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वीआईपी लिफ्ट खराब, प्रशासन ने बढ़ा दिया सीएम का दर्द
सोमदत्त शर्मा/करनाल,अमर उजाला
Updated Sat, 12 Mar 2016 12:17 AM IST
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मुुख्यमंत्री
- फोटो : ब्यूराो
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लघु सचिवालय में आशा पदयात्रा का स्वागत करने पहुंचे प्रदेश के मुुख्यमंत्री मनोहर लाल का पीठ दर्द प्रशासन ने और बढ़ा दिया। अव्यवस्था व लापरवाही के कारण लघु सचिवालय की वीआईपी लिफ्ट खराब मिली, आनन फानन में सौ कदम दूरी ज्यादा तय कराने के बाद सामान्य लिफ्ट से सीएम को प्रथम तल तक ले जाया गया।
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बाद में वे छड़ी के सहारे सीढ़ियों से नीचे उतरे। दर्द सीएम के चेहरे पर साफ झलका भी, इसका असर यह रहा कि उन्होंने से मीडिया से बात जरूर की, लेकिन आरक्षण, एसवाईएल नहर व प्रो, विरेंद्र सिंह से जुड़े सवालों का कोई जवाब नहीं दिया और उन्होंने चुप्पी साथ ली। सीएम के अलावा कई पूर्व उम्रदराज मंत्रियों को सीढ़ियों से चढ़ना और उतरना पड़ा। जिला प्रशासन की इस लापरवाही से भाजपा के नेताओं में भी भारी रोष है।
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बता दें कि एक दिन पहले सीएम का कार्यक्रम करनाल आने का तय हो गया था, लेकिन इसके लिए अधिकारियों ने उस स्तर पर तैयारियां नहीं की। हालांकि, वीरवार तक सीएम का कार्यक्रम पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस और डिवेंचर होटल का था, लेकिन सुबह कार्यक्रम चेंज हो गया। इसकी जानकारी सुबह ही प्रशासन को मिल गई थी। बावजूद इसके जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तैयारी नहीं की। लघु सचिवालय की तीनों लिफ्ट खराब हैं, आनन फानन में चेक कराया तो वीआईपी लिफ्ट नहीं चली, बाद में एक सामान्य लिफ्ट को ठीक कराया।
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इसी दौरान सीएम मनोहर लाल लघु सचिवालय पहुंचे तो वे सीधे वीआईपी लिफ्ट की तरफ जाने लगे, लेकिन वहां पर प्रशासन द्वारा बाकायदा अधिकारी तैनात किए गए थे और खराब लिफ्ट कहकर उन्हें लघु सचिवालय के दूसरे छोर की ओर पैदल ले जाया गया। लिफ्ट से सीएम को प्रथम तल पर ले जाया गया और वहां पर फिर से सीएम को चक्कर लगाकर सभागार तक जाना पड़ा। कार्यक्रम के बाद सीएम ने लंबा चक्कर होने के कारण लिफ्ट से जाने से इंकार करते हुए सीढ़ियों से जाने को कहा। सीएम हाथ में छड़ी लेकर स्टाफ के साथ सीढ़ियों से धीरे-धीरे उतरे। पिछले दिनों हुए कमर दर्द का असर सीएम के चेहरे पर साफ झलका।
इतना ही नहीं 86 वर्षीय पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आईडी स्वामी व 76 साल के पूर्व उद्योगमंत्री शशिपाल मेहता को भी सीढ़ियों से चढ़ना और उतरना पड़ा। दोनों नेताओं के चेहरे पर भी अव्यवस्था का दर्द झलका। हालांकि, उन्होंने कहा कुछ नहीं। उधर, लघु सचिवालय में फरियाद के लिए आने वाले दिव्यांगों को भी अधिकारियों के कार्यालयों तक जाने के लिए पसीना बहाना पड़ा। दिव्यांग अधिकारियों और सरकार को कोसते हुए सीढ़ियां चढ़ते और उतरते रहे।
सिर्फ यात्रा पर बोले, अन्य सवालों पर साधी चुप्पी
करीब 25 मिनट तक लघु सचिवालय में रहे सीएम ने पत्रकारों से केवल आशा यात्रा पर बात की। मीडिया ने जाट आरक्षण, प्रो. विरेंद्र सिंह की गिरफ्तारी समेत कई सवाल दागे, लेकिन सीएम ने चुप्पी साध ली। एसवाईएल नहर के सवाल पर सीएम ने कहा कि वे इस मामले में पहले बयान दे चुके हैं और सर्वदलीय बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा।