{"_id":"56e45dc64f1c1be5748b45df","slug":"kaithal-agriculture-news-kaithal","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिछ गई अरमानों की फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिछ गई अरमानों की फसल
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल
Updated Sat, 12 Mar 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
किसान
- फोटो : bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्दी के सीजन में फसलों के लिए बारिश को तरसे किसानों की फसल पकने पर अब भगवान ने कहर बरपाना शुरू किया है। शुक्रवार को छाए बदरा शनिवार को जमकर बरसे, यह बारिश किसानों के लिए राहत की बजाए आफत खड़ी करती नजर आ रही है। क्षेत्र में गेहूं और सरसों की फसल जमीन पर बिछने लगी है। फसलों की हालत देखकर किसान के अरमान और उनका भविष्य भी जमीन पर बिछने लगा है। वहीं कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो अभी दो से तीन दिन बारिश के आसार हैं।
पूरे जिले में बोई गई 1 लाख 60 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल सहित 4 से 5 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल में इस बरसात एवं ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। अधिकतर इलाकों में फसल जमीन पर बिछ गई है। जिसमें अभी दाना बनने की स्टेज पर है। अगले 24 घंटों मेें ओर बरसात की संभावना जताई जा रही है। जिससे उत्पादन में 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है।
रबी की फसल के लिए किसान पूरे सीजन बरसात का इंतजार करते रहे। लेकिन बरसात नहीं हुई। शुक्रवार को ही शुरू हुई हलकी बूंदाबांदी के बाद रात को तेज बरसात एवं ओलावृष्टि तो हुई। लेकिन इससे अब फायदे की बजाए फसलों में भारी नुकसान होगा। कैथल, गुहला-चीका, सीवन सहित ढांड क्षेत्रों में तो ओलावृष्टि ने भारी नुकसान किया है। इसके अलावा कई जगहों पर 20 से 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चले अंधड़ के कारण खड़ी फसल खेतों में जमीन पर बिछ गई है। जिले में पिछले 24 घंटों में हुई करीब 20 एमएएम बरसात हुई है। अगले 24 घंटों में ओर बरसात होने का अनुमान है।
विज्ञापन
एक मोटे अनुमान के अनुसार जिले में 1 लाख 60 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है। जिसमें से 70 प्रतिशत फसल की बुवाई अगेती फसल के तौर पर की गई थी। इसी फसल में इस बरसात व हवाओं के कारण ज्यादा नुकसान हुआ है। यह फसल जमीन पर गिर गई है। अभी इसमें दाना बन रहा है। बीच में ही जमीन पर गिर जाने के कारण दाना विकसित नहीं हो पाएगा। जो फसल लेट बोई गई थी, उसमें ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
आसमान से बरसात के रूप में बरसी आफत, किसानों में हाहाकार
पाई। शुक्रवार रात व शनिवार सुबह जमकर हुई बरसात ने एक बार फिर किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। जिसके चलते धरती पुत्रों में हाहाकार मचा हुआ है। दिन भर बरसात व धूप निकलने का सिलसिला भी लगातार जारी रहा। किसान राम सिंह, जिले सिंह, रोशन लाल, सुधीर कुमार, शेर सिंह, नफे सिंह, बदन सिंह, नसीब सिंह सहित कई किसानों ने बताया कि अधिकतर किसानों की फसलों पर गेहूं के दानों की बालियां आ चुकी है और फसलों की पकाई शुरू हो चुकी थी, लेकिन बीती रात व आज सुबह हुई जमकर बरसात ने फसलों को बर्बाद करके रख दिया है।
बारिश के साथ शुरू हुई राजनीति
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबडी, भूरा राम, बलवान, सेवा सिंह ने बताया कि गत रात्रि हुई तेज हवा के साथ वर्षा से किसानों की गेहूं की फसल में उथल-पुथल होने के कारण जमीन पर गिर गई। सरकार से मांग की है कि इस ओर विशेष ध्यान दे और मुआवजे की घोषणा करें।
राजौंद में भारी नुकसान
