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जमानत याचिका पर प्रोफेसर विरेंद्र को राहत नहीं, फैसला 14 को

Fri, 11 Mar 2016 02:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक Updated Fri, 11 Mar 2016 02:11 AM IST
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jaat andolan Virendra audio, Professor Virendra not relieve bail, decision on 14 march
प्रो.वीरेंद्र - फोटो : file photo
राजद्रोह के आरोपी प्रो. विरेंद्र सिंह को कोर्ट से राहत नहीं मिली। उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को जिला सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार गुप्ता की कोर्ट में सुनवाई हुई। प्रो. विरेंद्र के वकील और सरकारी वकील में काफी देर तक बहस हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अब 14 मार्च को फैसला सुनाया जाएगा। बता दें कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर विरेंद्र के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया गया है।
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ये हुआ कोर्ट में
बृहस्पतिवार को जिला सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार गुप्ता की कोर्ट में प्रोफेसर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। सरकार की ओर से डीएसपी पवन कुमार और वकील जोगेंद्र मोर एक रिपोर्ट लेकर पेश हुए। उस रिपोर्ट को काफी गोपनीय तरीके से कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद प्रो. विरेंद्र के वकील व सरकारी वकील में बहस शुरू हुई। काफी देर बहस के बाद जिला सत्र न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित रख लिया। अब 14 मार्च को फैसला सुनाया जाएगा। 
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प्रोफेसर के वकील: ऑडियो के आधार पर राजद्रोह नहीं बनता, जमानत मिले
सरकारी वकील: राजद्रोह का केस दर्ज है, इसलिए जमानत की बात ही नहीं

प्रोफेसर के वकील जे. के. गक्खड़ ने बहस करते हुए कहा कि मेरे मुवक्किल को एक साजिश के तहत फं साया गया है। ऑडियो क्लिप के आधार पर राजद्रोह का केस नहीं बनता है। इसलिए उनको जमानत दी जानी चाहिए। प्रोफेसर को रात में पुलिस कस्टडी में नहीं रखा जाए। दिन में वह पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। इसका विरोध करते हुए सरकारी वकील जोगेंद्र मोर ने कहा कि प्रोफेसर पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज है। इसलिए अग्रिम जमानत की कोई बात ही नहीं हो सकती है। पुलिस कस्टडी के बिना जांच पूरी नहीं हो सकती है। इसलिए प्रो. विरेंद्र को गिरफ्तार किया जाना जरूरी है, जिससे पुलिस उनसे पूछताछ करके अपनी जांच पूरी कर सके।
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ये है मामला
आरोप है कि प्रोफेसर ने जाट आरक्षण आंदोलन को भड़काया। उनका एक विवादित ऑडियो टेप सामने आया था, जिसमें वे आंदोलन को दूसरे जगह भी शुरू करने की बात कह रहे हैं। इस टेप के आधार पर भिवानी के रिटायर्ड कैप्टन पवन कुमार ने प्रोफेसर विरेंद्र सिंह और दलाल खाप के प्रवक्ता कैप्टन मानसिंह के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की ओर से दिए गए समय पर भी प्रोफेसर नहीं आए तो कोर्ट ने उनका गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसी बीच प्रोफेसर के वकील जे. के. गक्खड़ की ओर से कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी गई। 
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