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पंचकूला की सड़कों की एक माह में बदल जाएगी सूरत
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला।
Updated Sat, 12 Mar 2016 01:31 AM IST
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पंचकूला की सड़कों पर लगा ग्रहण अब जल्द ही हटने वाला है। इसके लिए नगर निगम ने टेंडर तो काल किए हैं। 15 मार्च को टेंडर खोले जाएंगे। सब कुछ ठीक रहा तो पंचकूला की सड़कों की दशा एक माह में ही बदलनी शुरू हो जाएगी। निगम के अधिकारियों के अनुसार गर्मी के मौसम में सड़कों की कायाकल्प शुरू हो सकता है।
सड़क निर्माण के लिए तैयार मैटेरियल की गुणवक्ता की जांच एक लैब से नहीं करवाई जाएगी। बल्कि सड़कों की मैटेरियल की जांच तीन लैबों से करवाई जाएगी। अबकी बार सड़कों की जांच के लिए श्री राम लैब के अतिरिक्त सरकारी जांच एजेंसियों को भी साथ रखा गया है। निगम ने सड़कों के निर्माण की पहल शुक्रवार को पंचकूला सेक्टर 15 और 16 की डिवाइडिंग रोड के अधूरे कार्य को पूरा करने से कर दिया है। उम्मीद की जा रही है कि टेंडर खुलने के बाद इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कों का नंबर आएगा।
शहर के पांच वार्डों की सड़कों की वर्तमान दशा
वार्ड नंबर 15
2008 में वार्ड की इंटरनल सड़कों का निर्माण किया गया था। उसके बाद सड़कें नहीं बनी। इन सड़कों की मियाद करीब पांच साल होती है। टेंडर के बाद वर्क आर्डर इशु किया गया। जब श्रीराम लैब में सड़क मैटेरियल टेस्ट के लिए गया तो सैंपल फेल हो गया। उसके बाद काम शुरू नहीं हो पाया।
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- ओमवती पुनिया पार्षद।
वार्ड नंबर 16
2008 में वार्ड की सड़कों की रिकार्पेटिंग की गई थी। वार्ड के सेक्टरों की 70 प्रतिशत सड़कें टूट चुकी हैं। इस वार्ड के सेक्टर की सड़कों का पैचवर्क भी नहीं करवाया गया है। इस वार्ड में सेक्टर 4 की सड़कें सबसे ज्यादा टूटी हुई हैं।
- ममता मित्तल पार्षद।
वार्ड नंबर 13
जब बंसी लाल मुख्यमंत्री थे, उस समय वार्ड की मेन सड़कों की मरम्मत हुई। उसके बाद 28 मार्च 2015 को इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की सड़कों की मरम्मत का काम शुरू किया गया था। लेकिन विजिलेंस इंक्वायरी की वजह से सड़कों का काम बंद हो गया। अगले सप्ताह सड़कों का काम शुरू हो जाएगा।
- रविकांत स्वामी, पार्षद।
वार्ड नंबर 10
2009 में वार्ड की सड़कों की मरम्मत हुई थी। उसके बाद पैच वर्क से काम चलाया जा रहा है। आलम ये है कि अब यहां सड़कें कम पैच वर्क ज्यादा दिखाई देते हैं। इस वार्ड के सड़कों के निर्माण के लिए करीब डेढ़ करोड़ बजट सेंशन हुआ था। लेकिन इस बजट से वार्ड की पूरी सड़कों की
नहीं हो पाएगा।
- भावना गुप्ता, पार्षद।
क्यों फेल हुए थे सड़कों के सैंपल
जॉब मिक्स फार्मूला का डिजाइन (काली बजरी, लुक, बजरी, स्टोंस) की क्वालिटी सैंपल जांच ठेकेदारों को श्रीराम लैब से करवाने को कहा गया था। उसके बाद सड़क मैटेरियर का सैंपल ठेकेदारों ने लैब को दिया, जो पास नहीं हो पाया। उसके बाद सड़कों का निर्माण कार्य बंद हो गया। फिर निगम की हाउस मीटिंग में फैसला हुआ कि अब सैंपल की जांच तीन लैब करेंगे। बता दे कि लैब के मुताबिक इसका मुख्य कारण इस एरिया में के स्टोन की क्वालिटी अच्छी नहीं है।
कोट्स
हमने सेक्टर-15 और सेक्टर-16 की अधूरी रोड को ठीक करवाने के लिए शुक्रवार से काम शुरू करवाने के लिए मशीनरी भेज दी है। बारिश के कारण काम नहीं हो सका, लेकिन यह जल्द ही हो जाएगा। सिटी की सड़कों के लिए भी टेंडर मांगे गए हैं। 15 मार्च को यह टेंडर खुलेंगे। इसके बाद काम शुरू होगा। इस बार सड़क की क्वालिटी का खास ध्यान रखा है। इसलिए मैटेरियल की जांच के लिए तीन लैब होंगी और साथ ही एक एसडीओ की ड्यूटी लगाई जाएगी। उच्चाधिकारी भी इसको लगातार चेक करेंगे।