शुक्रवार की रात 10 बजे के आसपास तेज हवाओं के साथ आई बे मौसमी बरसात ने खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों व हरे चारे की फसलों को तहस-नहस करके रख दिया है। किसानों ने बताया कि मंहगे डीजल, बीज, खाद व रसायन की वजह से ही खेती में किसानों को हर बार नुकसान हो रहा है। इस बार जब फसल बढ़ वार को देखते हुए पूरे यौवन पर थी तो अचानक से हुई बरसात ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
ढांड में ओलावृष्टि ने मचाई तबाही
ढांड। बरसात के साथ हुई ओलावृष्टि ने एक बार फिर किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। जिसके चलते धरती पुत्रों में हाहाकार मची हुई है। कुछ समय के लिए मौसम साफ हो जाता था, तो दूसरे पल में आसमान पर काले बादल छाने के साथ ही बरसात शुरू हो जाती थी। रही-सही कसर बरसात के साथ व दिन भर चली तेज हवाओं के कारण पूरी हो रही है। जिसके चलते गेहूं की फसलें खेतों में नीचे बिछ गई है। किसान राम सिंह, जिले सिंह, रोशन लाल, सुधीर कुमार, शेर सिंह, नफे सिंह, बदन सिंह, नसीब सिंह सहित कई किसानों ने बताया कि अधिकतर किसानों की फसलों पर गेहूं के दानों की बालियां आ चुकी है और फसलों की पकाई शुरू हो चुकी थी, लेकिन बीती रात व सुबह हुई जमकर बरसात ने फसलों को बर्बाद करके रख दिया है।
बरसात व तेज हवाओं से गेहूं को भारी नुकसान
कलायत। किसानों को बारिश और तेज हवाओं ने रोने पर मजबूर कर दिया। किसान सतीश राणा, रामफल, रतन सिंह, तेजपाल, कुलदीप, गोपाल, राजेंद्र, रामपाल ने बताया कि गत वर्ष भी इसी प्रकार से बरसात ने किसानों को बेहाल कर दिया तथा अधिक बरसात होने से जहां गेहूं की आमदन कम हुई वहीं बची गेहूं काली पड़ गई थी। इसी प्रकार से धान की फसलों के दाम कम मिलने व कपास की फसल खराब होने से किसान लगातार कर्जदार होता जा रहा है।
बरसात, ओलावृष्टि व अंधड़ से गेहूं की फसल में निश्चित तौर पर नुकसान हो सकता है। यदि अगले दो-तीन दिनों तक धूप निकल जाती है तो फसल कुछ हद तक नुकसान को कवर लेगी। 24 घंटों तक ओर बरसात होने की संभावनाएं हैं। तेज हवाओं से नुकसान ज्यादा हुआ है।
डा. चंद्रशेखर डागर, मौसम वैज्ञानिक, धान अनुसंधान संस्थान, कौल
बरसात से इस समय पक रही गेहूं की फसल में वहां नुकसान है। जहां हवा के कारण यह जमीन पर गिर गई है। क्योंकि पकाई के समय जमीन पर गिरने के कारण उत्पादन प्रभावित होगा।
डा. रमेश वर्मा, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, कैथल।
जिले में
गेहूं की बुवाई
1 लाख 60 हजार हेक्टेयर
सरसों की बुवाई
4 से 5 हजार हेक्टेयर
बारिश से अनुमानित नुकसान
10 से 15 प्रतिशत
हवाओं की रफ्तार
20 से 22 किमी प्रति घंटा
पिछले 24 घंटों में हुई बरसात
20 एमएम
विज्ञापन
पूरे जिले में बोई गई 1 लाख 60 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल सहित 4 से 5 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल में इस बरसात एवं ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। अधिकतर इलाकों में फसल जमीन पर बिछ गई है। जिसमें अभी दाना बनने की स्टेज पर है। अगले 24 घंटों मेें ओर बरसात की संभावना जताई जा रही है। जिससे उत्पादन में 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन
रबी की फसल के लिए किसान पूरे सीजन बरसात का इंतजार करते रहे। लेकिन बरसात नहीं हुई। शुक्रवार को ही शुरू हुई हलकी बूंदाबांदी के बाद रात को तेज बरसात एवं ओलावृष्टि तो हुई। लेकिन इससे अब फायदे की बजाए फसलों में भारी नुकसान होगा। कैथल, गुहला-चीका, सीवन सहित ढांड क्षेत्रों में तो ओलावृष्टि ने भारी नुकसान किया है। इसके अलावा कई जगहों पर 20 से 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चले अंधड़ के कारण खड़ी फसल खेतों में जमीन पर बिछ गई है। जिले में पिछले 24 घंटों में हुई करीब 20 एमएएम बरसात हुई है। अगले 24 घंटों में ओर बरसात होने का अनुमान है।
विज्ञापन
एक मोटे अनुमान के अनुसार जिले में 1 लाख 60 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है। जिसमें से 70 प्रतिशत फसल की बुवाई अगेती फसल के तौर पर की गई थी। इसी फसल में इस बरसात व हवाओं के कारण ज्यादा नुकसान हुआ है। यह फसल जमीन पर गिर गई है। अभी इसमें दाना बन रहा है। बीच में ही जमीन पर गिर जाने के कारण दाना विकसित नहीं हो पाएगा। जो फसल लेट बोई गई थी, उसमें ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
