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कंधों पर वित्त मंत्री की अर्थी उठा स्वर्णकार बोले, राम नाम सत्य है, बाकी सब असत्य है
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Fri, 11 Mar 2016 01:26 AM IST
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वित्त मंत्री का पुतला जलाते स्वर्णकार
- फोटो : Bureau
राम नाम सत्य है, बाकी सब असत्य है। यह कहते हुए स्वर्णकार वीरवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली की प्रतीकात्मक अर्थी को कंधे पर उठाकर बाजारों में निकल गए। शव यात्रा के दौरान स्वर्णकारों ने जमकर रोना रोया। बाद में अर्थी लेकर अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की प्रतिमा के चरणों में पहुंचे। आभूषणों पर एक्साईज डयूटी लगाए जाने पर पुतले को जूतों, चप्पलों से पीटकर भड़ास निकाली। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एसडीएम अजय कुमार को ज्ञापन सौंपा।
ज्वेलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में स्वर्णकारों ने लगातार 9वें दिन अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। गांधी चौक पर धरनारत स्वर्णकार काली झंडियां लेकर आ गए। चार युवकों ने वित्त मंत्री की प्रतीकात्मक अर्थी उठाई हुई थी। राम नाम सत्य है, कहते हुए शव यात्रा शुरू कर दी। इस दौरान स्वर्णकारों ने केंद्र सरकार के खिलाफ लिखित तख्तियां हाथों में पकड़ी हुई थी।
मुख्य बाजार तथा सब्जी मंडी की परिक्रमा करने के बाद अर्थी को गांधी चौक पर लगाया गया। अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के चरणों में वित्त मंत्री की अर्थी रखकर स्वर्णकार फफक-फफक कर रोए। उत्तेजित युवकों ने जूतों, चप्पलों से उसे पीटा। वित्त मंत्री तथा केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रोष जताया। बाद में अरुण जेटली के पुतले को आग लगा दी।
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पूरे घटनाक्रम के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता केवी सिंह मौजूद रहे। इससे पूर्व स्वर्णकारों को संबोधित करते हुए स्वर्णकार संघ के महासचिव जगदीप सूर्या ने कहा कि वर्ष 2011-12 में यूपीए सरकार ज्वेलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाने के लिए प्रस्ताव लेकर आई थी। उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने यूपीए सरकार का विरोध करते हुए बयानबाजी की थी। अब जब पीएम हैं, तो चार साल पहले वाला फार्मूला अच्छा लगने लगा और उसे लागू भी कर दिया।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
वित्त मंत्री अरुण जेटली का पुतला फूंकने के बाद स्वर्णकारों ने एसडीएम अजय कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। स्वर्णकारों ने ज्ञापन में कहा है कि 2016-17 में ज्वेलरी पर एक प्रतिशत एक्साइज डयूटी तथा ब्रांडेड ज्वेलरी पर 12.5 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है। उसको वापिस लिया जाए। इस मौके पर स्वर्णकार संघ के प्रधान निर्मल कंडा, महासचिव जगदीप सूर्या, दलेर जोड़ा, हरदेव गोरखी, साबर मल, कुलदीप सिंह, इंद्रजीत खुरमी मौजूद थे।
केंद्र सरकार अपनी तुगलकी नीतियों से साबित करना चाहती है कि सारे स्वर्णकार चोर हैं। मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी बड़े-बड़े वादे करते थे। पीएम बनने के बाद कथनी और करनी में अंतर आ गया। भगवान ने नरेंद्र मोदी को ऐसी शक्ति दी है कि वे झूठ को भी सच साबित करने में निपुण हैं। भीड़ की तालियां कैसे बटोरी जाती हैं, वे जानते हैं। तभी तो कानपुर में जाकर कहते हैं चमड़ा उद्योग विकसित करूंगा। अलीगढ़ में चलकर कहते हैं ताले का कारोबार को बढ़ावा देंगे। बरेली में लोगों की भीड़ को खींचने के लिए कहते हैं, सुना था कभी झुमका गिरा था। मैं झुमके के कारोबार को पुन: विकसित करूंगा। जबकि ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला। भाजपा केवल देश-प्रदेश में दंगे भड़का सकती है। जात-पात का जहर घोल सकती है।
- डॉ. केवी सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता
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ज्वेलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में स्वर्णकारों ने लगातार 9वें दिन अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। गांधी चौक पर धरनारत स्वर्णकार काली झंडियां लेकर आ गए। चार युवकों ने वित्त मंत्री की प्रतीकात्मक अर्थी उठाई हुई थी। राम नाम सत्य है, कहते हुए शव यात्रा शुरू कर दी। इस दौरान स्वर्णकारों ने केंद्र सरकार के खिलाफ लिखित तख्तियां हाथों में पकड़ी हुई थी।
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मुख्य बाजार तथा सब्जी मंडी की परिक्रमा करने के बाद अर्थी को गांधी चौक पर लगाया गया। अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के चरणों में वित्त मंत्री की अर्थी रखकर स्वर्णकार फफक-फफक कर रोए। उत्तेजित युवकों ने जूतों, चप्पलों से उसे पीटा। वित्त मंत्री तथा केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रोष जताया। बाद में अरुण जेटली के पुतले को आग लगा दी।
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पूरे घटनाक्रम के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता केवी सिंह मौजूद रहे। इससे पूर्व स्वर्णकारों को संबोधित करते हुए स्वर्णकार संघ के महासचिव जगदीप सूर्या ने कहा कि वर्ष 2011-12 में यूपीए सरकार ज्वेलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाने के लिए प्रस्ताव लेकर आई थी। उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने यूपीए सरकार का विरोध करते हुए बयानबाजी की थी। अब जब पीएम हैं, तो चार साल पहले वाला फार्मूला अच्छा लगने लगा और उसे लागू भी कर दिया।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
वित्त मंत्री अरुण जेटली का पुतला फूंकने के बाद स्वर्णकारों ने एसडीएम अजय कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। स्वर्णकारों ने ज्ञापन में कहा है कि 2016-17 में ज्वेलरी पर एक प्रतिशत एक्साइज डयूटी तथा ब्रांडेड ज्वेलरी पर 12.5 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है। उसको वापिस लिया जाए। इस मौके पर स्वर्णकार संघ के प्रधान निर्मल कंडा, महासचिव जगदीप सूर्या, दलेर जोड़ा, हरदेव गोरखी, साबर मल, कुलदीप सिंह, इंद्रजीत खुरमी मौजूद थे।
केंद्र सरकार अपनी तुगलकी नीतियों से साबित करना चाहती है कि सारे स्वर्णकार चोर हैं। मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी बड़े-बड़े वादे करते थे। पीएम बनने के बाद कथनी और करनी में अंतर आ गया। भगवान ने नरेंद्र मोदी को ऐसी शक्ति दी है कि वे झूठ को भी सच साबित करने में निपुण हैं। भीड़ की तालियां कैसे बटोरी जाती हैं, वे जानते हैं। तभी तो कानपुर में जाकर कहते हैं चमड़ा उद्योग विकसित करूंगा। अलीगढ़ में चलकर कहते हैं ताले का कारोबार को बढ़ावा देंगे। बरेली में लोगों की भीड़ को खींचने के लिए कहते हैं, सुना था कभी झुमका गिरा था। मैं झुमके के कारोबार को पुन: विकसित करूंगा। जबकि ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला। भाजपा केवल देश-प्रदेश में दंगे भड़का सकती है। जात-पात का जहर घोल सकती है।
- डॉ. केवी सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता