{"_id":"56dc7d074f1c1b334e8b45bb","slug":"district-council-chairman-election-cancel-bjp-congress-inld-fatehabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं पहुंचा कोई पार्षद, जिप चेयरमैन चुनाव स्थगित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं पहुंचा कोई पार्षद, जिप चेयरमैन चुनाव स्थगित
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Mon, 07 Mar 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
बैठक
- फोटो : fatehabad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वही हुआ जिसका अंदेशा जताया जा रहा था। फतेहाबाद जिला परिषद के चेयरमैन के चुनाव के लिए बुलाई गई पहली बैठक कोरम पूरा ना होने के चलते स्थगित कर दी गई। जिले के 18 जिला परिषद पार्षदों में से एक भी पार्षद मीटिंग में नहीं पहुंचा। विपक्षी मोर्चे के लिए राहत की बात यह रही कि कस्वां दंपति भी अब बीजेपी विरोधी मोर्चे का हिस्सा बन गए हैं। इससे इस गुट की संख्या 9 से बढ़कर 11 हो गई है।
अमर उजाला ने दो दिन पहले ही प्रकाशित कर दिया था कि विरोधी मोर्चे के रामचंद्र सहनाल सहित कई पार्षद राजेश कस्वां को विरोधी गुट में शामिल होने का न्यौता देकर आए हैं। इस सारे घटनाक्रम में बीजेपी के जिप पार्षद भी नजर नहीं आए और साथ ही वार्ड-5 की पार्षद युक्ति गोदारा भी बैठक से नदारद रहीं। हालांकि, उनके चुनाव का दायित्व संभालने वाले एडवोकेट सुशील बिश्नोई जरूर लघु सचिवालय पहुंचे।
सुबह से ही तैनात हो गई थी पुलिस फोर्स, एक घंटे तक अधिकारियों ने किया इंतजार
जिला परिषद की बैठक में चेयरमैन के चुनाव के मद्देनजर रविवार सुबह से लघु सचिवालय में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। लघु सचिवालय में सुरक्षा का जिम्मा खुद सिटी एसएचओ दिनेश कुमार संभाले हुए थे। मीटिंग के लिए तय किए 11 बजे से ठीक 10 मिनट पहले एडीसी जेके अभीर लघु सचिवालय पहुंचे और उन्होंने उपायुक्त कार्यालय के बैठक कक्ष में 12 बजे तक जिला परिषद सदस्यों का इंतजार किया।
विज्ञापन
इससे पहले दो ईवीएम भी चुनाव के लिए बैठक कक्ष में सुबह ही पहुंचा दी गई थीं। 12 बजे तक भी जब कोई जिप पार्षद बैठक में नहीं पहुंचा तो 12 बजकर 5 मिनट पर एडीसी जेके आभीर ने बैठक स्थगित करने का औपचारिक एलान कर दिया। उन्होंने कहा कि अगली बैठक की तारीख जल्द घोषित कर दी जाएगी।
अब ये रहेगी विपक्षी मोर्चे की रणनीति
रविवार को होने वाली पहली बैठक से पहले अपने सदस्यों की संख्या 9 से बढ़ाकर 11 कर भाजपा विरोधी मोर्चे ने पहली नैतिक जीत तो हासिल कर ली है। अगर वो एक और सदस्य जुटा लेते तो रविवार को ही चुनाव का फैसला हो जाता लेकिन अब ऐसा हो नहीं सका। हालांकि आगे की राह विरोधी मोर्चे के लिए ज्यादा आसान है। अब अगली बैठक में जिप चेयरमैन चुनाव के लिए दो तिहाई सदस्यों की मौजूदगी की अनिवार्यता नहीं रहेगी।
