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टिकटेड वेडिंग ट्रेंड: ना खर्च ना सात फेरे फिर भी शादी वाला स्वैग, क्या है जेन-जी का 'फेक वेडिंग सेलिब्रेशन'?
Wed, 28 Oct 2026 05:00 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Wed, 28 Oct 2026 05:00 PM IST
सार
बिना शादी, सात फेरों और बड़े खर्च के भी वेडिंग सेलिब्रेशन का मजा। टिकट खरीदकर युवा डांस, म्यूजिक और नए लोगों से मिलने का मौका पा रहे हैं। आखिर क्यों Gen-Z के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है यह अनोखा ट्रेंड?
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क्या है Gen-Z का फेक वेडिंग ट्रेंड?
- फोटो : एआई जनरेटेड
विस्तार
जब भी हम किसी शादी के बारे में सोचते हैं, तो दिमाग में क्या आता है? चमचमाती लाइटें, स्टाइलिश कपड़े, बॉलीवुड के गाने, अलग-अलग तरह का खाना और खूब सारी मस्ती। यानी हर तरफ जश्न, इमोशन और रौनक। किन सोचिए, अगर शादी में असली दूल्हा-दुल्हन ही न हों तो? न सात फेरे, न रिश्तेदारों की भीड़ और न ही विदाई के आंसू। बस गाना, डांस, खाना और पार्टी! सी कॉन्सेप्ट को कहते हैं ‘फेक वेडिंग’ यानी नकली शादी। भारत के बड़े शहरों में यह ट्रेंड धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है। इसमें लोग असली शादी किए बिना शादी जैसा माहौल एन्जॉय करने के लिए इकट्ठा होते हैं।
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फेक वेडिंग आखिर है क्या?
फेक वेडिंग को ‘टिकटेड वेडिंग’ या ‘स्टेज्ड शादी’ भी कहा जाता है। इसकी शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऐसे पार्टी कॉन्सेप्ट से हुई, जहां लोग शादी वाले कपड़े पहनकर इकट्ठा तो होते हैं, लेकिन असल में किसी की शादी नहीं होती। इसे ऐसे समझिए कि शादी की तरह ही शानदार वेन्यू है, खूबसूरत कपड़े हैं, म्यूजिक है, खाना है, डांस है और स्टेज पर दूल्हा-दुल्हन भी मौजूद हैं। लेकिन ट्विस्ट ये है कि दोनों सच में शादी नहीं कर रहे होते। न कोई कानूनी प्रक्रिया होती है और न ही शादी निभाने की कोई जिम्मेदारी। खास बात यह है कि यहां शादी की रस्मों, परिवार की उम्मीदों या शादी से जुड़ी जिम्मेदारियों का दबाव नहीं होता।
फेक वेडिंग को ‘टिकटेड वेडिंग’ या ‘स्टेज्ड शादी’ भी कहा जाता है। इसकी शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऐसे पार्टी कॉन्सेप्ट से हुई, जहां लोग शादी वाले कपड़े पहनकर इकट्ठा तो होते हैं, लेकिन असल में किसी की शादी नहीं होती। इसे ऐसे समझिए कि शादी की तरह ही शानदार वेन्यू है, खूबसूरत कपड़े हैं, म्यूजिक है, खाना है, डांस है और स्टेज पर दूल्हा-दुल्हन भी मौजूद हैं। लेकिन ट्विस्ट ये है कि दोनों सच में शादी नहीं कर रहे होते। न कोई कानूनी प्रक्रिया होती है और न ही शादी निभाने की कोई जिम्मेदारी। खास बात यह है कि यहां शादी की रस्मों, परिवार की उम्मीदों या शादी से जुड़ी जिम्मेदारियों का दबाव नहीं होता।
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फेक वेडिंग
- फोटो : एआई जनरेटेड
आखिर फेक वेडिंग क्यों कर रहे हैं युवा?
