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मंत्रीजी, मेरे बेटे की मौत को 70 लाख में बेच दिया पुलिस ने
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र।
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:55 AM IST
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समस्या सुनते मंत्री कांबाोज
- फोटो : amar ujala
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मंत्री जी, मेरी व्यथा आज तक किसी पुलिस अधिकारी ने नहीं सुनी। मैं अपना जवान बेटा खो चुका हूं...। पुलिस और डॉक्टरों ने मिलकर मेरे बेटे की मौत बेच दी है। मेरे बेटे की हत्या हुई लेकिन मिलीभगत करके उसे आत्महत्या करार दे दिया गया। मैं आपको सारी बात बताना चाहता हूं, प्लीज मुुझे पूरा समय दिया जाए...। यह व्यथा ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में एक पिता ने सुनाई है। अपने बेेटे की मौत को हत्या बताते हुए इस पिता ने पुलिस और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही इस पूरे मामले की दोबारा जांच करवाने की मांग की है।
बृहस्पतिवार को सुबह पंचायत भवन में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक हुई। करीब साढ़े 11 बजे जब ऊंटशाल निवासी श्यामलाल को अपनी समस्या बताने के लिए कहा गया तो श्यामलाल सहित उसका पूरा परिवार फफक-फफक कर रो पड़ा। श्यामलाल ने माइक संभाला तो आंखों में आसुंओं के साथ जबान पर दिल का दर्द भी उमड़ पड़ा। श्यामलाल ने जब बोलना शुरू किया तो वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। यहां तक कि पुलिस अधिकारी भी अवाक से उसका मुंह ताक रहे थे। खुद मंत्री भी हैरानी से उसके एक-एक शब्द को ध्यान से सुन रहे थे। एक बारगी पूरे भवन में खामोशी छा गई। सिर्फ श्यामलाल का दर्द सुनाई दे रहा था। जब आवाज में सिसकियां बढ़ने लगी तब राज्य मंत्री कर्णदेव कंबोज ने पूरे परिवार को सांत्वना दी और पूरी बात आराम से बताने के लिए कहा।
हत्या को आत्महत्या में बदलने का आरोप
श्याम लाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसका 20 वर्षीय बेटा बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था, जो हर रोज की तरह घर से पढने के लिए यूनिवर्सिटी गया था। वह घर नहीं लौटा। वह उसे खोजने लगे तो किसी ने उसे बताया कि वह आ जाएगा। इसी से उन्हें कुछ आशंका हुई। इसके कई दिनों बाद उसके पास ब्रह्मसरोवर से शव मिलने की सूचना मिली तो उसने कपड़ों से अपने बेटे की पहचान की। उसने आरोप लगाए कि उसे पता चला था कि उसके बेटे को मारने का लगभग 15 दिन पहले ही प्लान बना लिया गया था। जिसके पीछे एक महिला के साथ अवैध संबंध होने के आरोप भी लगाए गए। श्यामलाल ने बताया कि शव मिलने के बाद उसकी हत्या करने वाले अब तक फरार है। श्यामलाल ने आरोप लगाया कि इसके बाद से ही वह लगातार पुलिस के चक्कर काटता रहा। लेकिन पुलिस उसे न्याय दिलाने की बजाए आरोपियों के पक्ष में हो गई और उसके बेटे की हत्या को आत्महत्या का रुप दे दिया गया। यहां तक कि चिकित्सकों से मिलकर उसके शव का पोस्टमार्टम भी करवा दिया गया। श्यामलाल का आरोप है कि मेरे बेटे की मौत को 70 लाख रुपये में बेच दिया।
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आज तक नहीं लिए पुलिस ने बयान
श्याम लाल ने आरोप लगाए कि शव मिलने से लेकर आज तक पुलिस ने उसके कहीं पर भी बयान तक दर्ज नहीं किए। जबकि पुलिस मामले की जांच कर उसे निपटाए जाने का दावा कर रही है। उसने आरोप लगाए कि वह न्याय न मिलने पर गांव छोड़ने को मजबूर है। श्यामलाल ने कहा कि यदि इस मामले की दोबारा जांच नहीं की गई तो परिवार सहित कुछ भी कदम उठा सकता है।
स्टेट क्राइम रिपोर्ट में भी आत्महत्या हुई साबित : डीएसपी
बैठक में मामले को लेकर जवाब दे रही डीएसपी नुपूर बिश्नोई ने सफाई में कहा कि पहले स्थानीय स्तर पर मामले की जांच की गई। जिसमें सामने आया था कि आरोपी के बेटे की मौत शराब के नशे में पानी में गिरने से हुई। इसके बाद मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को भेजा गया, जहां एफएसएल और चिकित्सकों की रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद मौत का कारण आत्महत्या ही पाया गया था। इसके बाद मामला बंद किया गया। डीएसपी ने बताया कि उन्होंने भी मामले की जांच की, जिसमें भी कोई नया परिणाम सामने नहीं आया। बावजूद मामला अदालत में विचाराधीन है।
