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जाट आंदोलन में हुई हिंसा की होनी चाहिए मौजूदा जज से जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, कुुुरुक्षेत्र
Updated Thu, 10 Mar 2016 02:04 AM IST
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जाट आरक्षण
- फोटो : भव्य नरेश
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प्रदेश के पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा की जाट आन्दोलन के दौरान हुई हिंसा की सीटिंग जज से जांच होनी चाहिए, क्योंकि पुलिस, प्रशासन पर जनता को कोई भरोसा नहीं रहा है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा बुधवार को कुरुक्षेत्र पहुंचे और पिपली पैराकीट में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उनके साथ पूर्व वित्त मंत्री हरमोहिन्द्र सिंह, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. रामप्रकाश, वरिष्ट नेता मेवा सिंह, पवन गर्ग सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। हुड्डा ने कहा की भाजपा सरकार पूर्ण रुप से विफल रही है सरकार में बैठे सभी मंत्रियों और विधायकों को नैतिकता के आधार पर सीट छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने कहा की प्रो. विरेन्द्र सिंह उनके राजनैतिक सलाहकार नहीं है बल्कि नके एक साथी है। इस समय उनके पास राजनैतिक सलाहाकार का कोई पद नहीं है। वे हमारे दोस्त है सरकार अपनी नाकामी दूसरों पर थोपना चाहती है।
वहीं उन्होंने इस बात को भी खारिज किया कि पार्टी में किसी भी प्रकार का कोई मदभेद नहीं है। पार्टी में सभी कार्यकर्ता एक दूसरे के साथी हैं। उन्होंने यह भी कहा की हिंसा के मामले में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा उनकी भी इंक्वायरी होनी चाहिए जो मुख्यमंत्री की कुर्सी हथियाना चाहते थे। पूर्व सीएम के अनुसार केन्द्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है और अब एसवाईएल नहर में पानी आ जाना चाहिए।
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उनके साथ पूर्व वित्त मंत्री हरमोहिन्द्र सिंह, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. रामप्रकाश, वरिष्ट नेता मेवा सिंह, पवन गर्ग सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। हुड्डा ने कहा की भाजपा सरकार पूर्ण रुप से विफल रही है सरकार में बैठे सभी मंत्रियों और विधायकों को नैतिकता के आधार पर सीट छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने कहा की प्रो. विरेन्द्र सिंह उनके राजनैतिक सलाहकार नहीं है बल्कि नके एक साथी है। इस समय उनके पास राजनैतिक सलाहाकार का कोई पद नहीं है। वे हमारे दोस्त है सरकार अपनी नाकामी दूसरों पर थोपना चाहती है।
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वहीं उन्होंने इस बात को भी खारिज किया कि पार्टी में किसी भी प्रकार का कोई मदभेद नहीं है। पार्टी में सभी कार्यकर्ता एक दूसरे के साथी हैं। उन्होंने यह भी कहा की हिंसा के मामले में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा उनकी भी इंक्वायरी होनी चाहिए जो मुख्यमंत्री की कुर्सी हथियाना चाहते थे। पूर्व सीएम के अनुसार केन्द्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है और अब एसवाईएल नहर में पानी आ जाना चाहिए।
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