फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   jind news, hindi news, jat reseravation

14 मार्च को जिला स्तर पर धरना देगी जाट आरक्षण संघर्ष समिति

Sat, 12 Mar 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
ब्यूरो/अमर उजाला जींद Updated Sat, 12 Mar 2016 11:47 PM IST
विज्ञापन
jind news, hindi news, jat reseravation
जाट आरक्षण - फोटो : bureau
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति 14 मार्च को प्रदेश भर में आरक्षण की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना देगी। धरना देकर सरकार 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया जाएगा। इस दौरान यदि सरकार जाटों के आरक्षण के लिए कुछ नहीं करती तो जाट नेता अपने-अपने स्थानों पर आंदोलन शुरू कर देंगे।
विज्ञापन

समिति के जिलाध्यक्ष कैप्टन रणधीर सिंह चहल ने कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी जाट नेता ने हिंसा व लूट का समर्थन नहीं किया। न ही कोई जाट नेता इसमें शामिल हुआ।
विज्ञापन


कैप्टन चहल के अनुसार समिति 14 मार्च को दोपहर 11 से एक बजे तक धरना दिया जाएगा। इसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। कैप्टन चहल ने मांग की कि जिन लोगों ने जातीय जहर फैलाकर हिंसा कराई, उनके खिलाफ देशद्रोह के केस दर्ज हों और निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए। चहल के अनुसार इस बार देश के सभी उन 13 राज्यों में जाट आरक्षण का आंदोलन होगा, जहां जाट हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार को सुझाया रोड मैप
पत्रकार वार्ता में समिति के जिलाध्यक्ष ने सरकार को आरक्षण का रोड मैप भी सुझाया। कैप्टन चहल ने कहा कि फिलहाल ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। इसमें बीसी ए में 71 जातियां और बीसी बी में पांच जातियां हैं। अभी आरक्षण में तीन प्रतिशत बढ़ाने की गुंजाइश है। तीन प्रतिशत बढ़ाकर जाटों को ओबीसी में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ईबीसी आधार पर आरक्षण देती है तो यह जाटों को स्वीकारय नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed