{"_id":"56ddd0b34f1c1bd3258b4584","slug":"rewari-news-exam-news-panchyat-cheating","type":"story","status":"publish","title_hn":"पढ़ी-लिखी गांव की सरकार बनेगी नकल रोकने की दीवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पढ़ी-लिखी गांव की सरकार बनेगी नकल रोकने की दीवार
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Tue, 08 Mar 2016 12:34 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश की मनोहर सरकार का पढ़ी लिखी पंचायतों के गठन के फैसले का असर धीरे-धीरे सामने आने लगा है। पहले जहां गांव और कस्बे के एरियों में नकल रोकना शिक्षा विभाग के लिए टेढ़ी खीर होता था, वहीं अब यही एरिये शिक्षा विभाग के माथे पर पड़ने वाले बल को कम करेगा। ऐसा इसलिए संभव हो पाएगा क्योंकि बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए खुद पंचायत और ग्रामीण मिलकर नकल रोकने की दीवार बनकर सामने आएगी। शिक्षा विभाग और पंचायतों की मीटिंग के बाद नकल रोकने के लिए यह बीड़ा उठाया है। पंचायतों की पहल पर डीईओ धर्मबीर बल्डोदिया एवं स्कूल मुखियाओं ने मिलकर 57 परीक्षा केंद्रों पर 23 हजार विद्यार्थियों नकल से खराब होने वाले भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए रणनीति तैयार हो चुकी है। योजना के तहत स्कूल के अंदर शिक्षा विभाग तो बाहर पंचायतें नकलचियों के बीच दीवार बनकर व्यवस्था की कमान संभालेंगी। आज होने वाली दसवीं का हिंदी एवं 12वीं का अंग्रेजी भाषा का पेपर 11 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक आयोजित होगा। इसके लिए प्रशासन ने अलग से भी प्रत्येक सेंटर पर एक आब्जर्वर एवं पांच फ्लाइंड स्कवॉयड का गठन किया है।
पंचायतों एवं जिला पार्षदों की उम्मीद भरी पहल
पढ़ी-लिखी पंचायतों का यह असर हुआ कि उन्होंने स्वयं से गांवों में परीक्षाओं में होने वाली नकल पर लगाम लगाने के लिए शिक्षा विभाग के साथ मिलकर योजना बनाई। प्राथमिक स्तर पर सरंपचों एवं जिला पार्षदों के साथ जिला शिक्षा अधिकारी धर्मबीर ब्लडोदिया ने रेवाड़ी में बैठक की। सफल रही बैठक के बाद डीईओ ने जिले के सभी स्कूल मुखियाओं को पंचायतों के साथ बैठक करने के आदेश दिए। इसके बाद गांव-गांव में प्रिंसिपलों एवं पंचायतों ने मिलकर नकल पर रोक लगाने का निर्णय लिया।
23 हजार परीक्षार्थी, 57 सेंटर, पांच फ्लाइंग स्कवॉयड, धारा-144 लागू
पिछले अनुभवों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने नकलचियों के लिए किले बंदी करने के लिए उपायुक्त डॉ. यश गर्ग सहित दो एसडीएम, एक जिला शिक्षा अधिकारी एवं एक खंड शिक्षा अधिकारी की फ्लाइंग स्कवायड का गठन किया है। पांच फ्लाइंग स्कवायड के साथ सभी 57 सेंटरों पर एक-एक आब्जर्वर तैनात रहेगा। इसी के साथ शरारती तत्व परीक्षा केंद्रों पर एकत्रित न हो इसके लिए स्कूल प्रांगण के 100 मीटर एरिये में धारा-144 लागू कर दी गई है। बता दें कि परीक्षाएं आठ मार्च से शुरू होकर दसवीं की 28 एवं 12वीं की 29 मार्च तक चलेंगे।
विज्ञापन
आधा घंटा पहले पहुंचे परीक्षा केंद्र पर
किसी भी परेशानी से बचने के लिए परीक्षार्थी सेंटर पर 10:30 पर रिपोर्ट करें, ताकि समय पर परीक्षा में बैठ सकें। इसी के साथ परीक्षा केंद्र में केवल अपनी रोल नंबर स्लिप ही लेकर जाएं, अन्यथा चेकिंग सहित अनेक प्रक्रियाओं में उनका समय बर्बाद हो सकता है। खंड शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों को 10:30 पर खोल दिया जाएगा। यहां पर पहुंच अपनी एंट्री कराने के बाद अपनी सीट पर समय पर पहुंचकर विद्यार्थी सामने आने वाली परेशानियों से बच सकते हैं।
परीक्षा केंद्र के अंदर आत्मविश्वास से आसान होगी परीक्षा
