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पंद्रह दिनों में हिंसा पीड़ितों को मुआवजा दे सरकार : कर्मबीर सैनी
Updated Sat, 12 Mar 2016 11:55 PM IST
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हरियाणा बचाओ संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष एवं बहुजन समाज पार्टी के नेता कर्मबीर सैनी ने कहा कि पिछले दिनों हरियाणा में हिंसा के पीड़ित लोगों को अगले 15 दिनों में पूर्ण मुआवजा दिया जाए। इस समय सरकार द्वारा जो मुआवजा दिया जा रहा है, वह नाम मात्र है।
इससे लोगों को अपने रोजगार शुरू नहीं किए जा सकेंगे। शनिवार को कलायत व कैथल में पीड़ित दुकानदारों व व्यापारियों से मुलाकात के बाद लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कर्मबीर सैनी ने कहा कि हरियाणा में इस समय हालात काफी गंभीर हैं। लोग भयभीत हैं। यदि सरकार इस व्यवस्था को नहीं संभाल सकती तो प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू कर सुरक्षा की जिम्मेवारी बीएसएफ को सौंप देनी चाहिए। प्रदेश में आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रवियों ने हत्या, आगजनी व लूट खसोट कर आजादी के दौरान हिंदू-मुस्लिम दंगों से भी भयावह स्थिति पैदा कर दी।
इस पूरे प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से जांच करवाकर सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में वे दंगा प्रभावित इलाकों में गए हैं। हांसी में तो लोग पलायन कर रहे हैं। अब एक बार फिर से कई जगहों पर हालात संवेदनशील बने हुए हैं। सरकार आवश्यक उपाय करे।
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उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे आपसी भाईचारे को बनाए रखते हुए शांति कायम करें। हरियाणा संघर्ष समिति इस समय पूरे प्रदेश में प्रभावित लोगों की मदद का प्रयास कर रही है। यह राजनीति करने का समय नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण से छेड़छाड़ न हो। अलग से यदि सरकार आरक्षण दे तो किसी को कोई परेशानी नहीं है। इस अवसर पर उनके साथ जोगी राम, जगदीश कश्यप, ओमप्रकाश, देशराज सरोहा, महेंद्र सिंह, दलबीर भान, सुरेंद्र सजूमा, शमशेर सिंह, ईश्वर सिंह सहित अन्य भी मौजूद थे।
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इससे लोगों को अपने रोजगार शुरू नहीं किए जा सकेंगे। शनिवार को कलायत व कैथल में पीड़ित दुकानदारों व व्यापारियों से मुलाकात के बाद लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कर्मबीर सैनी ने कहा कि हरियाणा में इस समय हालात काफी गंभीर हैं। लोग भयभीत हैं। यदि सरकार इस व्यवस्था को नहीं संभाल सकती तो प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू कर सुरक्षा की जिम्मेवारी बीएसएफ को सौंप देनी चाहिए। प्रदेश में आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रवियों ने हत्या, आगजनी व लूट खसोट कर आजादी के दौरान हिंदू-मुस्लिम दंगों से भी भयावह स्थिति पैदा कर दी।
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इस पूरे प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से जांच करवाकर सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में वे दंगा प्रभावित इलाकों में गए हैं। हांसी में तो लोग पलायन कर रहे हैं। अब एक बार फिर से कई जगहों पर हालात संवेदनशील बने हुए हैं। सरकार आवश्यक उपाय करे।
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उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे आपसी भाईचारे को बनाए रखते हुए शांति कायम करें। हरियाणा संघर्ष समिति इस समय पूरे प्रदेश में प्रभावित लोगों की मदद का प्रयास कर रही है। यह राजनीति करने का समय नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण से छेड़छाड़ न हो। अलग से यदि सरकार आरक्षण दे तो किसी को कोई परेशानी नहीं है। इस अवसर पर उनके साथ जोगी राम, जगदीश कश्यप, ओमप्रकाश, देशराज सरोहा, महेंद्र सिंह, दलबीर भान, सुरेंद्र सजूमा, शमशेर सिंह, ईश्वर सिंह सहित अन्य भी मौजूद थे।