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मौसम की बेरुखी, पूरा दिन चलती रही बारिश, किसान टेंशन में
ब्यूरो /अमर उजाला, अंबाला
Updated Sun, 13 Mar 2016 01:07 AM IST
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अंबाला में मौसम की बेरुखी ने किसानों की चिंताएं उस वक्त बढ़ा दी है जब किसानों की गेहूं फसल पकने के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। गेहूं की बालियां तैयार हो चुकी है और अब तेज धूप में इस गेहूं को पकना शुरू होना था, लेकिन उससे पहले ही अंबाला में हुई बारिश ने किसानों के होश उड़ा दिए हैं। इतना ही नहीं बराड़ा इलाके में ओले पड़ने से तो किसानों की चिंता ज्यादा बढ़ी हुई है। क्योंकि यहां ओले गिरने से किसानों की फसल को थोड़ा नुकसान हो गया है। दूसरा, तेज बारिश के साथ चलने वाली हवा की वजह फसलें भी बिछ गई है। ये फसलें यदि न उठी और खेतों के भीतर से पानी न निकला तो बिछी हुई ये फसलें भी बर्बाद हो जाएगी।
ये है बरसात की स्थिति
अंबाला में शुक्रवार देररात करीबन सवा ग्यारह बजे बारिश शुरू हो गई थी। उसके बाद रातभर रिमझिम बारिश चलती रही। लेकिन शनिवार सुबह झमाझम बारिश शुरू हो गई। शनिवार को सुबह से लेकर रात तक रूक-रूककर झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। शनिवार देररात तक बारिश जारी रही।
नग्गल बेल्ट में गेहूं को सबसे ज्यादा खतरा
अंबाला में अस्सी हजार हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में गेहूं की फसल लगी हुई है। लेकिन अब बारिश की वजह गेहूं की फसल पर खतरा बना हुआ है। दरअसल, लगातार हो रही बारिश की वजह से अंबाला की नग्गल बेल्ट में सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है। चूंकि ये इलाका लो लाइन एरिया है, इसलिए यहां खेतों में पानी इकट्ठा हो चुका है। उधर, बराड़ा इलाके में भी हुई ओलावृष्टि से गेहूं की बालियों को नुकसान पहुंचा है। इसके अतिरिक्त जिले भर में तेज हवाओं की वजह से फसलें तक बिछ गई है। अब यदि खेतों में पानी लगातार खड़ा रहता है, तो गिरी हुई फसलें नहीं उठ पाएंगीं और पानी की वजह से ये सड़कर नष्ट हो जाएगी। दूसरा, यदि झमाझम बारिश और ओलावृष्टि जारी रहती है, तो अंबाला के अन्य हिस्सों में भी गेहूं की फसलें बर्बाद हो सकती है।
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आज भी जारी रहेगी बारिश
किसानों के लिए इसलिए भी टेंशन की बात यह है कि दो दिन अभी बारिश और रहेगी। 13 मार्च को जहां मेघगर्जन और बिजली वाली तूफानी हवाओं के साथ बारिश होगी, वहीं 14 मार्च को भी आंधी के साथ आसमान में बादल छाए रहेगी, हल्की बारिश भी हो सकती है। 15 मार्च को आसमान में आशिंक बादल छाए रहेंगे, जबकि 16 मार्च को आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। 17 मार्च को फिर से बादल छाए रहेंगे। जबकि 18 मार्च को बादल छाए रहने के साथ-साथ फिर तूफानी हवाएं चलेंगी।
विशेषज्ञों की चिंतित किसानों को राय
कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्ट गिरीश नागपाल ने बताया कि इस वक्त किसानों को घबराने की बजाए थोड़ी एक्सरसाइज करनी पड़ेगी। ये बारिश लो लाइन एरिया के लिए ज्यादा खतरनाक है। इसलिए बारिश के बाद अब से किसान अपने गेहूं के खेतों का नियमित दौरा करें व खेत में पानी खड़ा न रहने दें ।
गेहूं की पत्तियों पर अगर पीले रंग की धारियां देखने को मिले तो इसकेनियंत्रण हेतु प्रोपीकोनाजोल 25 ईसी का घोल बनाकर छिड़काव करें, एक एकड़ में 200 मिलीलीटर दवाई 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें, इस रोग के प्रकोप व फैलाव को रोकने के लिए दूसरा छिड़काव 15 से 20 दिन के अंतराल पर करें।
इन खेतों से पानी निकासी का उचिस प्रबंध करें तथा सरसों एवं दलहन की कटी पड़ी फसलों के कीड़े एवं बीमारी से बचाने के लिए उलटते पलटते रहें, धूप निकलने पर कटी फसल को सूखने के बाद तिरपाल से ढके।
आलू की फसल को भी नुकसान