- जगदीप ढ़ाडा, नगर निगम कमिश्नर पंचकूला।
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सड़क निर्माण के लिए तैयार मैटेरियल की गुणवक्ता की जांच एक लैब से नहीं करवाई जाएगी। बल्कि सड़कों की मैटेरियल की जांच तीन लैबों से करवाई जाएगी। अबकी बार सड़कों की जांच के लिए श्री राम लैब के अतिरिक्त सरकारी जांच एजेंसियों को भी साथ रखा गया है। निगम ने सड़कों के निर्माण की पहल शुक्रवार को पंचकूला सेक्टर 15 और 16 की डिवाइडिंग रोड के अधूरे कार्य को पूरा करने से कर दिया है। उम्मीद की जा रही है कि टेंडर खुलने के बाद इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कों का नंबर आएगा।
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शहर के पांच वार्डों की सड़कों की वर्तमान दशा
वार्ड नंबर 15
2008 में वार्ड की इंटरनल सड़कों का निर्माण किया गया था। उसके बाद सड़कें नहीं बनी। इन सड़कों की मियाद करीब पांच साल होती है। टेंडर के बाद वर्क आर्डर इशु किया गया। जब श्रीराम लैब में सड़क मैटेरियल टेस्ट के लिए गया तो सैंपल फेल हो गया। उसके बाद काम शुरू नहीं हो पाया।
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- ओमवती पुनिया पार्षद।
वार्ड नंबर 16
2008 में वार्ड की सड़कों की रिकार्पेटिंग की गई थी। वार्ड के सेक्टरों की 70 प्रतिशत सड़कें टूट चुकी हैं। इस वार्ड के सेक्टर की सड़कों का पैचवर्क भी नहीं करवाया गया है। इस वार्ड में सेक्टर 4 की सड़कें सबसे ज्यादा टूटी हुई हैं।
- ममता मित्तल पार्षद।
वार्ड नंबर 13
जब बंसी लाल मुख्यमंत्री थे, उस समय वार्ड की मेन सड़कों की मरम्मत हुई। उसके बाद 28 मार्च 2015 को इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की सड़कों की मरम्मत का काम शुरू किया गया था। लेकिन विजिलेंस इंक्वायरी की वजह से सड़कों का काम बंद हो गया। अगले सप्ताह सड़कों का काम शुरू हो जाएगा।
- रविकांत स्वामी, पार्षद।
वार्ड नंबर 10
2009 में वार्ड की सड़कों की मरम्मत हुई थी। उसके बाद पैच वर्क से काम चलाया जा रहा है। आलम ये है कि अब यहां सड़कें कम पैच वर्क ज्यादा दिखाई देते हैं। इस वार्ड के सड़कों के निर्माण के लिए करीब डेढ़ करोड़ बजट सेंशन हुआ था। लेकिन इस बजट से वार्ड की पूरी सड़कों की
नहीं हो पाएगा।
- भावना गुप्ता, पार्षद।
क्यों फेल हुए थे सड़कों के सैंपल
जॉब मिक्स फार्मूला का डिजाइन (काली बजरी, लुक, बजरी, स्टोंस) की क्वालिटी सैंपल जांच ठेकेदारों को श्रीराम लैब से करवाने को कहा गया था। उसके बाद सड़क मैटेरियर का सैंपल ठेकेदारों ने लैब को दिया, जो पास नहीं हो पाया। उसके बाद सड़कों का निर्माण कार्य बंद हो गया। फिर निगम की हाउस मीटिंग में फैसला हुआ कि अब सैंपल की जांच तीन लैब करेंगे। बता दे कि लैब के मुताबिक इसका मुख्य कारण इस एरिया में के स्टोन की क्वालिटी अच्छी नहीं है।
कोट्स
हमने सेक्टर-15 और सेक्टर-16 की अधूरी रोड को ठीक करवाने के लिए शुक्रवार से काम शुरू करवाने के लिए मशीनरी भेज दी है। बारिश के कारण काम नहीं हो सका, लेकिन यह जल्द ही हो जाएगा। सिटी की सड़कों के लिए भी टेंडर मांगे गए हैं। 15 मार्च को यह टेंडर खुलेंगे। इसके बाद काम शुरू होगा। इस बार सड़क की क्वालिटी का खास ध्यान रखा है। इसलिए मैटेरियल की जांच के लिए तीन लैब होंगी और साथ ही एक एसडीओ की ड्यूटी लगाई जाएगी। उच्चाधिकारी भी इसको लगातार चेक करेंगे।
- जगदीप ढ़ाडा, नगर निगम कमिश्नर पंचकूला।