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पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, चार गिरफ्तार - नौकरी लगवाने के नाम पैसे ठगकर करते थे ऑनलाइन सट्टेबाजी - फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठग रहे थे बेरोजगार युवाओं को

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 04 Apr 2022 05:20 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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नारनौल। जिला पुलिस ने नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी से पैसे ठगकर ऑनलाइन सट्टेबाजी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपी हरियाणा पुलिस, फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और कोर्ट समेत विभिन्न विभागों में नौकरी दिलवाने के नाम पर करोड़ों रुपये का गबन कर ऑनलाइन सट्टेबाजी करते थे। इस मामले में पुलिस ने अब तक ऐसे 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें परीक्षित निवासी नांगल हरनाथ, धोलाराम उर्फ धोलिया निवासी कुराहवटा, रवि झांझड़िया निवासी जयपुर तथा प्रदीप  निवासी चिड़ावा जिला झूंझूनु, राजस्थान शामिल हैं। जोकि बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने के नाम पर पैसे ठगकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर देते थे और उन पैसों से ऑनलाइन सट्टेबाजी का कार्य करते थे। बता दें कि गांव बचीनी निवासी अश्वनी कुमार ने 29 अक्तूबर 2021 को सदर थाना महेंद्रगढ़ में  पुलिस को हरियाणा पुलिस में एसआई के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने की शिकायत दर्ज करवाई थी। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सबसे पहले आरोपी परीक्षित को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था जिससे पूछताछ में पुलिस ने उसके पास से ढाई लाख रुपये बरामद किए। पूछताछ में पुलिस ने आरोपी के पास से दिल्ली द्वारका से लैपटॉप, फर्जी नियुक्ति पत्र और काफी संख्या में युवकों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, मार्कशीट्स और अन्य कागजात बरामद किए थे। पुलिस ने जांच करते हुए पता लगाया कि आरोपी परीक्षित ने स्वयं का फूड कॉर्पोरेशन इंडिया का फर्जी नियुक्ति पत्र बनाया हुआ था। वहीं परिवार वालों को एफसीआई में नौकरी लगने की बात कही थी। पुलिस ने आरोपी का फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद कर जब्त कर लिया है।
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- आरोपी साथी के साथ मिलकर बनाता था फर्जी नियुक्त पत्र पुलिस कीजांच में सामने आया की आरोपी परीक्षित ने एक गिरोह बनाया हुआ है। जिनके के साथ मिलकर वह फर्जी नियुक्ति पत्र बनाता था। पुलिस ने गिरोह के सदस्य रवि झांझडिया को जयपुर से गिरफ्तार कर उसके पास से 10 लाख रुपये बरामद किए है। इसके अलावा गिरोह के सदस्य धोलाराम उर्फ धोलिया व प्रदीप को गिरफ्तार किया है। प्रदीप के पास से एक लाख 60 हजार रुपये बरामद किए। आरोपी धोलाराम से पूछताछ में पुलिस ने पता लगाया कि वह लोगों से पैसे की उगाही करता था और उन्हें सरगना द्वारा बताए गए खातों में भेजता था।
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- गिरोह सदस्यों ने 22 लोगों से ठगे एक करोड़ 60 लाख रुपये पुलिस के अनुसार गिरोह ने करीब 22 लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी की हुई है। पुलिस ने आरोपियों से अब तक करीब 14 लाख की नकदी बरामद की है और उनके करीब 100 खातों को सील करवाकर लगभग 1 करोड़ 40 लाख रुपये राशि फ्रीज करवाई है। इस मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा का चुका है। पुलिस के अनुसार मामले में अभी ओर गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं।
- लोगों से पैसे ठगकर आरोपी करते थे ऑनलाइन सट्टेबाजी पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ में पता लगाया कि वे लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर ठगे गए पैसों से ऑनलाइन सट्टेबाजी का कार्य करते थे। आरोपी मोबाइल एप के माध्यम से सट्टेबाजी का कार्य करते थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह में सोशल मीडिया के माध्यम से करीब 70 हजार लोग जुड़े हुए हैं। गिरोह का नेटवर्क जयपुर, मुबंई तक फैला हुआ है। इस प्रकार गिरोह के सदस्यों का किसी बड़े गिरोह के साथ होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। पुलिस द्वारा गिरोह पर जुआ अधिनियम के तहत अलग से मामला दर्ज किया गया है।
------------------------------------ 25 लाख रुपये में हुआ था सौदा तयः अश्वनी ने शिकायत में बताया कि आरोपी परीक्षित निवासी नांगल हरनाथ एवं उसके एक रिश्तेदार से हरियाणा पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर नौकरी लगवाने के लिए 25 लाख रुपये का सौदा तय हुआ था। आरोपियों ने दावा किया था कि नौकरी न लगने पर दस दिन में पैसे वापस कर देंगे। एक दिन अश्वनी ने 14 लाख रुपये खाते में तथा इसके बाद अलग-अलग समय पर कभी खातें तो कभी ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए थे। पीड़ित उनको 22.50 लाख रुपये उनको दे चुका था। इसके बाद आरोपी न तो उसको नौकरी लगवाई और न ही पैसे वापस दिए। शिकायत अनुसार पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।
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