अंग्रेजी प्रवक्ता रतन कुमार मेहता ने बताया कि पेपर 80 नंबर का होगा। पेपर निर्धारित समय में पूरा करने के लिए सबसे पहले एमसीक्यू प्रश्नों को हल करें, इसके बाद सबसे पहले आसान लगने वाले प्रश्नों को हल करना चाहिए क्योंकि यह भाषा का पेपर है, इसलिए गलतियों से बचने के लिए त्रुटियों का ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र कें अंदर आत्मविश्वास बनाकर रखें तो आसानी से प्रश्रों को हल किया जा सकता है। वहीं यूरो इंटरनेशनल स्कूल की अंग्रेजी प्रवक्ता नभ ज्योत्सना ने बताया कि प्रश्नों का उत्तर उनके वेटेज के हिसाब से दें। अर्थात एक नंबर के लिए 10-15 शब्दों में उत्तर दें।
शिक्षा की गुणवत्ता के लिए नकल रोकना सबसे जरूरी है। इसी के लिए पंचायत एवं शिक्षा विभाग मिलकर प्रयास कर रहा है। पंचायतों के साथ बैठक कर प्लान तैयार कर लिया गया है, आशा है कि इसके परिणाम प्रभावी रहेंगे।
- धर्मबीर बल्डोदिया, डीईओ, रेवाड़ी।
विज्ञापन
पंचायतों एवं जिला पार्षदों की उम्मीद भरी पहल
पढ़ी-लिखी पंचायतों का यह असर हुआ कि उन्होंने स्वयं से गांवों में परीक्षाओं में होने वाली नकल पर लगाम लगाने के लिए शिक्षा विभाग के साथ मिलकर योजना बनाई। प्राथमिक स्तर पर सरंपचों एवं जिला पार्षदों के साथ जिला शिक्षा अधिकारी धर्मबीर ब्लडोदिया ने रेवाड़ी में बैठक की। सफल रही बैठक के बाद डीईओ ने जिले के सभी स्कूल मुखियाओं को पंचायतों के साथ बैठक करने के आदेश दिए। इसके बाद गांव-गांव में प्रिंसिपलों एवं पंचायतों ने मिलकर नकल पर रोक लगाने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
23 हजार परीक्षार्थी, 57 सेंटर, पांच फ्लाइंग स्कवॉयड, धारा-144 लागू
पिछले अनुभवों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने नकलचियों के लिए किले बंदी करने के लिए उपायुक्त डॉ. यश गर्ग सहित दो एसडीएम, एक जिला शिक्षा अधिकारी एवं एक खंड शिक्षा अधिकारी की फ्लाइंग स्कवायड का गठन किया है। पांच फ्लाइंग स्कवायड के साथ सभी 57 सेंटरों पर एक-एक आब्जर्वर तैनात रहेगा। इसी के साथ शरारती तत्व परीक्षा केंद्रों पर एकत्रित न हो इसके लिए स्कूल प्रांगण के 100 मीटर एरिये में धारा-144 लागू कर दी गई है। बता दें कि परीक्षाएं आठ मार्च से शुरू होकर दसवीं की 28 एवं 12वीं की 29 मार्च तक चलेंगे।
विज्ञापन
आधा घंटा पहले पहुंचे परीक्षा केंद्र पर
किसी भी परेशानी से बचने के लिए परीक्षार्थी सेंटर पर 10:30 पर रिपोर्ट करें, ताकि समय पर परीक्षा में बैठ सकें। इसी के साथ परीक्षा केंद्र में केवल अपनी रोल नंबर स्लिप ही लेकर जाएं, अन्यथा चेकिंग सहित अनेक प्रक्रियाओं में उनका समय बर्बाद हो सकता है। खंड शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों को 10:30 पर खोल दिया जाएगा। यहां पर पहुंच अपनी एंट्री कराने के बाद अपनी सीट पर समय पर पहुंचकर विद्यार्थी सामने आने वाली परेशानियों से बच सकते हैं।
परीक्षा केंद्र के अंदर आत्मविश्वास से आसान होगी परीक्षा
अंग्रेजी प्रवक्ता रतन कुमार मेहता ने बताया कि पेपर 80 नंबर का होगा। पेपर निर्धारित समय में पूरा करने के लिए सबसे पहले एमसीक्यू प्रश्नों को हल करें, इसके बाद सबसे पहले आसान लगने वाले प्रश्नों को हल करना चाहिए क्योंकि यह भाषा का पेपर है, इसलिए गलतियों से बचने के लिए त्रुटियों का ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र कें अंदर आत्मविश्वास बनाकर रखें तो आसानी से प्रश्रों को हल किया जा सकता है। वहीं यूरो इंटरनेशनल स्कूल की अंग्रेजी प्रवक्ता नभ ज्योत्सना ने बताया कि प्रश्नों का उत्तर उनके वेटेज के हिसाब से दें। अर्थात एक नंबर के लिए 10-15 शब्दों में उत्तर दें।
शिक्षा की गुणवत्ता के लिए नकल रोकना सबसे जरूरी है। इसी के लिए पंचायत एवं शिक्षा विभाग मिलकर प्रयास कर रहा है। पंचायतों के साथ बैठक कर प्लान तैयार कर लिया गया है, आशा है कि इसके परिणाम प्रभावी रहेंगे।
- धर्मबीर बल्डोदिया, डीईओ, रेवाड़ी।