बराड़ा इलाके में हुई ओलावृष्टि से अभी तक लंबी किस्मों व आलू की फसल को 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल बुरी तरह से बिछ गई जिसके चलते उत्पादन एवं गुणवत्ता पर दुष्प्रभाव पड़ता स्वाभाविक है। कृषि विशेषज्ञों ने आलू उत्पादकों से भी आह्वान किया है वे खेतों में पानी न खड़ा होने दें। इस वक्त खेतों से पानी निकासी पर किसान खास ध्यान दें।
परेशान किसान मांग रहे दुआएं
उधर, किसान जगमाल सिंह, सुरेश सिंह, जसविंद्र सिंह, कुलवंत सिंह, अच्छर सिंह, चौधरी चरण सिंह, तेजपाल राणा व सोहन सिंह का के अनुसार वे लोग इस वक्त ज्यादा परेशान है, क्योंकि उनके खेत लो लाइन एरिया में पड़ते हैं, खेतों में फसलें बिछ चुकी है और वहां पानी भी खड़ा है। अभी बारिश तो थम नहीं रही है, जब बारिश थमेगी, तो खेतों में निकासी की ओर ध्यान देंगे। पिछली बार भी कुदरत ने गेहूं की फसल को खराब किया था, इस बार फिर से वही हालत बनते दिख रहे हैं। उनके अनुसार इस वक्त तो वे ईश्वर से दुआ कर रहे हैं कि फसल पकने तक मेहरबानी कर, ताकि किसानों की फसल बच सके।
उधर, शहरों में बारिश ने बढ़ाई मुसीबतें
बारिश ने शहरों में भी खासी मुसीबतें बढ़ाई रखी। अंबाला सिटी व अंबाला कैंट के निचले इलाकों में पानी खड़ा हो गया। गलियां पानी से लबालब रही, हैरानी की बात यह कि नेशनल हाइवे नंबर एक पर जीआरपी एसपी आफिस से थोड़ा से आगे हाल ही बनाई गए नए हाइवे की सर्विस लाइन में ही पानी खड़ा हो गया। वाहन चालकों खासकर दोपहिया वाहन चालकों को बहुत परेशानी उठानी पड़ी। इसी तरह नेशनल हाइवे पर ही सिटी की मोटरमार्केट के साथ भी टूटी सड़क पर खड़ा पानी परेशानी का सबब बना। कैंट की राय मार्केट, रामनगर, गोबिंद नगर और उन इलाकों में जहां सड़के जर्जर व टूटी पड़ी है, उस इलाके में भी बारिश की वजह से गड्डों में पानी खड़ा रहा और लोगों का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया। सारा दिन चली बारिश की वजह से ट्विनसिटी के बाजार भी जहां बैरौनक दिखे, वहीं कीचड़ और जलभराव की वजह से कई दुकानदारों का कामकाज ठप सा ही रहा। सारा दिन लोग बारिश की वजह से पनपी परेशानियों से जूझते रहे और म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला के जलनिकासी के दावों को कोसते रहे। दूसरी ओर, इस बारिश की वजह से फिजां में एकबार फिर से ठंडक बढ़ गई, जिससे लोग ने फिर से स्वेटर, जैकेटों और शालों का सहारा लिया।
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ये है बरसात की स्थिति
अंबाला में शुक्रवार देररात करीबन सवा ग्यारह बजे बारिश शुरू हो गई थी। उसके बाद रातभर रिमझिम बारिश चलती रही। लेकिन शनिवार सुबह झमाझम बारिश शुरू हो गई। शनिवार को सुबह से लेकर रात तक रूक-रूककर झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। शनिवार देररात तक बारिश जारी रही।
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नग्गल बेल्ट में गेहूं को सबसे ज्यादा खतरा
अंबाला में अस्सी हजार हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में गेहूं की फसल लगी हुई है। लेकिन अब बारिश की वजह गेहूं की फसल पर खतरा बना हुआ है। दरअसल, लगातार हो रही बारिश की वजह से अंबाला की नग्गल बेल्ट में सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है। चूंकि ये इलाका लो लाइन एरिया है, इसलिए यहां खेतों में पानी इकट्ठा हो चुका है। उधर, बराड़ा इलाके में भी हुई ओलावृष्टि से गेहूं की बालियों को नुकसान पहुंचा है। इसके अतिरिक्त जिले भर में तेज हवाओं की वजह से फसलें तक बिछ गई है। अब यदि खेतों में पानी लगातार खड़ा रहता है, तो गिरी हुई फसलें नहीं उठ पाएंगीं और पानी की वजह से ये सड़कर नष्ट हो जाएगी। दूसरा, यदि झमाझम बारिश और ओलावृष्टि जारी रहती है, तो अंबाला के अन्य हिस्सों में भी गेहूं की फसलें बर्बाद हो सकती है।
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आज भी जारी रहेगी बारिश