अगर अगली बैठक तक विरोधी मोर्चा अपने पार्षद बरकरार रख पाता है तो उनका चेयरमैन बनना तय है। दरअसल, अगली बैठक में जितने पार्षद पहुंचेंगे, उनमें से बहुमत के आधार पर ही अध्यक्ष चुन लिया जाएगा। विरोधी मोर्चे के पास 11 पार्षद हैं। अगर यही 11 पार्षद अगली बैठक में विरोधी गुट के सदस्य के तौर पर ही पहुंचते हैं तो उनके पास साधारण बहुमत से ही चेयरमैन बनाने का मौका होगा। इतना ही नहीं, जिप उपाध्यक्ष भी उनके गुट का ही बनाया जा सकता है। हालांकि, अगली बैठक में अध्यक्ष पद का चुनाव करवाने के लिए कम से कम तीन पार्षदों का पहुंचना जरूरी होगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ने दो दिन पहले ही प्रकाशित कर दिया था कि विरोधी मोर्चे के रामचंद्र सहनाल सहित कई पार्षद राजेश कस्वां को विरोधी गुट में शामिल होने का न्यौता देकर आए हैं। इस सारे घटनाक्रम में बीजेपी के जिप पार्षद भी नजर नहीं आए और साथ ही वार्ड-5 की पार्षद युक्ति गोदारा भी बैठक से नदारद रहीं। हालांकि, उनके चुनाव का दायित्व संभालने वाले एडवोकेट सुशील बिश्नोई जरूर लघु सचिवालय पहुंचे।
विज्ञापन
सुबह से ही तैनात हो गई थी पुलिस फोर्स, एक घंटे तक अधिकारियों ने किया इंतजार
जिला परिषद की बैठक में चेयरमैन के चुनाव के मद्देनजर रविवार सुबह से लघु सचिवालय में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। लघु सचिवालय में सुरक्षा का जिम्मा खुद सिटी एसएचओ दिनेश कुमार संभाले हुए थे। मीटिंग के लिए तय किए 11 बजे से ठीक 10 मिनट पहले एडीसी जेके अभीर लघु सचिवालय पहुंचे और उन्होंने उपायुक्त कार्यालय के बैठक कक्ष में 12 बजे तक जिला परिषद सदस्यों का इंतजार किया।
विज्ञापन
इससे पहले दो ईवीएम भी चुनाव के लिए बैठक कक्ष में सुबह ही पहुंचा दी गई थीं। 12 बजे तक भी जब कोई जिप पार्षद बैठक में नहीं पहुंचा तो 12 बजकर 5 मिनट पर एडीसी जेके आभीर ने बैठक स्थगित करने का औपचारिक एलान कर दिया। उन्होंने कहा कि अगली बैठक की तारीख जल्द घोषित कर दी जाएगी।
अब ये रहेगी विपक्षी मोर्चे की रणनीति
रविवार को होने वाली पहली बैठक से पहले अपने सदस्यों की संख्या 9 से बढ़ाकर 11 कर भाजपा विरोधी मोर्चे ने पहली नैतिक जीत तो हासिल कर ली है। अगर वो एक और सदस्य जुटा लेते तो रविवार को ही चुनाव का फैसला हो जाता लेकिन अब ऐसा हो नहीं सका। हालांकि आगे की राह विरोधी मोर्चे के लिए ज्यादा आसान है। अब अगली बैठक में जिप चेयरमैन चुनाव के लिए दो तिहाई सदस्यों की मौजूदगी की अनिवार्यता नहीं रहेगी।
अगर अगली बैठक तक विरोधी मोर्चा अपने पार्षद बरकरार रख पाता है तो उनका चेयरमैन बनना तय है। दरअसल, अगली बैठक में जितने पार्षद पहुंचेंगे, उनमें से बहुमत के आधार पर ही अध्यक्ष चुन लिया जाएगा। विरोधी मोर्चे के पास 11 पार्षद हैं। अगर यही 11 पार्षद अगली बैठक में विरोधी गुट के सदस्य के तौर पर ही पहुंचते हैं तो उनके पास साधारण बहुमत से ही चेयरमैन बनाने का मौका होगा। इतना ही नहीं, जिप उपाध्यक्ष भी उनके गुट का ही बनाया जा सकता है। हालांकि, अगली बैठक में अध्यक्ष पद का चुनाव करवाने के लिए कम से कम तीन पार्षदों का पहुंचना जरूरी होगा।