इसका मकसद सिर्फ मस्ती करना, दोस्तों के साथ समय बिताना, सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाना या शादी की परंपराओं को एक नए अंदाज में देखना है। इस ट्रेंड को खासतौर पर जेन-जी यानी युवा पीढ़ी पसंद कर रहे है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा कुछ आयोजकों के दावों से लगाया जा सकता है। उनके मुताबिक, बड़े शहरों में नकली शादी के आयोजन करने से जुड़ी पूछताछ बढ़ी है।
फेक वेडिंग का कितना है टिकट?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फेक वेडिंग में शामिल होने के लिए आपको टिकट खरीदना पड़ता है। इसकी कीमत आमतौर पर करीब 1,500 रुपये से शुरू होकर 15,000 रुपये या उससे ज्यादा तक जा सकती है। टिकट की कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि पार्टी कहां हो रही है और वहां खाने-पीने से लेकर दूसरी सुविधाएं कैसी हैं।
इसका मकसद सिर्फ मस्ती करना, दोस्तों के साथ समय बिताना, सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाना या शादी की परंपराओं को एक नए अंदाज में देखना है। इस ट्रेंड को खासतौर पर जेन-जी यानी युवा पीढ़ी पसंद कर रहे है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा कुछ आयोजकों के दावों से लगाया जा सकता है। उनके मुताबिक, बड़े शहरों में नकली शादी के आयोजन करने से जुड़ी पूछताछ बढ़ी है।
फेक वेडिंग का कितना है टिकट?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फेक वेडिंग में शामिल होने के लिए आपको टिकट खरीदना पड़ता है। इसकी कीमत आमतौर पर करीब 1,500 रुपये से शुरू होकर 15,000 रुपये या उससे ज्यादा तक जा सकती है। टिकट की कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि पार्टी कहां हो रही है और वहां खाने-पीने से लेकर दूसरी सुविधाएं कैसी हैं।
क्यों बढ़ रहा है यह ट्रेंड?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस ट्रेंड की बढ़ती लोकप्रियता बताती है कि आज के युवा जश्न मनाने के नए मौके तलाश रहे हैं। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि यह ट्रेंड फिलहाल कुछ समय के लिए ही है, लेकिन आगे चलकर इसकी लोकप्रियता बढ़ भी सकती है।
इसका एक और दिलचस्प पहलू है। कई बार लोग अपने दोस्तों या रिश्तेदारों की असली शादी में शामिल नहीं हो पाते। ऐसे में फेक वेडिंग उन्हें शादी जैसा माहौल जीने और नए लोगों से मिलने का मौका देती है।
जेन-जी की नई सोच: शादी नहीं, सिर्फ सेलिब्रेशन
फेक वेडिंग का ट्रेंड समझने के लिए यह समझना जरूरी है कि आज की युवा पीढ़ी शादी को किस नजरिए से देखती है। पहले शादी को जिंदगी का जरूरी हिस्सा माना जाता था, लेकिन अब कई युवा इसे अपनी पसंद और लाइफस्टाइल से जोड़कर देखते हैं।
शादी के खूबसूरत कपड़े, हल्दी की रस्म, दोस्तों के साथ सेल्फी और बॉलीवुड गानों पर डांस। ये सब अब शादी के सबसे मजेदार हिस्से बन गए हैं। जेन-जी इन्हीं पलों का मजा लेना चाहती है, लेकिन इसके लिए शादी के बंधन में बंधना जरूरी नहीं समझती।
दरअसल, आज के सोशल मीडिया के दौर में लोग अपनी जिंदगी के खास पलों को दूसरों के साथ शेयर करना चाहते हैं। ऐसे में फेक वेडिंग उन्हें दोस्तों के साथ जश्न मनाने, नए लोगों से मिलने और यादगार तस्वीरें खिंचवाने का मौका देती है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस ट्रेंड की बढ़ती लोकप्रियता बताती है कि आज के युवा जश्न मनाने के नए मौके तलाश रहे हैं। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि यह ट्रेंड फिलहाल कुछ समय के लिए ही है, लेकिन आगे चलकर इसकी लोकप्रियता बढ़ भी सकती है।
इसका एक और दिलचस्प पहलू है। कई बार लोग अपने दोस्तों या रिश्तेदारों की असली शादी में शामिल नहीं हो पाते। ऐसे में फेक वेडिंग उन्हें शादी जैसा माहौल जीने और नए लोगों से मिलने का मौका देती है।
जेन-जी की नई सोच: शादी नहीं, सिर्फ सेलिब्रेशन
फेक वेडिंग का ट्रेंड समझने के लिए यह समझना जरूरी है कि आज की युवा पीढ़ी शादी को किस नजरिए से देखती है। पहले शादी को जिंदगी का जरूरी हिस्सा माना जाता था, लेकिन अब कई युवा इसे अपनी पसंद और लाइफस्टाइल से जोड़कर देखते हैं।
शादी के खूबसूरत कपड़े, हल्दी की रस्म, दोस्तों के साथ सेल्फी और बॉलीवुड गानों पर डांस। ये सब अब शादी के सबसे मजेदार हिस्से बन गए हैं। जेन-जी इन्हीं पलों का मजा लेना चाहती है, लेकिन इसके लिए शादी के बंधन में बंधना जरूरी नहीं समझती।
दरअसल, आज के सोशल मीडिया के दौर में लोग अपनी जिंदगी के खास पलों को दूसरों के साथ शेयर करना चाहते हैं। ऐसे में फेक वेडिंग उन्हें दोस्तों के साथ जश्न मनाने, नए लोगों से मिलने और यादगार तस्वीरें खिंचवाने का मौका देती है।