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दंगों के विरोध में भिवानी रहा बंद, सड़क पर उतरे गैर जाट बिरादरी के लोग
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Wed, 09 Mar 2016 12:51 AM IST
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भिवानी बंद
- फोटो : अमर उजाला
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए दंगों और तोड़फोड़ के विरोध में मंगलवार को दोपहर तक भिवानी बंद रहा। ज्यादातर मार्केट बंद रही। गैर जाट बिरादरी की आदर्श समाज कमेटी के आह्वान पर जुटे लोग सड़क पर उतरे और शहर में प्रदर्शन किया। एक प्रशासनिक अधिकारी समेत 11 पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों की लिस्ट का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम एडीसी को सौंपा। इन 11 लोगों को तोड़फोड़ और मारपीट का जिम्मेदार ठहराते हुए इन्हें बर्खास्त करने की मांग की गई है। जनसभा में सांसद राज कुमार सैनी तो नहीं आ सके मगर उन्होंने फोन के माध्यम से लोगों को संबोधित किया।
मंगलवार को गैर जाट बिरादरी की आदर्श समाज कमेटी के आह्वान पर लोग नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई तोड़फोड़, आगजनी व हिंसक घटनाओं के विरोध में बाजार बंद रहे। दोपहर एक बजे तक भिवानी बंद रहा। नेहरू पार्क के बाहर जनसभा हुई। जिसमें सांसद राज कुमार सैनी को आना था मगर वह नहीं आ सके। जिसके बाद उन्होंने फोन के माध्यम से भाषण दिया। भाषण में सरकारी दबाव और पुन: हरियाणा को आग को भट्ठी नहीं बनाने की बात कहते हुए उन्होंने नहीं आने के लिए सरकारी दबाव को जिम्मेवार बताया। सांसद सैनी ने एकजुट रहने का आह्वान करते हुए अपने हकों के लिए जागरूक रहने की बात कही।
जनसभा में वक्ताओं ने दंगों पर रोष जताते हुए पूरे मामले की जांच करने, दोषियों पर कार्रवाई करने और निर्दोषों पर दर्ज मुकदमे खारिज करने की मांग की। जनसभा के बाद सभी जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए हांसी गेट, पुराना बस स्टैंड, चिड़ियाघर मार्ग होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम एडीसी को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में पूर्व नप चेयरमैन मामनचंद, रमेश तंवर, मदन वर्मा, ठाकुर विक्रम सिंह, राजेंद्र तंवर, विनोद चावला, रमेश टांक, बिशंबर अरोड़ा, अमन राघव, विजय टैणी, धर्मबीर ठेकेदार, आरके शर्मा, भगवानदास धानक, ज्ञानीराम वाल्मीकि, शिवकुमार प्रजापति, लालचंद जांगड़ा, विजय यादव, नवीन धमीजा, जगदीश सैनी, सुरेश सैनी, महासिंह रंगा, रामकिशन शर्मा, विष्णु केड़िया, राजकुमार यादव, सुरेश प्रजापति, रामकिशन शर्मा, प्रवीण देवसरिया, वीरभान जांगड़ा, प्रेम गुर्जर, सुशील लोटा, दिनेश यादव, कैप्टन गुगन सिंह, महावीर डालमिया, अजीत सूई, जितेंद्र पराशर,अरूण गौड़ , राजेंद्र सोनी, रणधीर तंवर, विक्रम तंवर, रमेश वर्मा, सुनील बाक्सर आदि शामिल रहे।
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प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में आंदोलन के दौरान लापरवाही बरतने वाले एक प्रशासनिक अधिकारी और 10 अन्य पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को बर्खास्त करने की मांग की। साथ ही निर्दोष लोगों पर बनाए गए मामले खारिज करने, आंदोलनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज करने, पीड़ितों को तुरंत पूरा मुआवजा दिए जाने, 27 फीसदी आरक्षण से छेड़छाड़ नहीं करने, उपद्रव करने वालों से नुकसान की भरवाई करने, जाति विशेष के मंत्रियों की भूमिका की न्यायिक जांच करवाने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद खुले बाजार