किसानों के लिए इसलिए भी टेंशन की बात यह है कि दो दिन अभी बारिश और रहेगी। 13 मार्च को जहां मेघगर्जन और बिजली वाली तूफानी हवाओं के साथ बारिश होगी, वहीं 14 मार्च को भी आंधी के साथ आसमान में बादल छाए रहेगी, हल्की बारिश भी हो सकती है। 15 मार्च को आसमान में आशिंक बादल छाए रहेंगे, जबकि 16 मार्च को आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। 17 मार्च को फिर से बादल छाए रहेंगे। जबकि 18 मार्च को बादल छाए रहने के साथ-साथ फिर तूफानी हवाएं चलेंगी।
विशेषज्ञों की चिंतित किसानों को राय
कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्ट गिरीश नागपाल ने बताया कि इस वक्त किसानों को घबराने की बजाए थोड़ी एक्सरसाइज करनी पड़ेगी। ये बारिश लो लाइन एरिया के लिए ज्यादा खतरनाक है। इसलिए बारिश के बाद अब से किसान अपने गेहूं के खेतों का नियमित दौरा करें व खेत में पानी खड़ा न रहने दें ।
गेहूं की पत्तियों पर अगर पीले रंग की धारियां देखने को मिले तो इसकेनियंत्रण हेतु प्रोपीकोनाजोल 25 ईसी का घोल बनाकर छिड़काव करें, एक एकड़ में 200 मिलीलीटर दवाई 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें, इस रोग के प्रकोप व फैलाव को रोकने के लिए दूसरा छिड़काव 15 से 20 दिन के अंतराल पर करें।
इन खेतों से पानी निकासी का उचिस प्रबंध करें तथा सरसों एवं दलहन की कटी पड़ी फसलों के कीड़े एवं बीमारी से बचाने के लिए उलटते पलटते रहें, धूप निकलने पर कटी फसल को सूखने के बाद तिरपाल से ढके।
आलू की फसल को भी नुकसान
बराड़ा इलाके में हुई ओलावृष्टि से अभी तक लंबी किस्मों व आलू की फसल को 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल बुरी तरह से बिछ गई जिसके चलते उत्पादन एवं गुणवत्ता पर दुष्प्रभाव पड़ता स्वाभाविक है। कृषि विशेषज्ञों ने आलू उत्पादकों से भी आह्वान किया है वे खेतों में पानी न खड़ा होने दें। इस वक्त खेतों से पानी निकासी पर किसान खास ध्यान दें।
परेशान किसान मांग रहे दुआएं
उधर, किसान जगमाल सिंह, सुरेश सिंह, जसविंद्र सिंह, कुलवंत सिंह, अच्छर सिंह, चौधरी चरण सिंह, तेजपाल राणा व सोहन सिंह का के अनुसार वे लोग इस वक्त ज्यादा परेशान है, क्योंकि उनके खेत लो लाइन एरिया में पड़ते हैं, खेतों में फसलें बिछ चुकी है और वहां पानी भी खड़ा है। अभी बारिश तो थम नहीं रही है, जब बारिश थमेगी, तो खेतों में निकासी की ओर ध्यान देंगे। पिछली बार भी कुदरत ने गेहूं की फसल को खराब किया था, इस बार फिर से वही हालत बनते दिख रहे हैं। उनके अनुसार इस वक्त तो वे ईश्वर से दुआ कर रहे हैं कि फसल पकने तक मेहरबानी कर, ताकि किसानों की फसल बच सके।
उधर, शहरों में बारिश ने बढ़ाई मुसीबतें
बारिश ने शहरों में भी खासी मुसीबतें बढ़ाई रखी। अंबाला सिटी व अंबाला कैंट के निचले इलाकों में पानी खड़ा हो गया। गलियां पानी से लबालब रही, हैरानी की बात यह कि नेशनल हाइवे नंबर एक पर जीआरपी एसपी आफिस से थोड़ा से आगे हाल ही बनाई गए नए हाइवे की सर्विस लाइन में ही पानी खड़ा हो गया। वाहन चालकों खासकर दोपहिया वाहन चालकों को बहुत परेशानी उठानी पड़ी। इसी तरह नेशनल हाइवे पर ही सिटी की मोटरमार्केट के साथ भी टूटी सड़क पर खड़ा पानी परेशानी का सबब बना। कैंट की राय मार्केट, रामनगर, गोबिंद नगर और उन इलाकों में जहां सड़के जर्जर व टूटी पड़ी है, उस इलाके में भी बारिश की वजह से गड्डों में पानी खड़ा रहा और लोगों का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया। सारा दिन चली बारिश की वजह से ट्विनसिटी के बाजार भी जहां बैरौनक दिखे, वहीं कीचड़ और जलभराव की वजह से कई दुकानदारों का कामकाज ठप सा ही रहा। सारा दिन लोग बारिश की वजह से पनपी परेशानियों से जूझते रहे और म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला के जलनिकासी के दावों को कोसते रहे। दूसरी ओर, इस बारिश की वजह से फिजां में एकबार फिर से ठंडक बढ़ गई, जिससे लोग ने फिर से स्वेटर, जैकेटों और शालों का सहारा लिया।