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भूखमरी से मर रहे बेसहारा पशुओं की युवा मिटा रहे भूख, रोत 100 पशुओं को दे रहे हैं हरा व सूखा चारा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 06 Apr 2020 02:21 AM IST
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death of animal
अंबाला। लॉकडाउन की वजह से अब बेसहारा जानवर भी भूखे मर रहे हैं। चारा न मिल पाने की वजह से कई गायें तो सड़कों पर ही दम तोड़ चुकी हैं। ऐसे में भूख से मर रहे इन जानवरों को बचाने के लिए युवा कांग्रेस की ओर से मुहिम चलाई गई है। इन जानवरों को न केवल चारा दिया जा रहा है बल्कि बीमार पशुओं का उपचार भी करवाया जा रहा है। हालांकि लॉकडाउन की वजह से चारे की भी भारी किल्लत हो रही है। फिर भी युवा रोज करीब 100 पशुओं को चारा दे रहे हैं। युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तरुण चुघ ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से अब बेसहारा पशुओं को भी कुछ खाने नहीं मिल रहा है। भूख के कारण सेक्टर-7 में दो पशु दम तोड़ गए। भूख से बिलखते ऐसे बेसहारा पशुओं की जान बचाने के लिए ही उन्होंने मुहिम शुरू कई। इस मुहिम में उनके साथी राहुल अग्रवााल, नरेंद्र मनोचा, राजू जंडली व पुनीत कुमार अहम भूमिका निभा रहे हैं। पशुओं के लिए रोज करीब दो क्विंटल हरा व सूखा चारा जुटाया जा रहा है। जबकि कुत्ते व दूसरे जानवरों के लिए रोटी की व्यवस्था की जाती है। चूंकि लॉकडाउन की वजह से हरे चारे की भारी किल्लत है इसलिए अभी मॉडल टाउन, प्रेमनगर, पुलिस लाइन, सेक्टर-1 व 7 के आसपास घूमने वाले बेसहारा पशुओं की ही भूख मिटाई जा रही है। अभी जंडली से ही चारा मिल पा रहा है। वे खुद अपनी गाड़ियों में भरकर चारा लाकर पशुओं के आगे परोसते हैं।
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