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पूर्व मंत्री समेत 21 को जिला प्रशासन की नोटिस

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 31 Dec 2021 05:22 PM IST
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रेवाड़ी। सरप्लस जमीन पर कब्जे के मामले में जिला प्रशाासन ने पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव समेत 21 लोगों को नोटिस जारी कर 18 जनवरी को तलब किया है। इन लोगों पर 367 एकड़ सरप्लस जमीन पर कब्जे का मामला है। बता दें, गांव सहारनवास व सूमाखेड़ा में सरप्लस जमीन का कब्जा दिलवाने की मांग काफी समय से की जा रही है और अब यह मांग जोर पकड़ने लगी है।
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रेवाड़ी के गांव मुढलिया निवासी लक्ष्मण सिंह यादव व जनकराज सहरानवास ने गांव सहारनवास (गांगोली) व सूमाखेड़ा में सरप्लस 367 एकड़ जमीन का कब्जा अलॉटियों को दिलवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली परिवारों ने अपने प्रभाव का दुरुपयोग करके जमीन को गलत ढंग से अपने व अपने परिचितों के नाम करवाया हुआ है। इसकी लड़ाई वे वर्षों से लड़ते आ रहे हैं, लेकिन जांच के नाम पर उन्हें आज तक धक्कों के सिवाय कुछ नहीं मिला है।
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बता दें, सरप्लस जमीन का कब्जा दिलाने की मांग को लेकर कई परिवारों की तो 3-3 पीढ़ियां ही खत्म हो गई। रेवाड़ी एसडीएम रविंद्र यादव की तरफ से पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव सहित 21 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। सभी को 18 जनवरी 2022 को अपना पक्ष रखने को कहा गया है। पहले नोटिस 3 नवंबर 2021 को जारी किया गया था, जिसमें पेश होने की तिथि 20 दिसंबर तय हुई थी। लेकिन, ये लोग हाजिर नहीं हुए हैं। ग्रामीण जनकराज यादव के अनुसार प्रशासन की तरफ से जारी नोटिस में साक्ष्य पेश किए हैं, जिनके आधार पर दावा किया गया है कि 367 एकड़ 3 कनाल 2 मरला भूमि दो गांव सुमाखेड़ा व साहरानवास गांव की है, जो 1979 में 2 इंतकालों के तहत हरियाणा सरकार के नाम होकर भूमिहीन किसानों को अलॉट हुई थी। मगर पिछले 41 सालों से पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव, उनके परिवार, रिश्तेदार का कब्जा चला रहा है।
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इस बाबत सरप्लस भूमि मामले को लेकर पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि 1972 में उनके पिता विधायक थे और उन्होंने 1111 एकड़ जमीन सरप्लस घोषित की थी। उनके पिता गांधीवादी थे और गरीब व किसानों के हितैषी थे। उनके परिवार ने सरकार से उस समय गांव के लोगों को जमीन दिलवाकर काश्तकार से मालिक बनवाया था। उन्होंने कहा कि 800 एकड़ जमीन सरकार के माध्यम से उन किसानों को दी गई, जो हमारे पिता की जमीन पर काश्तकार थे।
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