दोबारा जांच पर मंत्री ने दिया भरोसा
श्याम लाल ने आरोप लगाए कि पहले की गई जांच में पुलिस पूरी तरह से बिक गई थी और उसे न्याय नहीं मिला। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की पूरी जांच दोबारा से करवाई जाए। इस पर मंत्री कंबोज ने पहले अदालत में आवेदन करने को कहा। लेकिन श्यामलाल अड़ा रहा और कहा कि आप जांच कराइये। इस पर मंत्री ने उसे आवेदन देने के लिए कहा और आश्वासन दिया कि उसे न्याय दिलाया जाएगा।
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बृहस्पतिवार को सुबह पंचायत भवन में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक हुई। करीब साढ़े 11 बजे जब ऊंटशाल निवासी श्यामलाल को अपनी समस्या बताने के लिए कहा गया तो श्यामलाल सहित उसका पूरा परिवार फफक-फफक कर रो पड़ा। श्यामलाल ने माइक संभाला तो आंखों में आसुंओं के साथ जबान पर दिल का दर्द भी उमड़ पड़ा। श्यामलाल ने जब बोलना शुरू किया तो वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। यहां तक कि पुलिस अधिकारी भी अवाक से उसका मुंह ताक रहे थे। खुद मंत्री भी हैरानी से उसके एक-एक शब्द को ध्यान से सुन रहे थे। एक बारगी पूरे भवन में खामोशी छा गई। सिर्फ श्यामलाल का दर्द सुनाई दे रहा था। जब आवाज में सिसकियां बढ़ने लगी तब राज्य मंत्री कर्णदेव कंबोज ने पूरे परिवार को सांत्वना दी और पूरी बात आराम से बताने के लिए कहा।
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हत्या को आत्महत्या में बदलने का आरोप
श्याम लाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसका 20 वर्षीय बेटा बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था, जो हर रोज की तरह घर से पढने के लिए यूनिवर्सिटी गया था। वह घर नहीं लौटा। वह उसे खोजने लगे तो किसी ने उसे बताया कि वह आ जाएगा। इसी से उन्हें कुछ आशंका हुई। इसके कई दिनों बाद उसके पास ब्रह्मसरोवर से शव मिलने की सूचना मिली तो उसने कपड़ों से अपने बेटे की पहचान की। उसने आरोप लगाए कि उसे पता चला था कि उसके बेटे को मारने का लगभग 15 दिन पहले ही प्लान बना लिया गया था। जिसके पीछे एक महिला के साथ अवैध संबंध होने के आरोप भी लगाए गए। श्यामलाल ने बताया कि शव मिलने के बाद उसकी हत्या करने वाले अब तक फरार है। श्यामलाल ने आरोप लगाया कि इसके बाद से ही वह लगातार पुलिस के चक्कर काटता रहा। लेकिन पुलिस उसे न्याय दिलाने की बजाए आरोपियों के पक्ष में हो गई और उसके बेटे की हत्या को आत्महत्या का रुप दे दिया गया। यहां तक कि चिकित्सकों से मिलकर उसके शव का पोस्टमार्टम भी करवा दिया गया। श्यामलाल का आरोप है कि मेरे बेटे की मौत को 70 लाख रुपये में बेच दिया।
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आज तक नहीं लिए पुलिस ने बयान
श्याम लाल ने आरोप लगाए कि शव मिलने से लेकर आज तक पुलिस ने उसके कहीं पर भी बयान तक दर्ज नहीं किए। जबकि पुलिस मामले की जांच कर उसे निपटाए जाने का दावा कर रही है। उसने आरोप लगाए कि वह न्याय न मिलने पर गांव छोड़ने को मजबूर है। श्यामलाल ने कहा कि यदि इस मामले की दोबारा जांच नहीं की गई तो परिवार सहित कुछ भी कदम उठा सकता है।
स्टेट क्राइम रिपोर्ट में भी आत्महत्या हुई साबित : डीएसपी
बैठक में मामले को लेकर जवाब दे रही डीएसपी नुपूर बिश्नोई ने सफाई में कहा कि पहले स्थानीय स्तर पर मामले की जांच की गई। जिसमें सामने आया था कि आरोपी के बेटे की मौत शराब के नशे में पानी में गिरने से हुई। इसके बाद मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को भेजा गया, जहां एफएसएल और चिकित्सकों की रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद मौत का कारण आत्महत्या ही पाया गया था। इसके बाद मामला बंद किया गया। डीएसपी ने बताया कि उन्होंने भी मामले की जांच की, जिसमें भी कोई नया परिणाम सामने नहीं आया। बावजूद मामला अदालत में विचाराधीन है।
दोबारा जांच पर मंत्री ने दिया भरोसा
श्याम लाल ने आरोप लगाए कि पहले की गई जांच में पुलिस पूरी तरह से बिक गई थी और उसे न्याय नहीं मिला। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की पूरी जांच दोबारा से करवाई जाए। इस पर मंत्री कंबोज ने पहले अदालत में आवेदन करने को कहा। लेकिन श्यामलाल अड़ा रहा और कहा कि आप जांच कराइये। इस पर मंत्री ने उसे आवेदन देने के लिए कहा और आश्वासन दिया कि उसे न्याय दिलाया जाएगा।