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गांव को अपनाएं, आदर्श ग्राम बनाएं
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला।
Updated Fri, 11 Mar 2016 07:47 PM IST
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हरियाणा सरकार के सांसद आदर्श ग्राम और विधायक आदर्श ग्राम योजना की तर्ज पर पंचकूला में स्व प्रेरित आदर्श ग्राम योजना का आगाज हो गया है। इसके अंतर्गत व्यापारिक घरानों, कंपनियां, बोर्ड, ट्रस्ट और स्वैच्छिक संगठनों की भागीदारी से गांवों को आदर्श बनाया जाएगा। इस संबंध में पंचकूला के जिला सचिवालय के कांफ्रेंस हाल में बैठक हुई। बैठक में उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ ने परियोजना की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि 15 दिन में जिले का कोई भी गांव व्यापारिक घराने, कंपनियां, बोर्ड, ट्रस्ट और स्वैच्छिक संगठन खुद चुन सकते हैं। स्व-प्रेरित योजना के तहत गांव को आदर्श बनाने में यह सभी अपना सहयोग दें। इसके तहत गांवों में बुनियादी सुविधाओं को शहरी क्षेत्रों के समान बनाना है। गांवों में मानव विकास की समृद्धि बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध करवाना, अधिकारों व पात्रता तक पहुंच, सामाजिक पूंजी की समृद्धता, असमानता को कम करना, कृषि विविधिकरण पर जोर देना शामिल है।
उन्होंने कहा कि गांव को गोद लेने वाला व्यक्ति या व्यापारिक संगठन गांव में ग्राम सभा, महिला सभा, बाल सभा, व्यवसायिक समूहों, युवा क्लबों व अन्य संगठनों के साथ विचार-विमर्श कर गांव के विकास के लिए कार्य कर सकते है। उन्होंने बताया कि गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार करवाया जा सकता है। जिला उपायुक्तों या जिला स्तर के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में शिकायत निवारण शिविरों का आयोजन करवाया जा सकता है।
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इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त हेमा शर्मा, बीडीपीओ मोरनी अपूर्व कुमार व बीडीपीओ पिंजौर सुमन कादियान व बैल फैक्ट्री के महाप्रबंधक के बलजीत, हरियाणा चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रधान विष्णु गोयल, इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अरुण ग्रोवर, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान रमेश अग्रवाल, अमरटैक्स के चेयरमैन अरुण ग्रोवर, स्वमी देवी दयाल संस्थान के चेयरमैन मोतीलाल जिंदल, अमरावती एंक्लेव के चेयरमैन कुलभूषण गोयल, इंफोर्सिस के विवेक आहुजा सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
ग्राम सभा के माध्यम से पारित करवाना होगा प्रस्ताव
गांव गोद लेने के लिए व्यापारिक संगठनों या व्यक्तियों को ग्राम पंचायत चयन के लिए ग्राम सभा के माध्यम से प्रस्ताव पारित करवाना होगा। जिला प्रशासन के अधिकारी उन्हें अपना सहयोग व सुझाव देंगे। इस योजना के तहत जो गांव सांसद व विधायक द्वारा गोद लिए जा चुके है उनका चयन नहीं करना है।
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उन्होंने कहा कि 15 दिन में जिले का कोई भी गांव व्यापारिक घराने, कंपनियां, बोर्ड, ट्रस्ट और स्वैच्छिक संगठन खुद चुन सकते हैं। स्व-प्रेरित योजना के तहत गांव को आदर्श बनाने में यह सभी अपना सहयोग दें। इसके तहत गांवों में बुनियादी सुविधाओं को शहरी क्षेत्रों के समान बनाना है। गांवों में मानव विकास की समृद्धि बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध करवाना, अधिकारों व पात्रता तक पहुंच, सामाजिक पूंजी की समृद्धता, असमानता को कम करना, कृषि विविधिकरण पर जोर देना शामिल है।
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उन्होंने कहा कि गांव को गोद लेने वाला व्यक्ति या व्यापारिक संगठन गांव में ग्राम सभा, महिला सभा, बाल सभा, व्यवसायिक समूहों, युवा क्लबों व अन्य संगठनों के साथ विचार-विमर्श कर गांव के विकास के लिए कार्य कर सकते है। उन्होंने बताया कि गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार करवाया जा सकता है। जिला उपायुक्तों या जिला स्तर के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में शिकायत निवारण शिविरों का आयोजन करवाया जा सकता है।
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इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त हेमा शर्मा, बीडीपीओ मोरनी अपूर्व कुमार व बीडीपीओ पिंजौर सुमन कादियान व बैल फैक्ट्री के महाप्रबंधक के बलजीत, हरियाणा चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रधान विष्णु गोयल, इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अरुण ग्रोवर, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान रमेश अग्रवाल, अमरटैक्स के चेयरमैन अरुण ग्रोवर, स्वमी देवी दयाल संस्थान के चेयरमैन मोतीलाल जिंदल, अमरावती एंक्लेव के चेयरमैन कुलभूषण गोयल, इंफोर्सिस के विवेक आहुजा सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
ग्राम सभा के माध्यम से पारित करवाना होगा प्रस्ताव
गांव गोद लेने के लिए व्यापारिक संगठनों या व्यक्तियों को ग्राम पंचायत चयन के लिए ग्राम सभा के माध्यम से प्रस्ताव पारित करवाना होगा। जिला प्रशासन के अधिकारी उन्हें अपना सहयोग व सुझाव देंगे। इस योजना के तहत जो गांव सांसद व विधायक द्वारा गोद लिए जा चुके है उनका चयन नहीं करना है।