दिया जाना तय हुआ है। साथ ही सरकार ने इलाके में केंद्रीय विश्वविद्यालय समेत कई शिक्षण और प्रशिक्षण संस्थान खोलने का भरोसा राज्य को दिया है।
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मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के अलावा राज्य के वित्त मंत्री हेमंत बिस्व सरमा भी मौजूद रहे। इस मौके पर सीएम सोनोवाल ने कहा- हम बोडो समझौते में कही बात को पूरा करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। असम को पूर्वोत्तर का बेहतर राज्य बनाना है। 23 जनवरी को असम के 8 प्रतिबंधित संगठनों के 644 उग्रवादियों ने हथियार डाले थे।
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गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने असम के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के साथ त्रिपक्षीय समझौता किया था।
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जिसके मुताबिक, एनडीएफबी सरगना बी साओराईगवरा समेत सभी उग्रवादी हिंसक गतिविधियां रोकेंगे और सरकार के साथ शांति वार्ता में शामिल होंगे। समझौते में अगले तीन साल तक बोडोलैंड क्षेत्र के विकास से लिए सरकार द्वारा 1500 करोड़ रुपए का वित्तीय पैकेज भी दिया जाना तय हुआ है। साथ ही सरकार ने इलाके में केंद्रीय विश्वविद्यालय समेत कई शिक्षण और प्रशिक्षण संस्थान खोलने का भरोसा राज्य को दिया है।
As we embark on a new journey of peace and progress, I welcome to the mainstream all 1615 cadres of NDFB factions who have laid down their arms today.
With another 644 cadres from various organisations who also surrendered recently, this will pave the way for a #NewIndia. pic.twitter.com/ug91Nyb1bM— Sarbananda Sonowal (@sarbanandsonwal) January 30, 2020