आदर्श समाज कमेटी की ओर से आहूत बंद के चलते दोपहर एक बजे तक अधिकतर मुख्य बाजार बंद रहे। दोपहर जैसे ही प्रदर्शन खत्म हुआ लोगों ने अपनी दुकानें खोलनी शुरू कर दी और चंद मिनटों में ही पूरे बाजार खुल गए। हालांकि सुबह बाजार बंद होने के कारण आमजन को भी परेशानी उठानी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान घंटाघर से पुराना बस स्टैंड तक लंबा जाम लगा रहा और वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे।
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मंगलवार को गैर जाट बिरादरी की आदर्श समाज कमेटी के आह्वान पर लोग नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई तोड़फोड़, आगजनी व हिंसक घटनाओं के विरोध में बाजार बंद रहे। दोपहर एक बजे तक भिवानी बंद रहा। नेहरू पार्क के बाहर जनसभा हुई। जिसमें सांसद राज कुमार सैनी को आना था मगर वह नहीं आ सके। जिसके बाद उन्होंने फोन के माध्यम से भाषण दिया। भाषण में सरकारी दबाव और पुन: हरियाणा को आग को भट्ठी नहीं बनाने की बात कहते हुए उन्होंने नहीं आने के लिए सरकारी दबाव को जिम्मेवार बताया। सांसद सैनी ने एकजुट रहने का आह्वान करते हुए अपने हकों के लिए जागरूक रहने की बात कही।
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जनसभा में वक्ताओं ने दंगों पर रोष जताते हुए पूरे मामले की जांच करने, दोषियों पर कार्रवाई करने और निर्दोषों पर दर्ज मुकदमे खारिज करने की मांग की। जनसभा के बाद सभी जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए हांसी गेट, पुराना बस स्टैंड, चिड़ियाघर मार्ग होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम एडीसी को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में पूर्व नप चेयरमैन मामनचंद, रमेश तंवर, मदन वर्मा, ठाकुर विक्रम सिंह, राजेंद्र तंवर, विनोद चावला, रमेश टांक, बिशंबर अरोड़ा, अमन राघव, विजय टैणी, धर्मबीर ठेकेदार, आरके शर्मा, भगवानदास धानक, ज्ञानीराम वाल्मीकि, शिवकुमार प्रजापति, लालचंद जांगड़ा, विजय यादव, नवीन धमीजा, जगदीश सैनी, सुरेश सैनी, महासिंह रंगा, रामकिशन शर्मा, विष्णु केड़िया, राजकुमार यादव, सुरेश प्रजापति, रामकिशन शर्मा, प्रवीण देवसरिया, वीरभान जांगड़ा, प्रेम गुर्जर, सुशील लोटा, दिनेश यादव, कैप्टन गुगन सिंह, महावीर डालमिया, अजीत सूई, जितेंद्र पराशर,अरूण गौड़ , राजेंद्र सोनी, रणधीर तंवर, विक्रम तंवर, रमेश वर्मा, सुनील बाक्सर आदि शामिल रहे।
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प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में आंदोलन के दौरान लापरवाही बरतने वाले एक प्रशासनिक अधिकारी और 10 अन्य पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को बर्खास्त करने की मांग की। साथ ही निर्दोष लोगों पर बनाए गए मामले खारिज करने, आंदोलनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज करने, पीड़ितों को तुरंत पूरा मुआवजा दिए जाने, 27 फीसदी आरक्षण से छेड़छाड़ नहीं करने, उपद्रव करने वालों से नुकसान की भरवाई करने, जाति विशेष के मंत्रियों की भूमिका की न्यायिक जांच करवाने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद खुले बाजार
आदर्श समाज कमेटी की ओर से आहूत बंद के चलते दोपहर एक बजे तक अधिकतर मुख्य बाजार बंद रहे। दोपहर जैसे ही प्रदर्शन खत्म हुआ लोगों ने अपनी दुकानें खोलनी शुरू कर दी और चंद मिनटों में ही पूरे बाजार खुल गए। हालांकि सुबह बाजार बंद होने के कारण आमजन को भी परेशानी उठानी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान घंटाघर से पुराना बस स्टैंड तक लंबा जाम लगा रहा और वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे।