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गाड़ी लूट की झूठी सूचना देने वाला काबू
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sun, 06 Mar 2016 11:14 PM IST
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लूट की झूठी सूचना देने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। व्यक्ति को पुलिस सोमवार को कोर्ट में पेश करेगी। पुलिस के अनुसार शनिवार देर रात पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि एक एक कार को रिवाल्वर के दम पर लूट कर बदमाश फरार हो गए हैं।
लूट की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी जिले में नाकेबंदी करने के आदेश दे दिए और पुलिस अधीक्षक स्वयं घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने गाड़ी चालक राकेश पुत्र श्रीराम निवासी अलवर ने पूछताछ में बताया कि रेवाड़ी रोड नीरपुर के पास से कार छीन कर ले गए। उसने पुलिस को बताया कि वह अलवर से नारनौल की बुकिंग लेकर आया था। इसके बाद नारनौल बस स्टैंड से चार सवारी अलवर की बैठाई जिसमें एक महिला भी थी। जब वह बाछौद पहुंचा तो एक व्यक्ति ने पीछे रिवाल्वर लगा दी। जिसके बाद वे गाड़ी की सीट की जेब में रखे 21 हजार रुपये और गाड़ी लेकर फरार हो गए। इस बात को लेकर पुलिस अधीक्षक को शंका हुई तो उसने सदर थाना प्रभारी से निर्देश दिया की वह गाड़ी चालक से कड़ाई से पूछताछ करें और मामले की हकीकत पूछे।
सदर थाना प्रभारी ने गाड़ी चालक राकेश से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया की उसकी कार 22 फरवरी को अलवर टैक्सी स्टेंड पर कार्य करने वाला लड़का विक्रम जोकि दिल्ली का रहने वाला बताता था अपने परिवार सदस्यों को घुमाने के लिए बुकिंग लेकर आया था। उसने विक्रम से कहा कि वह हिमाचल में गाड़ी नहीं चला सकता। इस पर उसने कहा कि वह गाड़ी लेकर चला जाता है व किराया दे देगा। विक्रम जायलो गाड़ी को लेकर चला गया। जिसके पास फोन किया तो किसी कारणवश उसका मोबाइल बंद आया। उसके दिमाग में बात आई की क्यों न पुलिस को लूट की सूचना बनाकर पेश किया जाए। पुलिस अपने आप ही गाड़ी को हिमाचल से बरामद कर लेगी। उसने सोचा की अलवर पुलिस उसकी बात पर विश्वास नहीं करेगी इसलिए उसने नारनौल लूट की झूठी कहानी बना डाली। पुलिस ने लूट की झूठी सूचना देकर बरगलाने वाले राकेश पुत्र श्रीराम के खिलाफ पुलिस ने झूठी सूचना देकर व बरगलाने का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।
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लूट की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी जिले में नाकेबंदी करने के आदेश दे दिए और पुलिस अधीक्षक स्वयं घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने गाड़ी चालक राकेश पुत्र श्रीराम निवासी अलवर ने पूछताछ में बताया कि रेवाड़ी रोड नीरपुर के पास से कार छीन कर ले गए। उसने पुलिस को बताया कि वह अलवर से नारनौल की बुकिंग लेकर आया था। इसके बाद नारनौल बस स्टैंड से चार सवारी अलवर की बैठाई जिसमें एक महिला भी थी। जब वह बाछौद पहुंचा तो एक व्यक्ति ने पीछे रिवाल्वर लगा दी। जिसके बाद वे गाड़ी की सीट की जेब में रखे 21 हजार रुपये और गाड़ी लेकर फरार हो गए। इस बात को लेकर पुलिस अधीक्षक को शंका हुई तो उसने सदर थाना प्रभारी से निर्देश दिया की वह गाड़ी चालक से कड़ाई से पूछताछ करें और मामले की हकीकत पूछे।
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सदर थाना प्रभारी ने गाड़ी चालक राकेश से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया की उसकी कार 22 फरवरी को अलवर टैक्सी स्टेंड पर कार्य करने वाला लड़का विक्रम जोकि दिल्ली का रहने वाला बताता था अपने परिवार सदस्यों को घुमाने के लिए बुकिंग लेकर आया था। उसने विक्रम से कहा कि वह हिमाचल में गाड़ी नहीं चला सकता। इस पर उसने कहा कि वह गाड़ी लेकर चला जाता है व किराया दे देगा। विक्रम जायलो गाड़ी को लेकर चला गया। जिसके पास फोन किया तो किसी कारणवश उसका मोबाइल बंद आया। उसके दिमाग में बात आई की क्यों न पुलिस को लूट की सूचना बनाकर पेश किया जाए। पुलिस अपने आप ही गाड़ी को हिमाचल से बरामद कर लेगी। उसने सोचा की अलवर पुलिस उसकी बात पर विश्वास नहीं करेगी इसलिए उसने नारनौल लूट की झूठी कहानी बना डाली। पुलिस ने लूट की झूठी सूचना देकर बरगलाने वाले राकेश पुत्र श्रीराम के खिलाफ पुलिस ने झूठी सूचना देकर व बरगलाने का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।
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