आसमान से बरसात के रूप में बरसी आफत, किसानों में हाहाकार
पाई। शुक्रवार रात व शनिवार सुबह जमकर हुई बरसात ने एक बार फिर किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। जिसके चलते धरती पुत्रों में हाहाकार मचा हुआ है। दिन भर बरसात व धूप निकलने का सिलसिला भी लगातार जारी रहा। किसान राम सिंह, जिले सिंह, रोशन लाल, सुधीर कुमार, शेर सिंह, नफे सिंह, बदन सिंह, नसीब सिंह सहित कई किसानों ने बताया कि अधिकतर किसानों की फसलों पर गेहूं के दानों की बालियां आ चुकी है और फसलों की पकाई शुरू हो चुकी थी, लेकिन बीती रात व आज सुबह हुई जमकर बरसात ने फसलों को बर्बाद करके रख दिया है।
बारिश के साथ शुरू हुई राजनीति
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबडी, भूरा राम, बलवान, सेवा सिंह ने बताया कि गत रात्रि हुई तेज हवा के साथ वर्षा से किसानों की गेहूं की फसल में उथल-पुथल होने के कारण जमीन पर गिर गई। सरकार से मांग की है कि इस ओर विशेष ध्यान दे और मुआवजे की घोषणा करें।
राजौंद में भारी नुकसान
शुक्रवार की रात 10 बजे के आसपास तेज हवाओं के साथ आई बे मौसमी बरसात ने खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों व हरे चारे की फसलों को तहस-नहस करके रख दिया है। किसानों ने बताया कि मंहगे डीजल, बीज, खाद व रसायन की वजह से ही खेती में किसानों को हर बार नुकसान हो रहा है। इस बार जब फसल बढ़ वार को देखते हुए पूरे यौवन पर थी तो अचानक से हुई बरसात ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
ढांड में ओलावृष्टि ने मचाई तबाही
ढांड। बरसात के साथ हुई ओलावृष्टि ने एक बार फिर किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। जिसके चलते धरती पुत्रों में हाहाकार मची हुई है। कुछ समय के लिए मौसम साफ हो जाता था, तो दूसरे पल में आसमान पर काले बादल छाने के साथ ही बरसात शुरू हो जाती थी। रही-सही कसर बरसात के साथ व दिन भर चली तेज हवाओं के कारण पूरी हो रही है। जिसके चलते गेहूं की फसलें खेतों में नीचे बिछ गई है। किसान राम सिंह, जिले सिंह, रोशन लाल, सुधीर कुमार, शेर सिंह, नफे सिंह, बदन सिंह, नसीब सिंह सहित कई किसानों ने बताया कि अधिकतर किसानों की फसलों पर गेहूं के दानों की बालियां आ चुकी है और फसलों की पकाई शुरू हो चुकी थी, लेकिन बीती रात व सुबह हुई जमकर बरसात ने फसलों को बर्बाद करके रख दिया है।
बरसात व तेज हवाओं से गेहूं को भारी नुकसान
कलायत। किसानों को बारिश और तेज हवाओं ने रोने पर मजबूर कर दिया। किसान सतीश राणा, रामफल, रतन सिंह, तेजपाल, कुलदीप, गोपाल, राजेंद्र, रामपाल ने बताया कि गत वर्ष भी इसी प्रकार से बरसात ने किसानों को बेहाल कर दिया तथा अधिक बरसात होने से जहां गेहूं की आमदन कम हुई वहीं बची गेहूं काली पड़ गई थी। इसी प्रकार से धान की फसलों के दाम कम मिलने व कपास की फसल खराब होने से किसान लगातार कर्जदार होता जा रहा है।
बरसात, ओलावृष्टि व अंधड़ से गेहूं की फसल में निश्चित तौर पर नुकसान हो सकता है। यदि अगले दो-तीन दिनों तक धूप निकल जाती है तो फसल कुछ हद तक नुकसान को कवर लेगी। 24 घंटों तक ओर बरसात होने की संभावनाएं हैं। तेज हवाओं से नुकसान ज्यादा हुआ है।
डा. चंद्रशेखर डागर, मौसम वैज्ञानिक, धान अनुसंधान संस्थान, कौल
बरसात से इस समय पक रही गेहूं की फसल में वहां नुकसान है। जहां हवा के कारण यह जमीन पर गिर गई है। क्योंकि पकाई के समय जमीन पर गिरने के कारण उत्पादन प्रभावित होगा।
डा. रमेश वर्मा, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, कैथल।
जिले में
गेहूं की बुवाई
1 लाख 60 हजार हेक्टेयर
सरसों की बुवाई
4 से 5 हजार हेक्टेयर
बारिश से अनुमानित नुकसान
10 से 15 प्रतिशत
हवाओं की रफ्तार
20 से 22 किमी प्रति घंटा
पिछले 24 घंटों में हुई बरसात
20 एमएम